तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने केंद्र से धान खरीद पर 24 घंटे में जवाब मांगा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने केंद्र से धान खरीद पर 24 घंटे में जवाब मांगा

नयी दिल्ली। केंद्र सरकार की धान खरीद नीति के खिलाफ प्रदर्शन तेज करते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सोमवार को अपनी पार्टी द्वारा यहां आयोजित एक धरने की अगुवाई की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को चेतावनी दी कि वह राज्य से धान खरीदने के सवाल का 24 घंटे में जवाब दे। राव ने केंद्र सरकार के जवाब नहीं देने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी। तेलंगाना में 2014 में तेलंगाना राष्ट्र समिति के सत्ता में आने के बाद पार्टी की दिल्ली में यह पहली विरोध प्रदर्शन रैली है।

चंद्रशेखर राव के बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामराव और पार्टी के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों तथा राज्य के सभी मंत्रियों ने धरना दिया। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत ने भी यहां धरना स्थल पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के साथ एकजुटता दिखाई। राव ने यहां तेलंगाना भवन में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेताओं के साथ धरना देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देने के अंदाज में कहा, ‘‘हमारे किसानों की भावनाओं के साथ मत खेलिए, उनके पास सरकार गिराने की ताकत है। इतिहास गवाह है जब भी किसानों के लिए मुश्किलें पैदा की गयीं, सरकारें गिर गयीं।’’

राव ने कहा, ‘‘मैं मोदी जी और (उपभोक्‍ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष) गोयल जी से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि अन्य राज्यों की तरह तेलंगाना में धान खरीदें। हम धान खरीद संबंधी हमारी मांग पर आपके जवाब का 24 घंटे तक इंतजार करेंगे। इसके बाद, हम फैसला करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि देश के किसान भिखारी नहीं हैं और वे अपनी पैदावार के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि चालू रबी की फसल से धान नहीं खरीदकर तेलंगाना के किसानों के साथ नाइंसाफी की गयी है। राव ने दावा किया कि राज्य से इस रबी की फसल से करीब 15 लाख टन उसना या सेला चावल नहीं खरीदा गया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर धान खरीद पर विरोधाभासी बयन देने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से रबी के सीजन में धान नहीं उगाने को कहा और जब ऐसा किया जा रहा था तो केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी संजय ने किसानों को धान पैदा करने के लिए ‘उकसाया’ और पूरी फसल खरीदने का वादा किया।
राव ने आरोप लगाया कि उनके मंत्री और सांसदों के साथ उचित बर्ताव नहीं किया गया और जब वे मामले में बातचीत करने के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास पहुंचे तो उन्हें घंटों तक इंतजार कराया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह व्यवहार उचित है? क्या केंद्र सरकार इस तरह की गंभीरता से चलायी जाती है?’’ मुख्यमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र की नीति कृषि क्षेत्र को कॉर्पोरेट जगत के हवाले करने की है। उन्होंने मांग की कि केंद्र को एक नयी एकीकृत कृषि नीति बनानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित केंद्र सरकार ‘षड्यंत्र’ की सरकार चला रही है, जनता की नहीं। राव ने कहा कि सरकार के खिलाफ बोलने वालों को सीबीआई जैसी एजेंसियों की तरफ से नोटिस भेजे जाते हैं। राव ने धान खरीद पर राष्ट्रीय राजधानी में तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेताओं के धरने वाले दिन हैदराबाद में भाजपा नेताओं के प्रदर्शन करने पर सवाल उठाया।

केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर 13 महीने तक प्रदर्शन की सफलता पर टिकैत की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने भाकियू नेता के देशभर में शुरू किये जाने वाले ‘महासंग्राम’ को समर्थन जताया। इन कानूनों को केंद्र द्वारा वापस लिये जाने का जिक्र करते हुए राव ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री माफी मांगने में मास्टर हैं। जब भी चुनाव आते हैं, वह माफी मांग लेते हैं। हाल में उन्होंने माफी मांगी और वह आगे भी ऐसा कर सकते हैं।’’ तेलंगाना सरकार केंद्र से मांग कर रही है कि वह मौजूदा रबी मौसम में राज्य से उसना (सेला) चावल खरीदे, लेकिन केंद्र का कहना है कि कि वह केवल कच्चा चावल ही खरीद सकता है और वह उसना चावल नहीं खरीद सकता, क्योंकि इसका भारत में बड़े पैमाने पर खाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

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