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स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी ने पिता को बताया हीरो, राजनीतिक भविष्य पर कहा- मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ

उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। उत्तर प्रदेश भाजपा में उथल-पुथल भी जारी है। इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य भाजपा छोड़ देंगी? माना जा रहा था कि जिस तरीके से स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा का दामन छोड़ा और समाजवादी पार्टी में शामिल हुए, ठीक उसी तरह उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य भी भाजपा से बाय-बाय कह देंगी। इन तमाम सवालों के बीच संघमित्रा मौर्य ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी है। अपने पोस्ट में संघमित्रा मौर्य ने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य को अपना हीरो बताया है। संघमित्रा मौर्य ने इस बात को भी साफ कर दिया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करते रहेंगी।अपने फेसबुक पोस्ट में संघमित्रा मौर्य ने लिखा कि मैं कुछ मांगू और पूरा ना हो, ऐसा तो हालात नहीं। मैं पुकारूं और पापा ना सुने, इतने भी हम दूर नहीं। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि पिता और बेटी का रिश्ता दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता है। मैं देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के मुझे बेटी के रूप में मेरे पिता से मांगे हुए वचन से बंधी हुई हूं। अपने पोस्ट में संघमित्रा मौर्य ने आगे लिखा कि सोशल मीडिया पर जब अशोभनीय शब्द पढ़ती हैं तब ऐसा नहीं है कि जवाब नहीं दे सकती, ऐसा भी नहीं है कि फैसला नहीं ले सकती। लेकिन तभी आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के द्वारा पिता से बोले गए शब्द कि ‘मौर्य जी यह बेटी अब हमारी बेटी है यह बेटी हम ने ले ली’ गूंज जाते हैं।
 
 
संघमित्रा मौर्य आगे लिखती हैं कि सांसद बनने से पहले मैं सामाजिक कार्यों में व्यस्त थी। सांसद बनने के बाद अपनी जिम्मेदारियों का संसद में निर्वहन कर रही हूं और आगे भी करती रहूंगी। आपके हक के लिए लड़ने में कभी भी पीछे नहीं रहूंगी। मेरे पिता मेरे अभिमान है, मेरे हीरो हैं। पार्टी अलग हो सकती है लेकिन पिता-पुत्री नहीं। इसके साथ ही संघमित्रा मौर्य ने आगे लिखा के आज उत्तर प्रदेश में जो स्थिति है वो बड़बोलापन ही है। जहाँ एक तरफ आदरणीय मोदी जी भाजपा का बड़ा परिवार करने की बात करते है और काम करते है वही निचले स्तर के लोग छोटी सोच का परिचय दे कर किसी को हजम नही करना चाहते। जय भाजपा तय भाजपा। संघमित्रा फिलहाल बदायूं से सांसद हैं।
 

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