पंजाब पुलिस ने सरहदी राज्य में एक और संभावी आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया

पंजाब पुलिस ने सरहदी राज्य में एक और संभावी आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया

चंडीगढ़ ।  डीजीपी  पंजाब इकबाल प्रीत सिंह सहोता ने आज बताया कि तरन तारन के गाँव सोहल के अत्यधिक कट्टरपंथी ऑपरेटिव रणजीत सिंह, जो विदेश आधारित आतंकवादी संस्थाओं के साथ जुड़ा हुआ था, की गिरफ़्तारी के साथ पंजाब पुलिस ने सरहदी राज्य में एक और संभावी आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया है।   पुलिस ने उसके कब्ज़े से दो चीनी पी-86 हथगोले और दो पिस्तौलों सहित जींदा कारतूसों के अलावा पी.बी.02-डी.ए-6685 नंबर वाला एक काले रंग का रॉयल एनफील्ड मोटरसाईकल भी बरामद किया है।  

डीजीपी ने बताया कि अमृतसर के इलाके में रणजीत सिंह की मौजूदगी संबंधी ख़ुफ़िया सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसएसओसी अमृतसर की विशेष टीमों को संदिग्ध व्यक्ति का पता लगाने के लिए निर्धारित क्षेत्र में भेजा गया था और रणजीत सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया।यह गिरफ़्तारी तब हुई जब पंजाब में अन्य हथियारों के साथ-साथ हथगोले और टिफिन बमों की भारी आमद देखने को मिल रही है। हाल ही में, सीआईए नवांशहर और पठानकोट के छावनी क्षेत्र में दो ग्रेनेड धमाकों के मामले और ज़ीरा क्षेत्र से एक जींदा हथगोले की बरामदगी के मामले सामने आए थे।  

डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता ने बताया कि जांच के दौरान रणजीत ने खुलासा किया कि उसने सामाजिक कार्यों के बहाने फंड इकट्ठा करने के लिए ‘कौम दे राखे’ नामक ग्रुप बनाया था और इस ग्रुप के द्वारा सोशल मीडिया के ज़रिये वह यूके और अन्य देशों में रहते अलग-अलग कट्टरपंथी और दहशतगर्द तत्वों के संपर्क में आया था और अपने सामाजिक कार्य की आड़ में स्लीपर सैल बनाने के लिए मदद की पेशकश की थी। डीजीपी ने आगे बताया कि रणजीत ने आगे खुलासा किया कि हाल ही में उसे हथियारों और विस्फोटकों की एक खेप मुहैया करवाई गई थी और वह सरहदी राज्य में डर का माहौल पैदा करने और अमन-कानून की व्यवस्था को भंग करने के लिए आतंकवादी हमला करने की योजना बना रहा था।  

डीजीपी ने बताया कि रणजीत भी उस ग्रुप का हिस्सा था, जिसने 15 जनवरी, 2020 को हरिमंदिर साहिब अमृतसर को जाती विरासती सड़क पर लोक नृत्यों संबंधी स्थापित बुतों की तोड़फोड़ की थी। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस की तरफ से रणजीत को बुतों की तोड़फोड़ के मामले में गिरफ़्तार किया गया था और वह इस समय ज़मानत पर है।एडीजीपी आंतरिक सुरक्षा आर.एन. ढोके ने कहा कि यूके आधारित उस व्यक्ति और उसके अन्य भारतीय साथियों का पता लगाने के लिए और कोशिशें की जा रही हैं जिसने खेप का प्रबंध किया था।इस दौरान, हथियार एक्ट की धारा 25, विस्फोटक पदार्थ संशोधन एक्ट की धाराओं 3, 4 और 5 और भारतीय दंड अधिनियम की धाराओं 120 और 120-बी के अंतर्गत थाना एसएसओसी अमृतसर में एफआईआर  दर्ज की गई है।

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