मेरठ :परीक्षितगढ़ के जंगल में गन्ने के खेत में मिला घायल तेंदुआ ग्रामीणों में हड़कंप

मेरठ के परीक्षितगढ़ के खादर में गांव नीमका-कुंडा के खेत में घायल तेंदुआ मिलने से गांववालों में हड़कंप मच गया। तेंदुआ गन्ने के खेत में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची काफी देर तक तेंदुए को पकड़ने के लिए रेसक्यू ऑपरेशन चला। वहीं क्षेत्र में तेंदुआ आने से ग्रामीणों में दहशत है।
मंगलवार सुबह ग्राम कुंडा नीमका के जंगल में जब ग्रामीण खेतों पर काम कर रहे थे तभी एक घायल तेंदुआ वहा गन्ने के खेत में दिखाई दिया। इसकी सूचना पर आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। लोगों की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी जगन्नाथ कश्यप कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचे और इसकी सूचना जिला मुख्यालय पर दी। डीएफओ राजेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। वनकर्मियो ने ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश कर कब्जे में ले लिया। मेरठ से आए चिकित्सक डा आरके सिंह व परीक्षितगढ़ के पशुचिकित्साधिकारी डा कपिल त्यागी ने घायल तेंदुए का प्राथमिक उपचार किया। बाद में वन विभाग की टीम तेंदुए को अपने साथ मेरठ ले आई। यहां उसका उपचार किया जा रहा है। डीएफओ ने बताया कि तेंदुए को लायन सफारी इटावा में छोड़े जाने के लिए प्रधान मुख्य वन रक्षक वन्य जीव उत्तर लखनऊ से अनुमति प्राप्त की जाएगी। वन क्षेत्राधिकारी जगन्नाथ कश्यप ने बताया कि यह तेंदुआ घायल था और इस वजह से गांव के नजदीक आ गया। खेत में घायलावस्था में तेंदुए के मिलने के बाद आशंका जताई जा रही है कि यह तेंदुआ शिकारियों का निशाना बना। इसी दौरान ग्रामीण वहां आ गए और शिकारी फरार हो गए।
डीएफओ राजेश कुमार का कहना हैकि तेंदुआ खेतों में मिलने की खबर मिली थी। टीम ने तेंदुए को ट्रेकुलाइज किया, पकड़ने पर तेंदुआ घायल था, उपचार किया गया है। तेंदुआ घायल कैसे हुआ इसकी जांच की जा रही है। शिकार की आशंका है, आरोपी पर वाइल्ड लाइफ टेक्शन एक्ट के तहत एक्शन लिया जाएगा।

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