January 18, 2022

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बार्क तत्काल प्रभाव से समाचार रेटिंग जारी करे: केंद्र

नयी दिल्ली|  केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को भारतीय प्रसारणकर्ताओं के संगठन बार्क से कहा कि वह तत्काल प्रभाव से समाचार रेटिंग जारी करे।

दरअसल, ‘ब्रॉडकास्टर्स ऑडियंस एंड रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने कहा था कि उसने प्रोटोकॉल और तंत्र में बदलाव के लिए कदम उठाए हैं।

अक्टूबर 2020 में कथित टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स) घोटाला विवाद के बाद टेलीविजन समाचार रेटिंग के निलंबन के एक साल बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। मंत्रालय ने बार्क को तत्काल प्रभाव से समाचार रेटिंग जारी करने और पिछले तीन महीनों के आंकड़े मासिक रूप में जारी करने कहा है, ताकि वास्तविक रुझानों का निष्पक्ष और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा गया कि संशोधित प्रणाली के अनुसार समाचार और अन्य प्रारूप की रिपोर्टिंग चार सप्ताह के रोलिंग औसत पर होगी।

मंत्रालय ने टीआरपी सेवाओं के उपयोग के लिए ‘रिटर्न पाथ डेटा’ (आरपीडी) क्षमताओं का लाभ उठाने पर विचार के लिए प्रसार भारती के सीईओ की अध्यक्षता में एक कार्य समूह का गठन किया है।

इसकी अनुशंसा भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) और टीआरपी रेटिंग समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में की थी।
संयुक्त कार्य समूह में अध्यक्ष के रूप में प्रसार भारती के सीईओ एसए स वेम्पति और पांच सदस्य होंगे।

इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारतीय मानक ब्यूरो, बार्क और ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन से एक-एक सदस्य और डीटीएच एसोसिएशन के अध्यक्ष हरित नागपाल होंगे। समूह वर्तमान रेटिंग के तरीके में सामान्य प्रोटोकॉल, डेटा मानकों और संशोधनों को तय करेगा ताकि आरपीडी सक्षम एसटीबीएस के डेटा को वर्तमान टीवी रेटिंग सिस्टम में एकीकृत किया जा सके।

टीआरपी कमेटी की रिपोर्ट और 24 अप्रैल, 2020 की ट्राई की सिफारिश में यह शामिल है कि ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) ने अपनी प्रक्रिया, प्रोटोकॉल, निगरानी तंत्र में संशोधन किया है और शासन संरचना में भी बदलाव शुरू किए हैं।

इस मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इंडिया टीवी के प्रमुख संपादक और न्यूज ब्राडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) के अध्यक्ष रजत शर्मा ने कहा, ‘‘ मंत्रालय ने खामियों का संज्ञान लेकर और रेटिंग जारी करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने समेत सुधार की गुंजाइश पर मुहर लगाकर एनबीडीए के रुख को न्यायोचित ठहराया है।

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