कृषि कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी को कथित तौर पर कुचलने के बाद लखीमपुर खीरी में हिंसा

लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)। यहां तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के खिलाफ रविवार को प्रदर्शन कर रहे केंद्र के कृषि कानून विरोधियों को कथित तौर पर दो एसयूवी वाहनों से कुचले जाने के बाद हिंसा भड़क गई। अपुष्ट खबरों के मुताबिक इस घटना में कई किसान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। नाराज प्रदर्शनकारकियों ने कथित तौर पर दो गाड़ियों को जबरन रोककर उनमें आग लगा दी। उन्होंने कथित तौर पर कुछ यात्रियों की भी पिटाई की है। किसान मौर्य के बनबीरपुर दौरे का विरोध कर रहे थे जो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा का पैतृक गांव है। इस घटना में कुछ पत्रकारों के भी घायल होने की खबर है। 

इसबीच हिंसा के मद्देनजर उपमुख्यमंत्री मौर्य का बनबीरपुर गांव का दौरा रद्द कर दिया गया है। इस घटना को लेकर विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय किसान यूनियन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और घटना के लिए भाजपा और गृह राज्य मंत्री के पुत्र पर आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्य मंत्री के पुत्र द्वारा, गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय क्रूर कृत्य है।” भारतीय किसान यूनियन ने ट्वीट कर दावा किया, “लखीमपुर खीरी में आंदोलन कर रहे किसानों को गृह राज्यमंत्री टेनी के बेटे ने गाड़ी से रौंदा, तीन किसानों की मौत, तेजेंद्र सिंह विर्क के भी घायल होने की सूचना है। राकेश टिकैत गाजीपुर से निकल रहे हैं।” 
राष्‍ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ट्वीट किया, लखीमपुर खीरी से दिल दहलाने वाली खबरें आ रही हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का काफिला आंदोलनकारी किसानों पर चढ़ा दिया गया। दो किसानों की मौत हो गई और कई घायल हैं। चौधरी ने आगे लिखा, विरोध को कुचलने का काला कृत्य जो किया है, साजिश जब गृह मंत्री रच रहे हैं, फिर कौन सुरक्षित है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर एक ट्वीट में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने टि्वट किया, ‘‘लखीमपुरी खिरी में भाजपाइयों द्वारा गाड़ी से रौंदे जाने की घटना में गंभीर रूप से घायल किसान नेता तेजिन्दर सिंह विर्क जी से अभी थोड़ी बात हो पाई, उनकी अति गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराए। ’’ अखिलेश ने आगे लिखा, ‘‘ बस एक मांग, मुख्यमंत्री इस्तीफा दें।

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