उप्र सरकार के विज्ञापन को लेकर तृणमूल कांग्रेस, अन्य दलों का भाजपा पर निशाना

उत्तर प्रदेश सरकार के एक विज्ञापन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन के तहत राज्य की आर्थिक प्रगति को दर्शाने के लिए कोलकाता के एक फ्लाईओवर की कथित तस्वीर का इस्तेमाल किये जाने पर रविवार को भाजपा की प्रतिद्वंद्वी पार्टियों ने उस पर निशाना साधा।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने दावा किया कि यह पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा किए गए ‘‘अच्छे काम’’ की ‘‘स्वीकृति’’ है। अंग्रेजी समाचार पत्र ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में यह विज्ञापन प्रकाशित हुआ था।

 पत्र ने एक शुद्धिपत्र जारी करते हुए कहा, ‘‘अखबार के विपणन विभाग द्वारा तैयार उत्तर प्रदेश पर विज्ञापन के कवर कोलाज में अनजाने में एक गलत तस्वीर शामिल हो गई थी। ट्रान्सफॉर्मिंग उत्तर प्रदेश अंडर योगी आदित्यनाथ शीर्षक वाले विज्ञापन में योगी आदित्यनाथ के एक ‘‘कट-आउट’’ के साथ नीले और सफेद रंगों वाले एक फ्लाईओवर की तस्वीर है, जिसका रंग तृणमूल कांग्रेस के शासन वाले राज्य के एक फ्लाईओवर से मिलता-जुलता है। साथ ही इसके नीचे ऊंची-ऊंची इमारतें और उद्योग भी दिख रहे हैं।

विज्ञापन के साथ संदेश में लिखा है, ‘‘2017 से पहले उत्तर प्रदेश को निवेश के मामले में गंभीरता से नहीं लिया गया था, लेकिन राज्य में पिछले साढ़े चार साल के शासन में नकारात्मक धारणाएं टूट गई हैं और 2020 में यह देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।’’

डेरेक ओ ब्रायन, अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा और फिरहाद हकीम जैसे टीएमसी सांसदों ने इस प्रकरण पर भाजपा का मजाक उड़ाया और दावा किया कि पार्टी ने ममता बनर्जी सरकार के शासन में ‘‘विकास के दौर’’ को अब अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार कर लिया है और यहां तक ​​कि इसे हथियाने की कोशिश भी की है।

टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, ‘‘राज्य सरकार (उत्तर प्रदेश की) को जिम्मेदार होना चाहिए, इसमें जिम्मेदारी दूसरे पर डालने का प्रयास नहीं होना चाहिए।’’

उन्होंने साथ ही दावा किया कि समाचार पत्र पर इस गड़बड़ी की जिम्मेदारी लेते हुए एक बयान जारी करने का दबाव था।
ओ ब्रायन ने कहा कि वह कई वर्षों तक एक विज्ञापन एजेंसी के साथ रहे हैं और इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि मीडिया में जारी किये जाने से पहले किसी भी विज्ञापन को विज्ञापनदाता को मंजूरी देनी होती है।

उन्होंने कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह एक बड़ी चूक है। इसका एकमात्र सकारात्मक हिस्सा यह है कि वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों को स्वीकार कर रहे हैं।’’

तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘योगी आदित्यनाथ के लिए उत्तर प्रदेश को बदलने का मतलब है ममता बनर्जी के शासन में बंगाल में देखे गए बुनियादी ढांचे की तस्वीरों को चुराना और उन्हें अपना बताकर इस्तेमाल करना।

ऐसा लगता है कि ‘डबल इंजन मॉडल’भाजपा के सबसे मजबूत राज्य में बुरी तरह से विफल हो गया है और अब सभी के सामने उजागर हो गया है।’’ उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने विज्ञापन पर प्रतिक्रिया जताते हुए आरोप लगाया कि ‘‘भाजपा सरकार फ्लाईओवर और कारखानों की फर्जी तस्वीरें लगाकर विकास के झूठे दावे कर रही है।’’

प्रियंका ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘इनका (राज्य सरकार) काम ही है झूठे विज्ञापन देना। फर्जी लेखपाल बनाकर उप्र के युवाओं को रोजगार देने का झूठ बोला और अब फ्लाईओवर व फैक्ट्रियों की फर्जी तस्वीरें लगाकर विकास के झूठे दावे कर रहे हैं। न जनता के मुद्दों की समझ है और न ही उनसे कोई सरोकार है, बस झूठे विज्ञापन और हवाई दावों की सरकार है।’’

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘‘अभी तक तो सपा की सरकार के कामों को ही उप्र की भाजपा सरकार अपना बता-बता के झूठा प्रचार कर रही थी पर अब तो झूठ की हद ही हो गई है जब वो कोलकाता की तस्वीर को अपने विकास की तस्वीर बता रही है। भाजपा को ‘झूठे प्रचार की ट्रेनिंग का अंतरराष्ट्रीय संस्थान’ खोल लेना चाहिए।’’

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भाजपा पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘‘ऐसा विकास न तो कभी देखा और न ही सुना है। हमारे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने कोलकाता के फ्लाईओवर को लखनऊ तक खींच लिया है…।’’

आलोचना को खारिज करते हुए, उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने हिंदी में किये गए ट्वीट में कहा,‘‘ अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने स्वयं स्वीकार किया है कि अखबार के मार्केटिंग विभाग की चूक के कारण यह विज्ञापन गलती से छपा, वैसे भी हम विज्ञापन में उतने पारंगत नहीं हैं जितने आप हैं।’’

अंग्रेजी समाचार पत्र ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में यह विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। उसने एक शुद्धिपत्र जारी करते हुए कहा, ‘‘अखबार के विपणन विभाग द्वारा तैयार उत्तर प्रदेश पर विज्ञापन के कवर कोलाज में अनजाने में एक गलत तस्वीर शामिल हो गई थी। त्रुटि पर गहरा खेद है और तस्वीर को समाचार पत्र के सभी डिजिटल संस्करणों से हटा दिया गया है।’’

अतिरिक्त मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल और निदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क, उत्तर प्रदेश सरकार, शिशिर, दोनों ने समाचार पत्र द्वारा जारी उपरोक्त शुद्धिपत्र को रीट्वीट किया। पश्चिम बंगाल भाजपा ने यह कहते हुए पलटवार किया कि भले ही तस्वीर मां फ्लाईओवर की हो, लेकिन तृणमूल कांग्रेस सरकार के पास इतराने के लिए कोई अन्य बुनियादी ढांचा विकास नहीं है।

पश्चिम बंगाल भाजपा महासचिव सायंतन बसु ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में आदित्यनाथ सरकार के शासन में कई एक्सप्रेसवे बनाए गए हैं। इसकी तुलना में पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में कई फ्लाईओवर ढहे हैं।’’

उन्होंने कहा यदि यह तस्वीर मां फ्लाईओवर की है भी, तो भी यह एक गलती उत्तर प्रदेश के विकास में तेजी लाने के लिए योगी आदित्यनाथ को मिले श्रेय को नहीं छीन सकती।’’
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओ ब्रायन ने हालांकि दावा किया कि टीएमसी और ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के लिए एकमात्र गंभीर चुनौती हैं और लोगों का मानना ​​है कि उनके नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 2024 के लोकसभा चुनाव में हराया जा सकता है।

ओ ब्रायन ने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ, जिनके राज्य उत्तर प्रदेश में 2022 में चुनाव होने हैं, ने इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य में 11 रैलियों को संबोधित किया था। उन्होंने दावा किया, ‘‘डबल इंजन सरकार’’ (केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार) के लाभ के उनके दावे खोखले और झूठे साबित हुए हैं।

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