लखीमपुर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट का स्वत: संज्ञान, चीफ जस्टिस रमना की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी सुनवाई

उत्तर प्रदेश। रविवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के दौरान आठ लोगों की मौत पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के दौरान चार किसानों सहित 8 लोगों की जान चली गयी थी जिसके बाद राज्य की राजनीति में घमासान मच गया था। लखीमपुर खीरी जाने के लिए विपक्ष के नेताओं ने सरकार पर खूब दबाव बनाया लेकिन घटना स्थल पर धारा 144 लागू थी जिसके बाद प्रशासन ने अनुमति नहीं दी जाने की लेकिन बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने घटना स्थल का दौरा किया। अब सुप्रीम कोर्ट लखीमपुर खीरी मामले की सुनवाई करने के लिए तैयार है। 

 

 भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमना की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ गुरुवार को मामले की सुनवाई करेगी। यह मामला 3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत से संबंधित है। हिंसा में मारे गए लोगों में एक पत्रकार, दो भाजपा कार्यकर्ता और एक ड्राइवर शामिल हैं।  इस बीच, किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा एक कार में बैठे थे, जिसने विरोध कर रहे किसानों की भीड़ को टक्कर मार दी, जिससे चार किसानों की मौत हो गई। 

 हालांकि, अजय मिश्रा ने दावा किया कि काफिले में शामिल किसी भी वाहन में उनका बेटा आशीष नहीं था। चूंकि इस घटना ने एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हिंसा का स्वत: संज्ञान लिया और कहा कि एक पीठ गुरुवार को मामले की सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई कार्यसूची के अनुसार, सीजेआई रमना और जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली की तीन-न्यायाधीशों की पीठ गुरुवार को ‘लखीमपुर खीरी (यूपी) में फिर से हिंसा में मौत के कारण’ शीर्षक वाले मामले की सुनवाई करेगी।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने घटना में आशीष मिश्रा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्राथमिकी में आशीष मिश्रा और अन्य को आरोपी के रूप में उल्लेख किया गया और उन पर हत्या, आपराधिक साजिश, तेज गति से गाड़ी चलाने, दंगा करने आदि का आरोप लगाया गया। 

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