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जयपुर में पहली से आठवीं कक्षाओं तक स्कूलों में नियमित शिक्षण गतिविधियां नौ जनवरी तक बंद

जयपुर| राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में रविवार को कोविड के नए स्वरूप ओमीक्रोन से संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों की रोकथाम एवं बचाव को लेकर धर्मगुरूओं, राजनीतिक दलों, तथा गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया गया।

संवाद के बाद संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह विभाग ने अतिरिक्त सतर्क-सावधान जन-अनुशासन दिशा-निर्देश जारी किए।

गृह विभाग के दिशानिर्देशानुसार जयपुर नगर निगम क्षेत्र (ग्रेटर/हैरिटेज) के समस्त सरकारी/निजी विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षाओं तक के लिए नियमित शिक्षण गतिविधियां तीन से नौ जनवरी तक बंद रहेंगी।

राज्य के अन्य जिलों में जिलाधिकारी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के सम्बन्ध में अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग से चर्चा उपरांत निर्णय ले सकेंगे।

शिक्षण संस्थानों (विद्यालय/कोचिंग संस्थान) में आने से पूर्व सभी विद्यार्थियों द्वारा अपने माता-पिता/अभिभावक से लिखित में अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

संपूर्ण प्रदेश में प्रतिदिन रात्रि 11 बजे से प्रातः पांच बजे तक जन अनुशासन कर्फ्यू रहेगा।विवाह-समारोह में अधिकतम 100 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी।बैण्ड-बाजा वादकों को 100 व्यक्तियों की संख्या से अलग रखा जायेगा।

अन्त्येष्टि/अन्तिम संस्कार में व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक अनुमति नहीं होगी।
विदेशों से अन्तरराष्ट्रीय यात्रा कर राजस्थान में आने वाले समस्त यात्रियों का गंतव्य पर पहुंचने पर हवाई अड्डा कोविड टीम द्वारा आवश्यक रूप से आरटीपीसीआर जांच करना अनिवार्य होगा।

आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने तक सम्बन्धित यात्री को सात दिवस के लिए संस्थागत/घर पृथक-वास में रखा जायेगा।

घरेलू हवाई यात्रा/ट्रेन के माध्यम से यात्रा कर राजस्थान में आने वाले यात्रियों को दोहरी टीकाकरण प्रमाणपत्र अथवा आगमन से पूर्व यात्रा प्रारम्भ करने के 72 घण्टे के अन्दर करवाई गई आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के संस्था प्रधान यह सुनिश्चित करेगें कि 18 वर्ष से अधिक आयु के समस्त छात्र एवं छात्राएं 31 जनवरी, 2022 तक टीके की दोनो डोज ले चुके है।

किसी भी प्रकार के सार्वजनिक, सामाजिक, राजनीतिक, खेल-कूद सम्बन्धी, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समारोह/सभा/रैली/धरना/प्रदर्शन/जुलूस/मेलों के आयोजन में अधिकतम 100 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी।

धार्मिक स्थलों पर फूल-माला, प्रसाद, चादर एवं अन्य पूजा सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश सात जनवरी, 2022 से तथा जयपुर में शिक्षण संबंधी दिशा निर्देश तत्काल प्रभाव से प्रभावी होंगे।

इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किये जाने पर समस्त जिलाधिकारी अपने स्थानीय क्षेत्राधिकार में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 एवं राजस्थान महामारी अधिनियम, 2020 के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

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