आवास के अधूरे सपने को मिशन के रूप में पूरा करेगा प्रयागराज विकास प्राधिकरण

प्रयागराज। जीवन की एक मूलभूत आवश्यकता ‘आवास’ के लिए भटक रहे लोगों के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने ‘मिशन संगम’ लेकर आया है। 30 सालों से अधिक समय आवंटित भूखंडों पर किन्हीं कारणों से रजिस्ट्री न हो पाने एवं कब्जा नहीं मिल पाने से परेशान 550 आवंटियों को खुशियों की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। इन आवंटियों को भूखण्ड देने के लिए पीडीए ने खास योजना तैयार की है। योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी कर ली है। इसके तहत भूखण्ड की उपलब्धता के आधार पर उसी आवासीय योजना में या फिर उस आवासीय योजना में भूखण्ड उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में निकट की आवासीय योजना में परिवर्तित भूखण्ड प्रदान किया जायेगा। प्राधिकरण का प्रयास आवंटित किये गये भूखण्डों को प्राप्त नहीं कर पाने वाले आवंटियों को तत्काल प्लाट उपलब्ध कराना है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर ऐसे आवंटियों के लिए जानकारियों को अपलोड किया गया है।

योजना में यह लोग होंगे पात्र

ऐसे आवंटियों, जिनके पक्ष में भूखण्ड आवंटन के बाद भूमि विवाद, न्यायालयी वाद, स्थगन, स्थल पर अतिक्रमण, निर्माण आदि के कारण भूखण्डों की रजिस्ट्री, कब्जा सम्भव नहीं हो पाया है। 

इन योजनाओं में मिल सकता भूखण्ड 

जिस आवासीय योजना में भूखण्ड आवंटित हुए थे, यथासंभव भूखण्ड उपलब्धता के आधार पर उसी आवासीय योजना में, किन्तु भूखण्ड उपलब्ध न होने की स्थिति में निकटस्थ आवासीय योजना में भूखण्ड प्रदान किया जायेगा।

ये चाहिये होंगे दस्तावेज

आवंटियों की समस्याओं के एकमुश्त समाधान के लिए भूखण्ड परिवर्तित कर अन्य अविवादित भूखण्ड दिये जाने और ब्याज सहित धनराशि वापसी की योजना प्रक्रियाधीन है। ऐसे आवंटियों को भूखण्ड परिवर्तन हेतु अथवा ब्याज सहित धनराशि वापसी, परिवर्तित भूखण्ड के क्षेत्रफल में वृद्धि अथवा कमी की स्थिति में बढ़ी हुई धनराशि के भुगतान, कम हुई धनराशि के समायोजन रजिस्ट्रीकृत भूखण्डों की वर्तमान रजिस्ट्री के निरस्तीकरण एवं परिवर्तित नये भूखण्ड की रजिस्ट्री में आने वाले व्यय को वहन करने आदि हेतु प्राधिकरण के वेबसाईट पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप पर अपनी लिखित सहमति, असहमति प्राधिकरण कार्यालय में अथवा ई-मेल के माध्यम से प्राप्त कराना होगा।

ऐसे पूरा होगा अपना प्लाट पाने का सपना

उपर्युक्त परिवर्तन की कार्यवाही में सर्वप्रथम समस्त प्रकरणों को सूचीबद्ध कर श्रेणीवार अलग किया जायेगा और श्रेणीवार उपलब्ध (क्षेत्रफल में वृद्धि या कमी सम्भावित) भूखण्डों की सूची प्राधिकरण वेबसाइट पर प्रदर्शित एवं प्राधिकरण के सूचना बोर्ड पर चस्पा की जाएगी। सूची में छूटे हुये पात्र आवंटियों से आवेदन एवं सूचीबद्ध प्रकरणों में 01 सप्ताह के अन्दर प्राधिकरण वेबसाइट पर उपलब्ध सहमति, असहमति हेतु निर्धारित प्रारूप पर पत्र प्राप्त किया जायेगा। पूर्ण पारदर्शिता के दृष्टिगत भूखण्डों के परिवर्तन की कार्यवाही निर्धारित तिथि पर लाटरी के माध्यम से किया जायेगा। लाटरी की तिथि प्राधिकरण वेबसाइट एवं समाचार पत्र में प्रकाशन के माध्यम से सूचित किया जायेगा तथा परिवर्तन के पश्चात पुनः सूची लोगों के अवलोकन हेतु प्राधिकरण वेबसाइट पर प्रदर्शित एवं सूचना बोर्ड पर चस्पा किया जायेगा और परिवर्तन संबंधी पत्र रजिस्टर्ड डाक द्वारा प्रेषित किया जायेगा।

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