लखीमपुर में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं पर राकेश टिकैत ने कहा, वह हत्या में नहीं आता, वह एक्शन का रिएक्शन था

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी। इन 8 लोगों में चार किसान थे जबकि बाकी भाजपा कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। एक पत्रकार की भी मौत हुई थी। जानकारी के मुताबिक यह दावा किया जा रहा है कि भाजपा नेता की गाड़ी से पहले किसानों को कुचला गया जिसके बाद उनकी मौत हो गई। इसके बाद वीडियो वायरल हो रहा है। उसे साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि कुछ लोग 1-2 लोगों को घेरकर लाठी से मार रहे हैं। माना जा रहा है कि ऐसे ही किसानों ने भाजपा कार्यकर्ता को मारा है। हालांकि उसकी पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल जांच की जा रही है। लेकिन यह लगातार पूछे जा रहे हैं कि अगर 4 लोग जिनकी मौत हुई थी वह किसान थे तो बाकी जो लोग मरे वह कैसे मरे?

 

बाकी लोगों के मौत के तरीकों को लेकर किसानों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे है। इसी सवाल के जवाब में राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। राकेश टिकैत ने साफ तौर पर कहा कि वह एक्शन का रिएक्शन था। उसकी कोई प्लानिंग नहीं थी। संवाददाता सम्मेलन में राकेश टिकैत ने कहा कि वे कौन थे जो गाड़ी में थे, जिन्होंने लोगों को मारा… जिन्होंने बाद में लाठी से हमला किया वह एक्शन का रिएक्शन है। कोई योजना नहीं है। वो हत्या में नहीं आता, हम उन्हें दोषी नहीं मानते। टिकैत ने आगे बताया कि 15 अक्टूबर को पुतला दहन होगा। 18 अक्टूबर को 6 घंटे ट्रेन रोकी जाएगी। 26 अक्टूबर को बैठक होगी और पूरे देश में उनकी कलश यात्राएं निकलेंगी।

राकेश टिकैत ने कहा कि वह उन्हें अपराधी नहीं मानते, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर हत्या की क्योंकि उन्होंने तो प्रदर्शनकारियों के ऊपर कार चढ़ाए जाने की प्रतिक्रिया में ऐसा किया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि हमें लोगों की मौत पर दुख है, चाहे वह भाजपा कार्यकर्ता हों या किसान। यह दुर्भाग्यपूर्ण था और हमें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा। किसान नेताओं ने शनिवार को मांग की कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गिरफ्तार किया जाए। 
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