उत्तर प्रदेश की खबरें: यूपी की सुदृढ़ कानून व्यवस्था से जनता ने ली राहत की सांस

किसी भी प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर रहने के लिए प्रदेश की कानून और व्यवस्था का दुरुस्त रहना बहुत ही आवश्यक होता है क्योंकि अराजकता भरे माहौल में न तो स्थानीय व्यापारी सुरक्षित महसूस करते हैं और न ही विदेशी निवेशक रुचि लेते हैं। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा व सामाजिक खुशहाली भी कानून-व्यवस्था पर निर्भर करती है। कानून व्यवस्था को चाक-चौबन्द करने के लिए वर्तमान सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार ने लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर नगर, वाराणसी में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की है। इस कदम से इन जिलों की कानून और व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 112 यूपी परियोजना को सशक्त बनाते हुए संसाधनों में भी वृद्धि की गई है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित वातारण उपलब्ध कराने के लिए लिंक सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181 सेवा के एकीकरण से प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षित माहौल में जीने का अवसर प्राप्त हो रहा है। ’’मिशन शक्ति’’ के अन्तर्गत चलाये गये विशेष अभियान के तहत 5,26,538 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई। इसके अलावा प्रदेश के 1,535 थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। 218 ’’फास्ट टैªक कोर्ट’’ महिलाओं सेे जुड़े अपराधों में त्वरित कार्यवाही कर सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित कर रहे हैं।
 

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प्रदेश सरकार के एण्टीरोमियो अभियान ने महिला एवं बालिका सुरक्षा के नए कीर्तिमान प्रस्तुत किए हैं। इस अभियान के तहत 10876 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 16045 के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गयी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों में ’’महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन’’ की स्थापना महत्वपूर्ण है। वीमेन पावर लाइन पर प्राप्त कुल शिकायतों में से 99.6 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण एक बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश के कारागारों में अराजकता पर अंकुश लगाने के लिए सभी कारागारों में सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाए गए हैं। दंगों एवं हिंसा के दौरान सार्वजनिक स्थानों में अशान्ति का माहौल तो बनता ही था साथ ही सार्वजनिक सम्पत्ति का भी बड़े पैमाने पर नुकसान होता था। इस समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने हिंसात्मक कार्य में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही के साथ-साथ सार्वजनिक सम्पत्ति के नुकसान की वसूली के लिए लखनऊ एवं मेरठ मण्डल में दावा अधिकरण का गठन भी किया। सरकार द्वारा लोक एवं निजी सम्पत्ति की वसूली की कार्यवाही भू-राजस्व के बकाये के रूप में की जा रही है। ’’उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स’’ की स्थापना प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए की गयी है। साथ ही ई-प्रॉसीक्यूशन प्रणाली त्वरित न्याय एवं समय की बचत की दृष्टि उपयोगी साबित हो रही है। ई-प्रॉसीक्यूशन प्रणाली के उपयोग में उत्तर प्रदेश देश भर में प्रथम स्थान पर है।
 

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प्रदेश सरकार अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन कर रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक लगभग 139 खूंखार अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया। गैंगेस्टर एक्ट के तहत 42,084 एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत 589 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई। यह गर्व की बात है कि दुबई सरकार द्वारा वर्ष 2019 मंे आयोजित इण्टरनेशनल कॉल सेण्टर एवार्ड समारोह में यू0पी0 112 सेवा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। यदि हम समग्ररूप से विचार करें तो प्रदेश की कुशल एवं प्रभावी कानून व्यवस्था ने अन्य प्रदेशों के सामने उत्कृष्ट 
 
 
जनपद हमीरपुर व महोबा की 79 बंधीज के पुनर्निर्माण की परियोजना हेतु 02 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत
 
 
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद हमीरपुर के विकास खण्ड मौदहा सुमेरपुर मुस्करा तथा महोबा जनपद के कबरई विकास खण्ड की 79 बंधीज के पुनर्निर्माण की परियोजना हेतु प्राविधानित धनराशि 301.71 लाख रूपये में से 02 करोड़ रूपये परियोजना के कार्यों पर वहन करने के लिए प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्वतन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
 
इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई मुश्ताक अहमद की ओर से 09 सितम्बर, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना पर कास्ट एवं टाइम ओवर रन न हो तथा डुप्लीकेसी न हो। विभाग द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य कराया जाये। इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी।
 
मुजफ्फरनगर जनपद के एक्वाडक्ट कम डीआरबी पुनर्निर्माण की परियोजना हेतु 11 करोड़ 95 लाख 10 हजार रूपये की धनराशि स्वीकृत
 
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद मुजफ्फरनगर डी0आर0बी0 कम फॉल के जॉली डी0वाई0 की पुनर्रिक्षित पुनर्निर्माण परियोजना हेतु प्राविधानित बजट की धनराशि 1195.10 लाख रूपये परियोजना के अवशेष कार्यों पर व्यय करने के लिए अवमुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 09 सितम्बर, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना पर कास्ट एवं टाइम ओवर रन न हो तथा डुप्लीकेसी न हो। विभाग द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य कराया जाये।
 

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इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी।
 
ग्रेटर शारदा सहायक कमाण्ड क्षेत्र विकास प्राधिकारी व राज्य मुख्यालय के अधिष्ठान संबंधी कार्यों हेतु 2725.84 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत
 
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए ग्रेटर शारदा सहायक कमाण्ड क्षेत्र विकास प्राधिकारी व राज्य मुख्यालय के अधिष्ठान संबंधी व्यय हेतु 27 करोड़ 25 लाख 84 हजार रूपये की धनराशि कतिपय शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन परियोजना प्रशासक ग्रेटर शारदा सहायक कमाण्ड क्षेत्र विकास अधिकारी, लखनऊ के निर्वतन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस संबंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से 09 सितम्बर, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि धनराशि का व्यय शासन के वर्तमान नियमों एवं आदेशों के अनुसार किया जायेगा। जहॉ आवश्यक हो सक्षम अधिकारी की पूर्व स्वीकृति भी प्राप्त करनी होगी। स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय उन्हीं मदों पर किया जायेगा जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है। इसके साथ ही वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का पालन करते हुए यह धनराशि अधीनस्थ कार्यालयों के निर्वतन पर तत्काल रखी जाए।
 
मत्स्य विभाग द्वारा मोबाईल एप ‘‘यूपी फिश फार्मर’’ का संचालन
 
प्रदेश के मत्स्य पालकों, मत्स्य उद्यमियों एवं मत्स्य गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों के पंजीकरण एवं विभाग की गतिविधियों से उन्हें जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेश के मत्स्य विभाग द्वारा मोबाईल एप ‘‘यूपी फिश फार्मर’’ का संचालन किया जा रहा है। यह एप गूगल के प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस एप के माध्यम से मत्स्य पालकों को मुख्यतः मत्स्य कृषक क्रेडिट कार्ड, निःशुल्क मछुआ दुर्घटना बीमा योजना और भारत सरकार द्वारा मछुआ समुदाय के व्यक्तियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
 
मत्स्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभागीय योजनाओं को आनलाइन पोर्टल ीजजचरूध्ध्लिउपेण्नचेकबण्हवअण्पद के माध्यम से पारदर्शी ढंग से लागू किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों का आनलाइन पंजीकरण आवेदन पत्रों की प्राप्ति तथा धनराशि का लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे एम.आई.एस. द्वारा सूचनाओं का संकलन आदि कार्य किये जा रहे हैं।
 
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मिर्जापुर की स्थापना हेतु 650 लाख रूपये स्वीकृत
 
प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में मिर्जापुर जनपद में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना/निर्माण हेतु 650 लाख रूपये स्वीकृत किये हैं। प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इस सम्बंध में आदेश जारी कर दिये हैं। आदेशानुसार निर्माण कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था एवं निदेशक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, आजमगढ़ (नोडल अधिकारी) की होगी। कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य में व्यय वित्त समिति द्वारा अंकित शर्तों एवं निर्देशों का पालन करेगी। निदेशक, प्राविधिक शिक्षा के माध्यम से कार्यदायी संस्था उपयोगिता प्रमाण-पत्र समयान्तर्गत शासन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेगी।
 
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए नेशनल स्कालरशिप हेतु ऑनलाइन आवेदन 2021-22 की तिथि घोषित
 
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नेशनल स्कालरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अन्तिम तिथि 15 नवम्बर एवं 30 नवम्बर, 2021 है। इच्छुक छात्र नेशनल स्कालरशिप पोर्टल पर संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उप्र अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2021-22 के लिए 03 छात्रवृत्ति योजनाएं अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित की जा रही है। मैट्रिक-पूर्व 15 नवम्बर, 2021 तक एवं मैट्रिकोत्तर और मेरिट-सह-साधन आधारित छात्रवृत्ति के अन्तर्गत छात्र लाभ प्राप्त कर सकते हैं। छात्रों द्वारा नई छात्रवृत्ति (पहली बार आवेदक) तथा नवीनीकरण छात्रवृत्ति (वह आवेदक जिसने 2020-21 के दौरान छात्रवृत्ति प्राप्त की) के लिए ऑनलाइन आवेदन 30 नवम्बर, 2021 तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
आवेदक अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय (जैन, बौद्ध सिख, पारसी, मुस्लिम, ईसाई) का विद्यार्थी हो, वह भारत में सरकारी या निजी विश्वविद्यालयों/संस्थानों/महाविद्यालयों/विद्यालयों में अध्ययन कर रहा हो, अध्ययन किया जा रहा पाठ्यक्रम न्यूनतम एक वर्ष की अवधि का हो तथा आवेदक ने पिछले वार्षिक बोर्ड/कक्षा की परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों, ऐसे छात्रों को ही अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए पात्र माना जायेगा।
 

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अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक सी. इन्दुमती ने आवेदकों को परामर्श दिया है कि वे राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल वेबसाइट ूूूण्ेबीवसंतेीपचेण्हवअण्पद या मोबाईल एप छंजपवदंस ैबीवसंतेीपच ;छैच्द्धपर छात्रवृत्ति योजनाओं में से किसी एक के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए विस्तृत निर्देश और बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के होम पेज पर भी उपलब्ध कराए गए हैं। निदेशक ने आवेदकों को यह भी सुझाव दिया है कि छात्र केवल वही बैंक खाता और विवरण पोर्टल पर दें जो सक्रिय हों अथवा बैंक के निर्देशों के अनुसार हों, जिससे छात्रवृत्ति के भुगतान में कोई दिक्कत न आ सके। सभी विश्वविद्यालयों/संस्थानों/ महाविद्यालयों/ विद्यालयों, जहां अल्पसंख्यक छात्र पढ़ रहे हैं, ऐसी संस्थाओं को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत कराना आवश्यक है। 
 
मुख्यमंत्री की घोषणा से आच्छादित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हडियागाढ़ा जनपद-गोण्डा में भवन निर्माण हेतु 103.54 लाख रूपये स्वीकृत
 
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हडियागाढ़ा जनपद-गोण्डा के भवन निर्माण हेतु 01 करोड़ 03 लाख 54 हजार रूपये अवमुक्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है। इस सम्बन्ध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि स्वीकृत कार्य प्रत्येक दशा में निर्धारित समयावधि में पूर्ण करा लिया जाय।
 

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एक अन्य शासनादेश के माध्यम से जनपद कानपुर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कल्याणपुर में डेण्टल चेयर एवं अन्य एक्सेस-रीज की स्थापना किए जाने हेतु 01 लाख 65 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसमें एक डेन्टल यूनिट हेतु 01 लाख रूपये, एक डेन्टल एक्स-रे 30 एम0ए0 हेतु 45 हजार रूपये व 4 डेन्टल किट के लिए 20 हजार रूपये स्वीकृत किए गये है। जारी आदेश में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्वीकृत किए गये उपकरण चिकित्सालय में उपलब्ध शैय्याओं के मानक के अनुसार है। यदि मानक से इतर उपकरण प्रस्तावित या क्रय किए जाते हैं तो इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व विभागाध्यक्ष एवं कार्याधिकारी का होगा।
 
 
भिन्न-भिन्न आकार-प्रकार की ट्रालियों के निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाय -अशोक कटारिया
 
उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटारिया ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि भिन्न-भिन्न आकार-प्रकार की ट्रालियों के निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाये। ट्रालियों के पंजीयन के संबंध में तकनीकि अधिकारियों द्वारा ट्राली का डिजाइन अप्रूवल जारी कराया जाये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में ई-रिक्शा हेतु रूट का निर्धारण किया जाये। साथ ही प्रत्येक परिवहन कार्यालय में महिलाओं की सुविधा के लिए शौचालय का निर्माण कराया जाये।
 

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कटारिया आज उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के सभागार में वर्चुअल माध्यम से विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि नये वाहनों के पंजीयन के समय वाहन की पत्रावली को परिवहन कार्यालय में प्रेषित करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है, फिर भी कतिपय कार्यालयों में वाहन की पत्रावलियों की भौतिक रूप में मांग की जा रही है, इसपर तत्काल रोक लगाई जाये। उन्होंन कहा कि जनहित गारंटी अधिनियम के अन्तर्गत ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन एवं परमिट से सबंधित आवेदनों का 07 कार्यदिवस के अन्दर निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। प्रदेश के सभी संभागीय परिवहन अधिकारी/उप परिवहन अधिकारी इसका नियमित अनुश्रवण भी करें।
 
परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग की कई सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं। आमजन घर बैठे आसानी से इसका लाभ प्राप्त कर सकें, इसके लिए व्यापक स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाये। कार्यालय में पुरानी पत्रावलियों एवं अन्य प्रपत्रों की नियमानुसार वीडिंग कराई जाये। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों का अभिनंदन किया जाये और साथ ही जिन कार्मिकों का कार्य संतोषजनक नहीं है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र/संभागीय परिवहन अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्याें का नियमित अनुश्रवण करें तथा कार्य में शिथिलता पाये जाने पर उनके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यालयों में प्रवासों की संख्या बढ़ायें तथा प्रवास के समय कार्यालय के कार्यों की मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करें।
 

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कटारिया ने बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2021-22 में अभी तक हुई राजस्व प्राप्तियों की विस्तार से समीक्षा की। बकाया वसूली के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व प्राप्ति में वृद्धि हेतु ठोस कारगर उपाय अपनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने व्यवसायिक वाहनों के ऑनलाइन टैक्स जमा होने की जानकारी प्राप्त की। हेल्मेट/सीट-बेल्ट की चेकिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवर लोडिंग एवं अनाधिकृत संचालन के विरूद्ध कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई की जाये। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई किया जाये। साथ ही जनपद/मण्डल स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठक को नियमित रूप से आयोजित किया जाये तथा कृत कार्यवाही से शासन को भी अवगत कराया जाये। बैठक में प्रमुख सचिव परिवहन श्री आर.के. सिंह, विशेष सचिव परिवहन श्री अखिलेश कुमार मिश्र सहित समस्त अपर परिवहन आयुक्त एवं अन्य अधिकारी गण ऑनलाइन जुड़े थे।
 
प्रदेश के 30 जनपदों में स्थापनाधीन बी.एस.एल. -2 प्रयोगशाला हेतु उपकरणों के उपार्जन के लिए 19 करोड़ 80 लाख रुपए की स्वीकृती
 
      
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 30 जनपदों में स्थापित किये जाने वाले बी.एस.एल. -2 प्रयोगशाला हेतु उपकरणों की व्यवस्था के लिए 19 करोड़ 80 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। कोविड-19 रोग की आर.टी. पी.सी.आर. टेस्टिंग हेतु जनपद अमरोहा,  बाराबंकी, चित्रकूट, फतेहपुर, हाथरस, लखीमपुर खीरी, मैनपुरी, संत कबीरनगर, गाजीपुर, संभल, बागपत, भदोही, एटा, हमीरपुर, कानपुर देहात, ललितपुर, मुजफ्फरनगर, श्रावस्ती, हापुड़, शामली, बलरामपुर, चंदौली, फर्रुखाबाद, हरदोई, कौशांबी, महाराजगंज, पीलीभीत, उन्नाव, रामपुर एवं सुल्तानपुर बी.एस.एल. -2 स्तर की प्रयोगशाला को क्रियाशील किए जाने हेतु महत्वपूर्ण उपकरणों का उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन के माध्यम से उपार्जन हेतु प्रति प्रयोगशाला 66 लाख रुपए की दर से कुल 19 करोड़ 80 लाख रुपए स्वीकृति प्रदान की गई है।
 

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जारी शासनादेश में कहा गया है कि उपकरणों का सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कुशल मानव शक्ति की उपलब्धता तत्परता से सुनिश्चित की जाए। उपकरणों की स्थापना से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि इनके रखने हेतु पर्याप्त स्थान एवं इनके संचालन हेतु दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध हैं।
 
आईएफएमएस पोर्टल में प्रदर्शित एवं बफर गोदाम/बिक्री केन्द्रों पर उपलब्ध उर्वरक भौतिक स्टॉक का शत् प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित कराने हेतु निर्देश जारी
 
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में समस्त उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर आई0एफ0एम0एस0 पोर्टल पर प्रदर्शित स्टॉक एवं बफर गोदाम व बिक्री केन्द्रों पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक का आगामी 15 सितम्बर से 25 सितम्बर, 2021 के मध्य शत् प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित कराये जाने हेतु समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि उर्वरकों की बिक्री को सत्यापित करने हेतु सतत् अनुश्रवण एवं प्रवर्तन की कार्यवाही की जाए। निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही किये जाने के आदेश दिये गये हैं।
अपर मुख्य सचिव कृषि, डॉ0 देवेश चतुर्वेदी की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि थोक उर्वरक विक्रेता एवं थोक उर्वरक विक्रेता से फुटकर उर्वरक विक्रेता तक स्टॉक प्राप्त होते ही आई0एफ0एम0एस0 पोर्टल एवं पी0ओ0एस0 मशीन में रीयल टाईम एक्नालेजमेन्ट की व्यवस्था की गयी है। जिला कृषि अधिकारी आई0एफ0एम0एस0 पोर्टल से बफर/थोक गोदाम एवं फुटकर बिक्री केन्द्रवार उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की सूची का प्रिन्ट-आउट सत्यापन की तिथि को सत्यापनकर्ता को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायेंगे। जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित करते हुये कम्पनी वेयर हाउस गोदामों एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं के गोदामों के स्टॉक का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
 

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यह भी निर्देश दिये गये हैं कि उर्वरक स्टाक का सत्यापन कराने हेतु कृषि, सहकारिता एवं अन्य विभागों के क्षेत्री अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से जनपद में बफर गोदामों एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं के भौतिक स्टॉक का आईएफएमएस पोर्टल के अनुसार तथा फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के भौतिक स्टॉक का पी0ओ0एस0 मशीन से मिलान करते हुये सत्यापन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। यदि किसी बफर, थोक गोदाम एवं बिक्री केन्द्र पर आई0एफ0एम0एस0 पोर्टल पर प्रदर्शित स्टॉक एवं उपलब्ध भौतिक स्टॉक में भिन्नता या किसी प्रकार की अनियमितता पायी जाती है, तो सक्षम प्राधिकारी के स्तर से सम्बन्धित के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
 
राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी, 2021 का शुभारम्भ आगामी 28 सितम्बर को
 
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, सूर्य प्रताप शाही के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा प्रदेश में रबी अभियान-2021 के अन्तर्गत राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी, 2021 का आयोजन किया जा रहा है। राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी का शुभारम्भ दिनांक 28 सितम्बर, 2021 को कृषि मंत्री द्वारा किया जायेगा। कार्यक्रम में कृषि राज्यमंत्री, श्री लाखन सिंह राजपूत विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त, राजेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा की जायेगी। यह जानकारी विशेष सचिव कृषि, शत्रुन्जय कुमार सिंह ने देते हुये बताया कि रबी उत्पादकता गोष्ठी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित की जायेगी, जिसमें सम्बन्धित जिले के जिलाधिकारी, कृषि एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं मण्डल स्तरीय अधिकारी सम्मिलित होंगे। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण नहीं जा पायेंगे, वहां गोष्ठी की अध्यक्षता मण्डलायुक्त द्वारा की जायेगी।

 

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सिंह ने बताया कि रबी अभियान-2020 के अन्तर्गत मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद एवं बरेली मण्डल की गोष्ठी 01 अक्टूबर को, अलीगढ़, कानपुर, आगरा एवं लखनऊ मण्डल की गोष्ठी 06 अक्टूबर को, देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, वाराणसी एवं आजमगढ़ मण्डल की गोष्ठी 07 अक्टूबर को तथा झांसी, चित्रकूट, प्रयागराज एवं मिर्जापुर मण्डल की गोष्ठी 08 अक्टूबर को की जायेगी।
 
राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कालेज देहरादून की कक्षा-8 में प्रवेश परीक्षा 18 दिसम्बर, 2021 को
       
राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कालेज देहरादून की कक्षा-8 में प्रवेश हेतु सत्र जुलाई 2022 की प्रवेश परीक्षा 18 दिसम्बर, 2021 को प्रदेशीय परीक्षा केन्द्र राजकीय जुबिली इण्टर कालेज, निकट सिटी रेलवे स्टेशन लखनऊ में आयोजित होगी। यह जानकारी उप शिक्षा निदेशक (मा0) षष्ठ मण्डल, लखनऊ ने दी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कालेज (आर0आई0एम0सी0) देहरादून की कक्षा-8 में प्रवेश हेतु सत्र जुलाई-2022 की प्रवेश योग्यता परीक्षा शासन स्तर से गठित राज्य प्रवरण परिषद के सदस्यों की देखरेख में ट्रेनिंग ब्रांच (पी0सी0टी0सेक) आर्मी ट्रेनिंग कमाण्ड, शिमला(हिमाचल) पिन-171003 के निहित निर्देशों के क्रम में आयोजित होना प्रस्तावित है।  

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