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चुनाव में महिलाओं को साधने में जुटीं मायावती, महिला सम्मेलन के जरिये बसपा के पक्ष में माहौल बना रही हैं इस दिग्गज नेता की पत्नी

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर मायावती महिलाओं को साधने में जुट गई हैं। मायावती ने इसके लिए बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा की पत्नी कल्पना मिश्रा को सियासी मैदान में उतार दिया है। बता दें कि कल्पना मिश्रा सोमवार को कासगंज में हो रहे एकमहिला सम्मेलन में शरीक हुईं। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा।  कल्पना मिश्रा जगह-जगह हो रहे महिला सम्मेलन में शामिल हो रही हैं। इसी क्रम में वो बीते कल यानी सोमवार को कासगंज जनपद की पटियाली विधानसभा पहुंची। उन्होंने यहां बसपा द्वारा घोषित उम्मीदवार  प्रोफेसर नीरज किशोर मिश्रा के द्वारा आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित किया। मंच से अपने संबोधन में कल्पना मिश्रा ने कहा कि, महिलाओं की भीड़ देखकर पता चलता है 2022 में मायावती की सरकार बनने जा रही है।  

 कल्पना मिश्रा ने कहा, बीजेपी सरकार में महंगाई अपने उच्च स्तर पर है। गैस और पेट्रोल के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं और तो और इस सरकार में पुलिस कस्टडी में लोगों की जाने जा रही हैं। उन्होंने कासगंज के अल्ताफ का जिक्र करते हुए कहा कि, अल्ताफ की कस्टडी में मौत हो गई अब आप ही अनुमान लगाइए कि, 2 फुट के पाइप से 5 फीट का इंसान कैसे मर सकता है यह फ़िल्म के स्टाइल जैसा है। इसी तरह से 15 से 20 लोग इनके हिरासत में मर गए।  

 कल्पना मिश्रा ने बेरोजगारी पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज युवा बेरोजगार हैं, और कानून व्यवस्था भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है।  बीजेपी के नेता कहते हैं कि, महिला स्कूटी पर गहने पहनकर कहीं भी निकल सकती है। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद महिलाओं से पूछा कि आप बताइए सचिवालय में महिला का उत्पीड़न हो गया तो महिला कहां सुरक्षित है।आपको बता दें कि, प्रियंका गांधी और कांग्रेस ने भी यूपी की महिलाओं को साधने के लिए लड़की हूं और लड़ सकती हूं का नारा दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने महिलाओं को साधने के लिए चुनावों में 40% टिकट महिलाओं को देने की बात कही है। अब मायावती भी यूपी में महिला वोटरों को साधने में जुट गई हैं।  

यूपी में सियासी गहमागहमी बढ़ गई है क्योंकि यूपी विधानसभा चुनाव को अब कुछ ही वक्त बचा है। ऐसे में तमाम पार्टियां अपने हर वह दांव-पेच आजमाने में लगी हुई है जो उन्हें यूपी की कुर्सी दिला सकता है। इन चुनावों में भाजपा जहां एक बार फिर सत्ता में लौटना चाह रही है। सियासी गलियारों के जानकार यह मानकर चल रहे हैं कि भाजपा को इस यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी कड़ी टक्कर देने जा रही है। सपा के अलावा यूपी में बसपा और कांग्रेस भी सत्ता के लिए मुकाबले में हैं।  लेकिन मायावती की पार्टी इन चुनावों अभी उतनी सक्रिय नजर नहीं आई है। सियासी गलियारों में मायावती के इन चुनावों में ज्यादा सक्रियता ना दिखाने के पीछे की वजह को सियासी जानकार केंद्र की ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का डर भी बता रहे हैं। बीएसपी ब्राह्मण सम्मेलन और महिलाओं को साधने के लिए महिला सम्मेलन करती तो दिख रही है। लेकिन क्या यह मायावती को यूपी की सत्ता के शीर्ष पर पहुंचा देगा। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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