मादक पदार्थों पर नियन्त्रण के प्रयासों के लिए राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने पुलिस की सराहना की

शिमला । हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राज्य में मादक पदार्थों के उपयोग के नियंत्रण के लिए सक्रिय अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस अभियान की सफलता के लिए अभिभावकों, युवा, गैर सरकारी संगठनों इत्यादि को शामिल कर अभियान पर विशेष बल देना चाहिए।
यह बात राज्यपाल ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजभवन में आयोजित बैठक में कही। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का प्रचलन 18 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं में अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए एक ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में मादक नियन्त्रण इकाइयां बढ़ाई जानी चाहिए और सजा दर को बढ़ाने की आवश्कता है ताकि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को सजा दिलवाकर समाज को जागरूक किया जा सके।
राज्यपाल ने मादक द्रव्यों का व्यापार करने वालों के लिए सभी पुलिस थानों में 29 नम्बर रजिस्टर आरम्भ करने के लिए पुलिस महानिदेशक को बधाई दी। पुलिस प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए, राज्यपाल ने कहा कि राज्य में मादक द्रव्यों के दुरूपयोग के नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हंै।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने राज्य में मादक द्रव्यों के दुरूपयोग के नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों व पहल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राज्य में मादक द्रव्यों के विभिन्न पहलुओं, एनडीपीएस अधिनियम के तहत पंजीकृत मामलों का डेटा और मादक द्रव्यों के उपयोग को रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस की रणनीतियों के बारे अवगत करवाया।
इससे पूर्व, पुलिस महानिदेशक ने हिमाचल प्रदेश पुलिस, जो कि देश की बेहतरीन आठ पुलिस बलों में से एक है, को सम्मान स्वरूप प्रदान किया गया फ्लैग लोगो राज्यपाल को प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर, पुलिस महानिरीक्षक क्राइम अतुल फुलजले ने पुस्तुति दी। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा युवाओं को मादक द्रव्यों बारे जागरूक करने के लिए तैयार किया गया वीडियो गीत भी प्रदर्शित किया गया। राज्यपाल ने विभाग की इस पहल की सराहना की।

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