डेंगू प्रभावित फिरोजाबाद के नगर स्वास्थ्य अधिकारी निलंबित, आठ झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक सील

फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)। जिले में वायरल बुखार और डेंगू के प्रकोप से अभी तक आधिकारिक रूप से 57 लोगों की मौत होने की पृष्ठभूमि में प्रशासन ने शुक्रवार को नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मुकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और आठ झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके क्लीनिक सील कर दिए। फिरोजाबाद मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं, जबकि 404 का अभी भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है।

डॉ. अनेजा ने कहा कि शुक्रवार को 120 नए मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि 102 को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई। उन्होंने कहा कि आज डेंगू के लिए किए गए 195 परीक्षणों में से 62 सकारात्मक पाए गए हैं। प्रशासन ने मौजूदा स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार को बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी बिना सूचना के तीन सितंबर से ड्यूटी पर नहीं थे और पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा आलोक कुमार के दौरे पर भी वह उपस्थित नहीं रहे।
जानकारी के अनुसार, कुमार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक (प्रशासन) रविन्द्र सिंह को मामले की जांच के आदेश दिए थे, जिसकी रिपोर्ट उन्हें नौ सितंबर को मिली।

निदेशक की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अपर निदेशक चिकित्सा, आगरा से संबद्ध कर दिया।
इसी सिलसिले में जिलाधिकारी चंद्रविजय सिंह शुक्रवार को नगर मजिस्ट्रेट गुलशन कुमार के साथ नगर की नई आबादी क्षेत्र हुमायूंपुर, सुहाग नगर पहुंचकर लोगों से झोलाछाप चिकित्सकों से उपचार नहीं कराने की अपील की और ऐसे चिकित्सकों के आठ क्लीनिकों को नगर मजिस्ट्रेट द्वारा तत्काल सील करवाया।

वहीं एक अन्य कार्रवाई में शिकोहाबाद तहसील के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, धनपुरा के गांव आमरी में लगे स्वास्थ्य विभाग के शिविर में चिकित्सकों द्वारा एक्सपायर (जिनकी उपयोगिता की तारीख समाप्त हो गयी हो) दवाइयां मंगलवार को वितरित किए जाने का मामला सामने आया।
इस संबंध में मीडिया में खबर आने के बाद जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दिनेश कुमार प्रेमी से बात की गई तो उन्होंने इसकी जांच करा कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रेमी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि फिजियोथेरेपिस्ट विजय कुमार ने ये दवाइयां लोगों को बांटी थीं।

उन्होंने बताया कि विजय कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
सरकार के निर्देश पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) लखनऊ के डॉ. एस.एन. सिंह पिछले पांच दिनों से यहां के मरीजों में बुखार के प्रकार का पता लगाने के लिए फिरोजाबाद में डेरा डाले हुए हैं। डॉ. एस.एन. सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, अभी तक की जांच में यह वायरल व डेंगू का ही प्रकोप है जो मच्छरों की अधिकता के कारण फैला है।

अभी उनकी जांच जारी है और निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद ही वह कुछ कह ज्यादा कह पाएंगे। वह अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। आगरा से लगभग 50 किलोमीटर और राज्य की राजधानी लखनऊ से 320 किमी दूर फिरोजाबाद पिछले तीन हफ्तों से डेंगू और घातक वायरल बुखार के प्रकोप से जूझ रहा है, जिसमें अधिकांश पीड़ित बच्चे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मामले पड़ोसी जिलों मथुरा, आगरा और मैनपुरी में भी मिले हैं।

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