देश का पहला वर्चुअल पोस्टमार्टम एम्स में, राजू श्रीवास्तव की अटॉप्सी मॉर्डन तकनीक से हुई

देश का पहला वर्चुअल पोस्टमार्टम एम्स में, राजू श्रीवास्तव की अटॉप्सी मॉर्डन तकनीक से हुई

राजू श्रीवास्तव का एम्स में 42 दिनों के उपचार के बाद निधन हो गया। मौत के बाद उनका पोस्टमार्टम किया गया। एम्स में उनका पोस्मार्टम मॉर्डन तकनीक से किया गया, जिसमें किसी चीर-फाड़ की जरूरत नहीं पड़ती है। एम्स के फोरेंसिक साइस डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डाक्टर सुधीर गुप्ता ने कहा कि राजू श्रीवास्तव के शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके हाथों पर केवल इन्जेक्शन के निशान हैं, वो भी इसलिए क्योंकि पिछले 42 दिनों से वो एम्स में एडमिट थे, जहां उनका उपचार चल रहा था।

डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि मृतक के शरीर को सबसे पहले एक रैम्प पर लिटाया जाता है। उसके बाद उसके पूरा शरीर का सिटी स्कैन किया जाता है। इस स्कैन में शरीर का वह हिस्सा भी दिख जाता है जो पुराने पोस्टमार्टम के तकनीक में नहीं दिख पाता है। इस पूरे प्रोसेस को लाइव देखा जा सकता है और जितनी बार चाहे पोस्टमार्टम का अध्यन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पुरानी तकनीक में चिन से लेकर नीचे तक शरीर को चीरा जाता था। उसके बाद अध्ययन करके फिर उसे अच्छे तरीके से सिला जाता था जिससे कि किसी भी तरह का फ्लूइड नहीं शरीर से निकले। इस पूरी प्रक्रिया में काफी वक्त लग जाता था।

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