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CBSE 12th term 1 exam: समाजशास्त्र की परीक्षा में अनुचित प्रश्न, बोर्ड हुआ सख्त, करेगा कार्रवाई

CBSE 12th term 1 exam: समाजशास्त्र की परीक्षा में अनुचित प्रश्न, बोर्ड हुआ सख्त, करेगा कार्रवाई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं कक्षा के छात्रों के मुख्य परीक्षाएं 1 दिसंबर से शुरू हो गई। इसी कड़ी में आज समाजशास्त्र की परीक्षा हुई। लेकिन इसको लेकर अब एक विवाद शुरू हो गया है। दरअसल, यह विवाद समाजशास्त्र के परीक्षा में पूछे गए सवाल को लेकर है। जैसे ही विवाद शुरू हुआ सीबीएसई की ओर से इसको लेकर सफाई भी आ गई। सीबीएसई ने कहा कि 12वीं की समाजशास्त्र परीक्षा में पूछे गए एक अनुचित प्रश्न को स्वीकार करता है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।

A question has been asked in today’s class 12 sociology Term 1 exam which is inappropriate and in violation of the CBSE guidelines for external subject experts for setting question papers.CBSE acknowledges the error made and will take strict action against the responsible persons

— CBSE HQ (@cbseindia29) December 1, 2021

बोर्ड ने अपने ट्वीट में कहा कि आज की कक्षा 12 समाजशास्त्र टर्म 1 परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया है जो अनुचित है और प्रश्न पत्र स्थापित करने के लिए बाहरी विषय विशेषज्ञों के लिए सीबीएसई के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है। सीबीएसई ने की गई त्रुटि को स्वीकार किया है और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। बोर्ड की ओर से एक और ट्वीट किया गया जिसमें कहा गया कि पेपर सेट करने वालों के लिए सीबीएसई दिशानिर्देश स्पष्ट रूप से कहता हैं कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रश्न केवल अकादमिक उन्मुख होने चाहिए और उसमें वर्ग, धर्म नहीं होने चाहिए और ऐसे डोमेन को नहीं छूना चाहिए जो सामाजिक और राजनीतिक विकल्पों के आधार पर लोगों की भावनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री प्रधानको पत्र लिखा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 8,000 से अधिक अभिभावकों ने पत्र लिख कर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को कोविड-19 के नये स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के चलते पैदा हुई चिंता के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाओं के लिए ‘‘हाईब्रिड’’ विकल्प मुहैया करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया है, ‘‘यह जिक्र करना जरूरी है कि कोविड के ओमीक्रोन स्वरूप ने देशभर में दहशत फैला दी है, खासतौर पर अभिभावकों और छात्रों के बीच। भारत सरकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विभिन्न अन्य सक्षम प्राधिकारों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए परामर्श जारी किये हैं।’’

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