MP उपचुनाव से पहले बीजेपी को लगा बड़ा झटका, सतना सांसद पर हुई एफआईआर दर्ज

MP उपचुनाव से पहले बीजेपी को लगा बड़ा झटका, सतना सांसद पर हुई एफआईआर दर्ज

भोपाल। मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी सांसद गणेश सिंह पर एफआईआर दर्ज की गई है। सांसद पर आचार संहिता उल्लंघन सहित निर्वाचन आयोग का आदेश नहीं मानने के चलते अधिनियम 126 और धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इसे भी पढ़ें:बीजेपी सांसद पर भड़की कांग्रेस की प्रत्याशी, प्रचार थमने के बाद जनपद सदस्य के घर पर हुई नोक-झोक 

दरअसल रैगांव विधानसभा में चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद सांसद वहीं रुके हुए ते। इसके साथ ही डोर टू डोर कैंपेन भी कर रहे थे। इसे लेकर कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना वर्मा के साथ उनकी बहस हुई थी। इस मामले को संज्ञान में आने के बाद भाजपा सांसद पर एफआईआर दर्ज किया गया है।

दरअसल रैगांव विधानसभा में चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद सांसद वहीं रुके हुए ते। इसके साथ ही डोर टू डोर कैंपेन भी कर रहे थे। इसे लेकर कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना वर्मा के साथ उनकी बहस हुई थी। इस मामले को संज्ञान में आने के बाद भाजपा सांसद पर एफआईआर दर्ज किया गया है।

इसे भी पढ़ें:2 साल की बच्ची को स्कूल बस ने रौंदा, ड्राइवर हुआ मौके से फरार 

इस दौरान रैगांव विधानसभा क्षेत्र में दौरा कर रहे सांसद गणेश सिंह से कांग्रेस प्रत्याशी का आमना-सामना हो गया। विधानसभा क्षेत्र में सांसद गणेश सिंह को देखने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना वर्मा पहले तो चौंकी इसके बाद उनसे विधानसभा क्षेत्र छोड़कर जाने की विनती करने लगी।

कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना वर्मा ने सांसद को हाथ जोड़कर जाने की विनती कर रही हैं। वहीं बार बार कांग्रेस प्रत्याशी के बोलने के बाद भी सांसद गणेश सिंह विधानसभा क्षेत्र से नहीं गए। उल्टे सांसद गणेश सिंह ने कहा कि आप अपना काम करिए। मुझे आप नियम मत सीखाइए।

इसे भी पढ़ें:ऐम्स में इंटर्न कर रहे डॉक्टरों ने शुरू किया धरना प्रदर्शन, रखी है प्रशासन से ये मांग 

नियम के हिसाब से मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद बाहरी नेताओं को विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र छोड़ना जरूरी होता है।सीआरपीसी 1973 की धारा 144 के तहत बाहरी नेता उस इलाके में प्रवेश नहीं कर सकता। और न ही बाहरी नेता चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद घर-घर कैंपने कर सकता है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा उपचुनाव वाले क्षेत्रों में 72 घंटा पहले चुनाव प्रचार थम चुका है। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद प्रत्याशी अपने क्षेत्र में सिर्फ घर-घर जाकर वोट मांग सकते हैं। 

Source Link