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उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: कोरोना के 251 मामले दर्ज, प्रयागराज फायरिंग मामले में सामने आया कैबिनेट मंत्री का बयान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,83,401 सैम्पल की जांच की गयी, जिसमें कोरोना संक्रमण के 251 नये मामले आये हैं। प्रदेश में अब तक कुल 9,29,14,898 सैम्पल की जांच की गयी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 29 तथा अब तक कुल 16,87,828 लोग कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के कुल 862 एक्टिव मामले हैं। प्रसाद ने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर किया जा रहा है। प्रदेश में कल एक दिन में 13,37,059 डोज दी गयी। प्रदेश में कल तक पहली डोज 12,75,35,733 तथा दूसरी डोज 7,26,36,735 लगायी गयी हैं तथा अब तक कुल 20,01,72,468 डोज दी जा चुकी है। प्रसाद ने बताया कि कोविड संक्रमण अभी पूरी तरह समाप्त नही हुआ है। इसलिए सभी लोग कोविड अनुरूप आचरण करे। टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कोविड हेल्पलाइन 18001805145 पर सम्पर्क करे। 

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बुलन्दशहर के निर्माणाधीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के निर्माण कार्य हेतु दो करोड़ रूपये मंजूर

प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में जनपद बुलन्दशहर में निर्माणाधीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के निर्माण कार्य हेतु दो करोड़ रूपये मंजूर किये हैं। मंजूर की गयी धनराशि व्यय की स्वीकृति सहित निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण को उपलब्ध करा दी गई है। विशेष सचिव, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी कर दिये गये हैं। जारी आदेशानुसार इस धनराशि का आहरण एवं व्यय आवश्यकतानुसार व नियमानुसार किये जाने का पूर्ण दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग एवं कार्यदायी संस्था का होगा। स्वीकृत धनराशि के आहरण एवं व्यय में वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर निर्गत शासनादेशों/आदेशों का अनुपालन निश्चित किया जायेगा।

दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) हेतु 16700 लाख रूपये अवमुक्त

प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) मद में अनुपूरक बजट के माध्यम से प्राविधानित 16700 लाख रूपये अवमुक्त किये हैं। यह धनराशि निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निवर्तन पर रखी गयी है। विशेष सचिव, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी कर दिये हैं। जारी आदेशानुसार इस धनराशि का आहरण एवं व्यय आवश्यकतानुसार व नियमानुसार किया जायेगा। स्वीकृत धनराशि के आहरण एवं व्यय में वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर निर्गत शासनादेशों/आदेशों एवं सुसंगत वित्तीय नियमों तथा मितव्ययिता संबंधी निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जायेगा। यह वित्तीय स्वीकृति जिस कार्य/मद हेतु की जा रही है, उसका उपयोग नियमानुसार उसी कार्य/मद हेतु किया जायेगा। दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजनान्तर्गत निर्गत गाइडलाइन्स एवं दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) की दर बढ़ाकर रू0 1000/- कर दी गयी है और जिसका भुगतान माह दिसम्बर, 2021 से किया जाना है। दिव्यांग पेंशन की दर में वृद्धि के फलस्वरूप चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 16700 लाख रूपये का अनुपूरक बजट प्राविधानित किया गया है।

आरोपी सिपाही की जल्द होगी बर्खास्तगीः नन्दी

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री व प्रयागराज शहर दक्षिणी विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने प्रयागराज के कीडगंज में चाट भण्डार के मालिक संदीप गुप्ता जी और उनके छोटे भाई विशाल गुप्ता उर्फ राजन पर हुई फायरिंग की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। वहीं ईलाज के दौरान विशाल गुप्ता उर्फ राजन जी के निधन की सूचना पर दुख व्यक्त करते हुए, ईश्वर से मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मंत्री नन्दी ने बुधवार की शाम को घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से बात करके आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी और कठोरतम कार्यवाही के निर्देश दिए। एसएसपी ने बताया कि आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जायेगा। आरोपित आबकारी सिपाही अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित है! सिपाही के बर्खास्तगी की कार्यवाही की जायेगी! मंत्री नन्दी ने कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के विरुद्ध ऐसी कार्यवाही की जायेगी कि सात पुश्तें याद रखेंगी। मंत्री नन्दी ने कहा कि घटना में संदीप गुप्ता जी उनके भाई विशाल गुप्ता जी और दुकान पर खड़े दो ग्राहक भी घायल हुए हैं। संदीप जी और सभी घायलों के शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। 

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प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद ने नववर्ष पर शुभकामनाएं दी

उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख एवं समृद्धि की कामना की है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी एक शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि आने वाला साल सभी के लिए नई खुशियां एवं उमंग लेकर आये। प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने नये वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाईयों को ओर ले जाने तथा आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प को साकार करने में अपना हर संभव योगदान दिये जाने की कामना की है। साथ ही नववर्ष को कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत मनाये जाने की अपील भी की है।

ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह‘ ने नववर्ष पर शुभकामनाएं दी

उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह‘ ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख एवं समृद्धि की कामना की है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी एक शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि आने वाला साल सभी के लिए नई खुशियां एवं उमंग लेकर आये। मंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास की नई ऊंचाईयों की ओर अग्रसर है। सिंह ने नये वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाईयों को ओर ले जाने तथा आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प को साकार करने में अपना हर संभव योगदान दिये जाने की कामना की है। साथ ही नववर्ष को कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत मनाये जाने की अपील भी की है।

खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह ‘धुन्नी सिंह‘ ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को बधाई दी

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह ‘धुन्नी सिंह‘ ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं मंगलमय जीवन की कामना की है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी एक शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि आने वाला नया वर्ष सभी के लिए नई खुशियां एवं उमंग लेकर आये। उन्होंने कहा कि सभी निरोगी एवं स्वस्थ रहें और उनमें नई ऊर्जा का संचार हो। साथ ही लोग जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति के शिखर पर पहुंचे। उन्होंने यह भी कामना की है कि जल्द से जल्द कोरोना जैसी वैश्विक महामारी समाप्त हो और प्रत्येक व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर जाये व सभी लोग आपसी प्रेम सौहार्द और भाईचारे की भावना के साथ जीवन व्यतीत करें।

पशुधन मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने नववर्ष पर शुभकामनाएं दी

उत्तर प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख एवं समृद्धि की कामना है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी एक शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि आने वाला साल सभी के लिए नई खुशियां एवं उमंग लेकर आये। चौधरी ने नये वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाईयों को ओर ले जाने तथा आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प को साकार करने में अपना हर संभव योगदान दिये जाने की कामना की है। साथ ही नववर्ष को कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत मनाये जाने की अपील भी की है। 

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जनपद झांसी के बबीना ब्लाक के 15 गांवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध की परियोजना हेतु 3000 लाख रूपये स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में जनपद झांसी के बबीना ब्लाक के 15 गांवों की सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की पुनरीक्षित परियोजना हेतु प्रावधानित 8000 लाख रूपये में से 3000 लाख रूपये परियोजना के कार्याें पर वहन किये जाने हेतु प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश के निर्वतन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई मुश्ताक अहमद की ओर से 28 दिसम्बर, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए कहा गया है कि परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर समस्त उत्तरदायित्व प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का होगा। परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकि स्वीकृति प्राप्त करने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ कराया जाये। स्वीकृति धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजना पर ही किया जाये।

नौगढ बांध की पुनरोद्धर की परियोजना हेतु 224.77 लाख रूपये स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा नौगढ बांध की पुनरोद्धर की परियोजना हेतु प्रावधानित धनराशि 335.84 लाख रूपये के सापेक्ष 224.77 लाख रूपये परियोजना के अवशेष कार्यों पर व्यय करने के लिए अवमुक्त की गयी है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई मुश्ताक अहमद की ओर से 28 दिसम्बर, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए कहा गया है कि परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर समस्त उत्तरदायित्व सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का होगा। धनराशि से कराये गये कार्यों का सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता द्वारा स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित कर इसे संबधित निरीक्षण आख्या एवं फोटो आदि शासन को उपलब्ध कराना होगा।

जलशक्ति मंत्री डा महेन्द्र सिहं ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है

उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डा0 महेन्द्र सिंह ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके मंगलमय जीवन की कामना की है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी बधाई संदेश में उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण को देखेते हुए नववर्ष का आयोजन सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए किया जाये। डा0 महेन्द्र सिंह ने नव वर्ष की बधाई देते हुए ये भी कहा है कि विगत वर्षों से कोरोना की महामारी के बावजूद भी राज्य सरकार विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है और विकास के सभी कीर्तिमानों को हासिल करने में सफल रही है। उन्होंने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री श्रद्धेय मोदी जी एवं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश उत्तरोत्तर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि प्रदेश की जनता का स्नेह प्रदेश सरकार को पूर्व की भांति मिलता रहेगा और योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाईयों को छूने में सफल रहेगा। जलशक्ति राज्य मंत्री बी0एस0 ओलख तथा राज्य जलशक्ति मंत्री बाढ नियंत्रण दिनेश खटिक ने भी प्रदेशवासियों को नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

सुरेश कुमार खन्ना द्वारा टेक्सटाइल पर जीएसटी 5 प्रतिशत रखे जाने के प्रस्ताव पर परिषद ने प्रदान की सहमति

उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्तमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित जीएसटी परिषद की 46वीं बैठक में प्रदेश की ओर से प्रतिभाग करते हुए टेक्सटाइल पर जीएसटी 5 प्रतिशत रखे जाने के प्रस्ताव पर कौंसिल ने सहमति प्रदान कर दी है। उन्होंने विभिन्न व्यापारी संघों की मांगों का समर्थन करते हुए जीएसटी कौंसिल के समक्ष प्रस्तावित किया कि परिषद के सभी सदस्यों की सहमति प्राप्त करते हुए टेक्सटाइल पर जीएसटी को 5 प्रतिशत रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे कपड़ा व्यवसायी तथा आम उपभोक्ता भी प्रभावित हैं, इसलिए टेक्सटाइल पर जीएसटी कम की जानी चाहिए। कपड़ा व्यवसायियों एवं उपभोक्ताओं के हितों को देखते हुए कौंसिल ने इस पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि सुरेश कुमार खन्ना जीएसटी कौंसिल के सदस्य भी हैं। व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता, लखनऊ के व्यापारियों, एवं कपड़ा व्यापार एसोसिएशन के लोगों ने इस संबंध में प्रदेश के वित्त मंत्री के समक्ष ज्ञापन दिया था। कपड़ा व्यापार से जुड़े व्यवसायी चाहते थे कि टेक्सटाइल पर जीएसीटी को कम किया जाए। टेक्सटाइल पर 12 प्रतिशत जीएसटी का प्रभाव कपड़ा व्यवसायियों के साथ-साथ कपड़े से जुडी इण्डस्ट्री तथा आम उपभोक्ता पर भी पड़ेगा। इसलिए उत्तर प्रदेश की ओर से वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं व्यापारियों के पक्ष को मजबूती के साथ जीएसटी कौंसिल के समक्ष रखा। 

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व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ने टेक्सटाइल पर जीएसटी की दर 05 प्रतिशत रखे जाने पर मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं वित्त मंत्री

उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष, मनीष गुप्ता ने टेक्सटाइल पर जीएसटी की दर 05 प्रतिशत ही रखे जाने हेतु उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के प्रस्ताव पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल द्वारा निर्णय लिए जाने पर मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को धन्यवाद ज्ञापित किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल की 46वीं बैठक में सुरेश कुमार खन्ना द्वारा प्रदेश की ओर से रखे गए प्रस्ताव में कपड़ों पर जीएसटी की दरें बढ़ाने के फैसले को वापस लिए जाने का व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष, मनीष गुप्ता ने समस्त सदस्यगणों हर्षपाल कपूर, दिनेश सेठी, मुरारी लाल अग्रवाल, जवाहर प्रसाद कसौधन, महेश पुरी, सुशील गुप्ता व दिलीप सेठ आदि की तरफ से स्वागत करते हुए कहा कि इससे टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े हुए व्यापारियों तथा आम जनता को बहुत फायदा होगा। मनीष गुप्ता ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के व्यापार व निर्यात में भारी वृद्धि होगी तथा रोजगार का सृजन होगा। इस निर्णय से उत्तर प्रदेश के व्यापारियों में खुशी का माहौल है, व्यापारी समाज अति उत्साहित है। ज्ञातव्य है कि व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता एवं कपड़ा व्यापार एसोसिएशन द्वारा इस संबंध में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री के समक्ष ज्ञापन भी दिया गया था।

अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल में नेशनल एजुकेशनल एलायंस फॉर टेक्नोलॉजी (छम्।ज्) की घोषणा की है जिसका क्रियान्वयन ए.आई.सी.टी.सी. और एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसके अंतर्गत सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित विद्यार्थियों को 12 लाख निःशुल्क म्कन-ज्मबी कूपन वितरित किये जाएंगे। नेशनल एजूकेशनल एलायंस फार टेक्नोलाजी (छम्।ज्) का उद्देश्य शिक्षार्थियों की सुविधा हेतु शिक्षण विधि में सर्वोत्तम तकनीकी उत्पादों को एक प्लेटफार्म पर लाना है। नेशनल एजुकेशनल एलायंस फॉर टेक्नोलॉजी (छम्।ज्) के अंतर्गत सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित विद्यार्थियों को 12 लाख निःशुल्क म्कन-ज्मबी कूपन वितरण के संबंध में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा मोनिका एस गर्ग की अध्यक्षता में आज वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ए.आई.सी.टी.ई (।प्ब्ज्म्) के चीफ कोर्डिनेटिंग आफिसर चन्द्रशेखर बुद्ध द्वारा नेशनल एजूकेशनल एलायंस फार टेक्नोलाजी (छम्।ज्) प्लेटफार्म पर विद्यार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया, क्रियान्वयन और महत्व पर प्रकाश डाला तथा इसकी भविष्य की उपयोगिता की बारे में प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किया। वर्चुअल बैठक में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा, मोनिका एस० गर्ग, प्रिसिंपल सेक्रेटरी तकनीकि शिक्षा, निदेशक उच्च शिक्षा डा० अमित भारद्वाज, कुलपति अब्दुल कलाम तकनीकि विश्वविद्यालय अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा कुलसचिव, समस्त क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, उत्तर प्रदेश तथा राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित थे।

‘स्टाम्प कमी के वादों की समाधान योजना‘ लागू

अपर महानिरीक्षक निबन्धन/अपर आयुक्त स्टाम्प प्रकाश चन्द्र वास्तव ने आज बताया कि स्टाम्प कलेक्टर न्यायालयों एवं मा0 सीसीआरए में भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की धारा 33, 47ए(1) तथा 47ए(3) के अन्तर्गत काफी संख्या में लंबित स्टाम्प वादों/स्टाम्प अपीलों के त्वरित निस्तारण हेतु स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा ‘स्टाम्प कमी के वादों की समाधान योजना‘ लागू की जा रही है। अपर आयुक्त ने बताया कि 31 मार्च 2022 तक प्रभावी इस योजना के प्रति वादकारियों एवं आम जनमानस में अत्यन्त उत्साह है। दिनांक 26.12.2021 से 05.01.2022 तक 10 दिवस के लिए तथा उसके पश्चात प्रत्येक सप्ताह दो दिवस को स्टाम्प एवं रजिस्टेªशन विभाग द्वारा ‘विशिष्ट स्टाम्प अदालत‘ आयोजित किये जाने के निर्देश भी समस्त जिलाधिकारियों को प्रदान किये जा चुके है। प्रकाश चन्द्र वास्तव ने बताया कि स्टाम्प अदालत में अब तक 787 वादों का निस्तारण किया गया है। इन वादों के निस्तारण से रू0 4,59,30,683,/- स्टाम्प कमी की धनराशि राजकोष में जमा कराई गयी हैं। उन्होने बताया कि इस प्रकार इस समाधान योजना से जहाँ एक ओर राज्य सरकार को इंगित स्टाम्प कमी के सापेक्ष धनराशि शीघ्रता से प्राप्त हो रही है, वहीं सम्बन्धित पक्षकारों को भी शीघ्र एवं सुलभ न्याय की प्राप्ति के साथ ही ब्याज देयता से भी राहत प्राप्त हो रही है। इस समाधान योजना से अनावश्यक रूप से मुकदमेबाजी भी कम हो रही है।

नव वर्ष की पूर्व संध्या पर सहकारी गन्ना समिति कार्मिकों को मिला, बढे़ हुए महॅगाई भत्ते का तोहफा

प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ द्वारा सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने हेतु दिये गये निर्देशों एवं मा. गन्ना मंत्री, सुरेश राणा के मार्ग-दर्शन में प्रदेश की सहकारी गन्ना समितियों में कार्यरत कार्मिकों के आर्थिक हितों की अभिवृद्धि के दृष्टिगत निबन्धक, सहकारी गन्ना एवं चीनी मिल समितियॉं द्वारा नव वर्ष की पूर्व संध्या पर बढे़ हुए महॅगाई भत्ते का तोहफा दिया है। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेश के निबन्धक, सहकारी गन्ना समितियॉ, उ.प्र., संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा बताया गया कि, राज्य सरकार द्वारा घोषित महॅगाई भत्ते के अनुसार ही महॅगाई स्वीकृति हेतु गन्ना समितियों के कार्मिकों द्वारा मॉग की जा रही थी। कार्मिकों की इसी मॉग का संज्ञान लेते हुए एवं समिति कार्मिकों के आर्थिक हितों में अभिवृद्धि करने तथा उनका मनोबल बढ़ाने हेतु जिन सहकारी गन्ना समितियों में सातवॉ वेतनमान अनुमन्य किया जा चुका है, उनके कार्मिकों को मॅहगाई भत्ते की बढ़ी हुई किश्त की स्वीकृति प्रदान की गई है। निबन्धक ने बताया कि, सहकारी गन्ना समितियों के कार्मिकों को उच्चीकृत वेतनमान का लाभ प्रदान करने के साथ ही बढे़ हुए महॅगाई भत्ते की किश्त का लाभ दिये जाने से पूर्व गन्ना समितियों की वित्तीय स्थिति का आंकलन किया गया तथा संस्थाहित को ध्यान में रखते हुए बढे़ हुए डी.ए. के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह भी उल्लेखनीय है कि, अभी हॉल ही में सक्षम पाई गयी प्रदेश की गन्ना समितियों में लागू छठे वेतनमान को उच्चीकृत कर सातवॉ वेतनमान अनुमन्य किया गया है। उच्चीकृत वेतनमान के तुरन्त बाद नये वर्ष में बढे हुए महॅगाई भत्ते की किश्त की स्वीकृति मिलने से कर्मचारियों की खुशी दोगुनी हो गयी है। 

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मंत्री अनिल राजभर, कपिल देव अग्रवाल तथा स्वाति सिंह ने नववर्ष 2022 की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी

प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री अनिल राजभर, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल तथा महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह ने नववर्ष 2022 की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी है। मन्त्रीगण ने अपने बधाई संदेश में प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना की है। मन्त्रीगण ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर कहा कि आने वाला नया वर्ष प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन मे नई खुशियां एवं उमंग लेकर आये। उन्होंने लोगो से अपील की है कि कोविड-19 अभी समाप्त नही हुआ है, इसलिए नववर्ष को कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए मनाये ।

आयुष मंत्री डॉ धर्म सिंह सैनी ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी

उत्तर प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 धर्म सिंह सैनी ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी है। सैनी ने नूतन वर्ष की पूर्व संध्या पर जारी शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि आने वाला नया वर्ष सभी के लिए नई खुशियां एवं उमंग लेकर आये। उन्होंने कहा कि सभी निरोगी एवं स्वस्थ रहें और उनमें नई ऊर्जा का संचार हो। साथ ही लोग जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति के शिखर पर पहुंचे। उन्होंने यह भी कामना की है कि जल्द से जल्द कोरोना जैसी वैश्विक महामारी समाप्त हो और प्रत्येक व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर जाये व सभी लोग आपसी प्रेम सौहार्द और भाईचारे की भावना के साथ जीवन व्यतीत करें।

वर्षो से लंबित सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना हुई पूर्ण, साकार हुए अन्नदाता के सपने

उत्तर प्रदेश सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के साथ-साथ सर्वाधिक खाद्यान्नों का उत्पादन करने वाला भी राज्य भी है। इस उत्पादन में प्रदेश के किसानों की दिन-रात की मेहनत निहित है। सिंचाई, बीज, खाद, उर्वरक आदि खेती के लिए समय-समय पर आगत का काम करते है। तथा खेती की उन्नति किसानों की मेहनत के साथ ही उपर्युक्त आगतों की समय पर उपलब्धता पर निर्भर करती है। कहा भी गया है-‘‘का वर्षा जब कृषि सुखाने‘‘। उत्तर प्रदेश में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु वर्तमान सरकार द्वारा अनेक परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसी ही एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का राष्ट्र को समर्पण एवं लोकापर्ण माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिनांक 11 दिसम्बर,2021 को हरिहरगंज (हंसुवाडोल), बहराइच रोड, जनपद बलरामपुर में किया है। महत्वपूर्ण बात यह कि सरयू नहर परियोजना की स्वीकृति 1982 में हुई थी। तथा 2012 में इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था। इस प्रकार लगभग 40 वर्षो बाद यह परियोजना पूर्ण हुई। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता तथा लगन से सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना पूर्ण होकर आज प्रदेश के किसानों के लिए सिंचाई का वरदान सिद्ध हो रही है। सरयू नहर परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश के 09 जनपदों- बहराइच श्रावस्ती, गोण्डा बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महराजगंज में सिंचाई सुविधा का विकास करने के लिए इस क्षेत्रों के किसानों के लिए बहुमूल्य तथा बहुउपयोगी परियोजना है। 40 वर्षों से लम्बित इस राष्ट्रीय परियोजना को मात्र 04 वर्षो के रिकार्ड समय में पूर्ण किया गया है, वह भी कोविड महामारी के विकट दौर में। इससेे प्रदेश के नेतृत्व की किसानों एवं कृषि की उन्नति के प्रति गंभीरता साफ झलकती है। यह परियोजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अन्तर्गत देश की 99 परियोजनाओं में सबसे बड़ी परियोजना है। इसके पूर्ण होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 09 जनपदों के 15 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जिससे इन जनपदों के कृषकों की मानसून पर निर्भरता खत्म होगी एवं यहाँ फसलों का उत्पादन बढे़गा। फलस्वरूप मा0 प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य को भी सार्थक सिद्ध किया जा सकेगा। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधा का विकास होने पर 24 लाख टन अतिरिक्त खाद्यान्न का उत्पादन होने की संभावना हैं। जिससे प्रदेश खाद्यान्नों के उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता व अतिरिक्त उत्पादन के माध्यम से देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा। साथ ही इस उत्पादन से गरीब, वंचितों को भी भुखमरी से निजात मिलेगी। परियोजना से 09 जनपदों के 6227 ग्रामों के 30 लाख से भी अधिक कृषक लाभान्वित हो रहे हैं। परियोजना के अन्तर्गत 6600 किमी0 लम्बी मुख्य एवं छोटी 922 नहरों का निर्माण किया गया है। इसके अन्तर्गत सरयू एवं राप्ती नदी पर दो बड़े बैराज भी बनाए गये हैं। अयोध्या, गोला, डुमरियागंज एवं उतरौला में पम्प कैनाल का निर्माण कर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। इसके अन्तर्गत इमामगंज, बस्ती, बांसी, खलीलाबाद, गोण्डा, तरबगंज, इटियाथोक, मनकापुर, टिकरी एवं कैम्पियरगंज शाखा नहर का निर्माण किया गया है। परियोजना के अन्तर्गत नहरों पर 922 हेड रेगुलेटर एंव 11048 पुलों का निर्माण किया गया है। साथ ही नेपाल से आने वाले व क्षेत्रीय नालों पर 1495 ड्रेनेज क्रासिंग का निर्माण किया गया हैंे। सम्पूर्ण परियोजना में रू0 9800 करोड़ की लागत आई हैं। पर्यावरणीय संतुलन को ंबनाए रखने हेतु वृक्षारोपण को भी परियोजना में प्रमुखता से शामिल किया गया है। इस परियोजना के निर्माण से घाघरा नदी, सरयू नदी, राप्ती नदी, बानगंगा नदी व रोहनी नदी को जोड़ने का कार्य भी किया गया हैं। लगभग 40 वर्षो से लम्बित सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को रिकार्ड 04 साल में पूरी कर उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार ने एक उपलब्धि अपने नाम की है। यह प्रदेश के नेतृत्व की कर्मठता, ईमानदारी तथा कार्य के प्रति समर्पण का ही सुफल है कि आज प्रदेश के किसानों को सिचाई का उपहार मिला है। अब हमेशा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध रहने से पूर्वी क्षेत्र के किसान विविध प्रकार की फसलंे उगा सकेगें व समृद्वि के पथ पर आगे बढ़ सकेगे। लम्बित होने के कारण परियोजना की लागत कई गुना बढ़ गई थी तथा इतने वर्षो तक प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के किसान इसके लाभ से वंचित रहे। परन्तु अब जबकि परियोजना पूर्ण हो चुकी है, तब नहरो में बहते जल से पूर्वांचल में समृद्वि की गंगा भी बह रही है। प्रदेश की वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अनेक लंबित परियोजनाओं को पूर्ण करा कर लोगों का विकास का वर्षों का स्वप्न साकार किया गया हैं। इनमें 46 वर्षा से लंबित बाणसागर परियोजना को भी पूर्ण कराया गया है जब प्रदेश के किसान समृद्ध होगें तब उत्तर प्रदेश भी समृद्ध होगा, उन्नत होगा। प्रदेश के विकास के लिए प्रदेश की वर्तमान साकार सम्पूर्ण रूप से समर्पण के साथ कार्य कर रही है।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से हो रही है आत्मनिर्भर।

प्रदेश में संचालित उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य है कि ग्रामीण गरीब महिलाओं को सक्षम और प्रभावशाली संस्थागत मंच प्रदान कर उनकी आजीविका में निरन्तर वृद्धि करना, वित्तीय सेवाओं तक उनकी बेहतर और सरल तरीके से पंहुच बनाते हुये उनकी पारिवारिक आय को बढ़ाना है। ग्रामीण महिलाओं को समूहो के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रसंशनीय कार्य किये है। सरकार ने वर्तमान में मिशन के अंतर्गत 58 लाख से अधिक ग्रामीण क्षेत्र के परिवार की महिलाओं को कुल 5,52,673 स्वयं सहायता समूहों, 25205 ग्राम संगठनों एवं 1387 संकुल स्तरीय संघो से आच्छादित किया गया है। आजीविका सम्बंधित गतिविधियो को प्रोत्साहित करने हेतु अभी तक कुल 358404 स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फण्ड, 227166 स्वयं समूहों को सामुदायिक निवेश निधि द्वारा लाभान्वित किया गया हैं। अभी तक मिशन के अंतर्गत 1.98 लाख स्वयं समूहों के सदस्यों को सत्त आजीविका की दिशा में विभिन्न बैंक क्रेडिट लिंकेज के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रो में गाँव मे ही वित्तीय लेन देन एवं विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में 58 हजार बी0सी0 सखी में से 35908 से अधिक द्वारा प्रशिक्षण एवं प्रमाणीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया हैं। जिससे से 16876 ठब् सखी द्वारा कार्य प्रारम्भ किया जा चूका हैं। प्रदेश के 43 जनपदों के 204 विकासखण्डों में पुष्टाहार उत्पादन एवं आंगनबाड़ी केन्दों को वितरण कराने हेतु उत्पादन इकाई की स्थापना का कार्य तीव्रगति से किया जा रहा है जिसमें दो पुष्टाहार उत्पादन इकाईयों की स्थापना की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के साथ अभिसरण के माध्यम से कुल 10743 महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का चयन किया गया है। जिसमे से 5160 सक्रिय सदस्यों द्वारा 63 करोड़ रूपये का बिल कलेक्शन सबंन्धित कार्य किया गया है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अद्यतन स्थिति के अनुसार 1803 उचित दर की दुकानों का आवंटन स्वयं सहायता समूहों को किया गया है।

प्रदेश के पंचायतीराज विभाग से अभिसरण के माध्यम से कुल 826 विकास खण्डो में 50772 ग्राम पंचायतो के सामुदायिक शैाचालय का प्रबंधन समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी‘ के अतंर्गत बुंदेलखण्ड क्षेत्र के 05 जनपदों के 601 ग्रामों से 26000 शेयर होल्डर्स सम्मिलित है जिसमें प्रतिदिन 90 हजार किलो दुग्ध का संग्रह एवं कुल रू0 120 करोड़ का भुगतान किया गया हैं। पूर्वांचल क्षेत्र के 5 जनपदों गाजीपुर, सोनभद्र, बलिया, मिर्जापुर एंव चन्दौली में बलिनी की दर्ज पर काशी दुग्ध उत्पादक कंपनी का गठन किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने मनरेगा के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से सी0आई0बी0 बोर्ड निर्माण के कार्य के अंतर्गत 1,18,390 सी0आई0बी0 बोर्ड बनाने का आर्डर दिया गया है। वर्ष 2020-21 में 20396 स्वयं सहायता समूह की सदस्यों द्वारा 1.57 करोड़ से अधिक मास्क एवं 1223 सदस्यों द्वारा 65312 पी0पी0ई0 किट आदि का निर्माण किया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में अभी तक 35 लाख से अधिक मास्क का निर्माण किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को समूहो के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाते हुये उन्हें मजबूत किया है।

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