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अयोध्या, काशी के बाद अब मथुरा की बारी, ब्रज क्षेत्र के विकास को लेकर सीएम योगी गंभीर

अयोध्या, काशी के बाद अब मथुरा की बारी, ब्रज क्षेत्र के विकास को लेकर सीएम योगी गंभीर

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। प्रदेश में भाजपा की ओर से विकास के खूब दावे किए जा रहे हैं। काशी और अयोध्या का उदाहरण दिया जा रहा है। भाजपा दावा कर रही है उसकी सरकार में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है जिसकी वजह से वहां विकास के कई कामकाज हुए हैं। इसके साथ ही काशी का भी कायाकल्प हो चुका है। भाजपा की ओर से मथुरा का भी मुद्दा जोर-शोर से उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में खबर यह है कि योगी आदित्यनाथ की नजर अब ब्रज क्षेत्र पर भी आ गई है। योगी सरकार मथुरा-वृंदावन सहित ब्रज के सभी तीर्थ स्थलों को सुंदर और आकर्षक बनाने पर जोर देने की शुरुआत कर चुकी है। योगी आदित्यनाथ खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं और सभी विकास कार्यों का जायजा ले रहे हैं।   

जानकारी के मुताबिक ब्रज तीर्थ विकास की परिषद की चौथी बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर हुई। इस बैठक में विकास परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया गया तथा मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से गुणवत्ता पूर्वक काम करवाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के सामने 2022-23 के प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही मथुरा परिक्रमा मार्ग का विकास, गोवर्धन, राधाकुंड और बलदेव में पर्यटन जन सुविधा केंद्र का निर्माण कार्य शामिल है। इसके साथ ही मथुरा और वृंदावन को स्वच्छ सुंदर और आकर्षक ढंग से विकसित करने के लिए सभी अंतर विभागीय समन्वय करने का भी निर्देश दिया है।   

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद हेमा मालिनी ने रविवार को उम्मीद जताई कि अयोध्या और काशी के बाद उनके निर्वाचन क्षेत्र मथुरा को भी भव्य मंदिर मिलेगा और उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का हवाला दिया। हेमा मालिनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राम जन्मभूमि और काशी के कायाकल्प के बाद स्वाभाविक रूप से मथुरा भी बहुत महत्वपूर्ण है।’’ इंदौर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आईं भाजपा सांसद ने कहा कि वह सोमवार को एक आमंत्रण पर काशी जा रही हैं। मालिनी ने कहा, ‘‘प्यार और स्नेह के प्रतीक भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा की सांसद होने के नाते, मैं कहूंगी कि एक भव्य मंदिर होना चाहिए। एक मंदिर पहले से ही है और मोदी जी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) द्वारा विकसित काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह इसे नया रूप दिया जा सकता है।’

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