लखीमपुर खीरी जाने की अखिलेश यादव ने पकड़ी जिद, आवास के बाहर सुरक्षा बल और सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, आगजनी भी हुई

लखीमपुर खीरी हिंसा पर राजनीति भी साथ साथ गरमा गयी है। मामले के गंभीरता को देखते हुए लखीमपुर खीरी में प्रशासन ने धारा 144 लगा रखी हैं लेकिन लगता है विपक्षी नेता जबरदस्ती लखीमपुर खीरी जाकर लोगों की मौत पर सियासत करना चाहती हैं। देर रात तक पुलिस और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद बाद अब अखिलेश यादव सरकार पर दवाब बनाने के लिए धरने पर बैठ गये हैं। अखिलेश यादव लखीमपुर खीरी जाना चाहते हैं लेकिन प्रशासन ने किसी को घटना स्थल पर जाने की इजाजत नहीं ही है। परमिशन नहीं मिलने के कारण अखिलेश यादव लखनऊ में अपने आवास के बाहर धरने में शामिल हुए। सपा नेता के लखीमपुर खीरी पहुंचने के लिए उनके घर से बाहर निकलने पर पुलिस बलों ने उन्हें रोक लिया। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विरोध के बीच लखनऊ में अखिलेश यादव के आवास के पास पुलिस की गाड़ी में कार्यकर्ताओं आग लगा दी। अखिलेश यादव के आवास के बाहार सुरक्षा बल और समाजवादी कार्यकर्ताओं के बीच भारी हंगामा होता दिखायी दे रहा हैं।

 

 

लखीमपुर खीरी की घटना पर एक्शन में पुलिस
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि रविवार को लखीमपुर खीरी की घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। लखीमपुर खीरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने कथित तौर पर किसानों को कुचलने वाले वाहन में चार किसानों और चार सवारों सहित आठ लोगों की मौत की पुष्टि की। प्रशासन ने वहां निषेधाज्ञा लागू कर दिया गया है। लखनऊ, पुलिस आयुक्तालय में संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) पीयूष मोर्डिया के हस्ताक्षर से रविवार देर रात जारी आदेश में कहा गया , ‘‘आज लखीमपुर खीरी जिले में हुई घटना के मद्देनजर वहां शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है।’’ मोर्डिया ने अपने आदेश में कहा है, ‘‘उक्त घटना को लेकर जनपद में राजनीतिक दलों/संगठनों के एकत्र होने से कानून व्यवस्था प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकती है। इसलिए जनपद खीरी में स्थिति सामान्य होने तक जनपद की सीमा में किसी भी राजनीतिक दल अथवा संगठन के नेताओं/कार्यकर्ताओं के एकत्र होने अथवा प्रदर्शन करने पर रोक लगायी जाती है।’’ 

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