हिमाचल की मर्यादा और संस्कृति भूल गए हैं अग्निहोत्री: नेता प्रतिपक्ष का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को गाली देने के लिए कहना शर्मनाक-भाजपा

मंडी।। मंडी में कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह के नामांकन के बाद आयोजित रैली में मंच से अपशब्द कहने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की निंदा की है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने कहा कि अपशब्द कहने और अमर्यादित व्यवहार करने के लिए पहले ही प्रदेश भर में बदनाम हो चुके मुकेश अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और मर्यादा भूलते जा रहे हैं। वे भूल गए हैं कि यह हिमाचल प्रदेश है, देवभूमि है और यहां की स्वच्छ राजनीति की अब भी पूरे देश में मिसाल दी जाती है। उनका बयान सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए शर्मिंदगी का विषय है।
अजय राणा ने कहा कि अग्निहोत्री खुद तो खुले मंचों से गाली देते ही हैं, अब वह हिमाचल के लोगों को भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ‘मोटी गाली’ देने के लिए उकसा रहे हैं। वह भूल गए हैं कि राजनीति में आलोचना और निंदा का भी एक तरीका होता है। उनकी इस ओछी हरकत का जवाब हिमाचल की जनता 30 अक्तूबर को देगी और चारों सीटों पर भाजपा को विजयी बनाएगी।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने मुकेश अग्निहोत्री को मर्यादा में रहकर बयानबाजी करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, परंतु वह अपनी पार्टी की हार सामने देख उल्टी-सीधी बातें कर रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि अतीत में खुले मंच से गाली देना, राज्यपाल के साथ धक्का-मुक्की और प्रदेश की सेवा कर रहे सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी करना नेता प्रतिपक्ष के कारमानों में शामिल है। हमारे प्रदेश में तो ऐसा कभी होता नहीं था, वह बताएं कि कहां से ये सब सीखकर आए हैं।
अजय राणा ने कहा कि विकास कार्यों की बात अग्निहोत्री न ही करें तो बेहतर। खुद मंत्री रहते वह प्रदेश तो छोड़िए, अपने क्षेत्र के लिए कुछ नहीं कर नहीं पाए और अब प्रदेश भर में घूम-घूमकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। उनका अमर्यादित ढंग से मुख्यमंत्री पर निशाना साधना दिखाता है कि उन्हें यह बात रास नहीं आ रही कि एक गरीब परिवार का बेटा आज हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है।
राणा ने पूछा- क्या मुकेश अग्निहोत्री यह बताएंगे कि आपने उद्योग मंत्री रहते हुए प्रदेशहित में क्या काम किया। क्यों एक ही क्षेत्र पर आपका ध्यान रहा? अपने पास कोई उपलब्धि न होने की ही बौखलाहट है कि आप हिमाचल में भी गाली देने की परंपरा को बढ़ाना देना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि जैसे पंजाब में उनकी पार्टी के नेता खुले मंच से गाली दे रहे हैं, हिमाचल में भी वही संस्कृति पनपे। लेकिन यह हिमाचल है, यहां न गालियों का कोई स्थान है, न गाली देने वालों का।

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