भारत में कोविड-19 के 22,431 नए मामले, 204 दिन में सबसे कम उपचाराधीन मरीज

नयी दिल्ली। भारत में कोविड-19 के 22,431 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 3,38,94,312 हो गए। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2,44,198 हो गई, जो 204 दिन में सबसे कम है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 318 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,49,856 हो गई। देश में लगातार 13 दिन से संक्रमण के 30 हजार से कम नए मामले ही सामने आ रहे हैं। देश में अभी 2,44,198 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.72 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है।

पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 2,489 कमी दर्ज की गई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.95 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 1.57 प्रतिशत है, जो पिछले 38 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.68 प्रतिशत है, जो पिछले 104 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। अभी तक कुल 3,32,00,258 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 92.63 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में जिन 318 लोगों की संक्रमण से मौत हुई, उनमें से केरल के 134 और महाराष्ट्र के 90 लोग थे। देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,49,856 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,39,362, कर्नाटक के 37,854, तमिलनाडु के 35,707, केरल के 25,811, दिल्ली के 25,088, उत्तर प्रदेश के 22,896 और पश्चिम बंगाल के 18,863 लोग थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

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