उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 12 नये मामले, कुल 11,50,88,781 कोविड डोज दी गयी

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,50,986 सैम्पल की जांच की गयी है। जिसमें कोरोना संक्रमण के 12 नये मामले आये हैं। प्रदेश में अब तक कुल 8,04,62,512 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 11 तथा अब तक कुल 16,86,928 लोग कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के कुल 142 एक्टिव मामले है। उन्होंने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर किया जा रहा है। प्रदेश में कल तक पहली डोज 9,08,15,820 तथा दूसरी डोज 2,42,72,961 लगायी गयी हैं। कल तक कुल 11,50,88,781 कोविड डोज दी गयी है। 
प्रसाद ने बताया कि कोविड संक्रमण अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए सभी लोग कोविड अनुरूप आचरण करे। टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कोविड हेल्पलाइन 18001805145 पर सम्पर्क करे। 
दुग्ध उत्पादकों हेतु तकनीकी निवेश कार्यक्रमके तहत 69.36 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में डेयरी विकास के लिए दुग्ध उत्पादकों हेतु तकनीकी निवेश कार्यक्रम (जिला योजना-एस0सी0पी0) के तहत 31 जनपदों के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 69.36 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह धनराशि प्राविधानित धनराशि 138.72 लाख के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में स्वीकृत की गई है।  सहकारी दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादक/सदस्यों को दुग्ध विकास कार्यक्रम के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए तकनीकी निवेश योजना संचालित है।
इस संबंध में दुग्ध विकास विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के अनुसार यह धनराशि आगरा, मैनपुरी, झांसी, जालौन(उरई), हमीरपुर, महोबा, बांदा, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मेरठ, रामपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, प्रयागराज, प्रतापगढ,़ कानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बहराइच, तथा गोंडा जनपदों के लिए स्वीकृत की गई है। स्वीकृत धनराशि का उपयोग अनुसूचित जातियों के लिए संचालित विशेष घटक योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के सदस्यों से गठित/पुनर्गठित दुग्ध समितियों पर ही किया जायेगा।
शासनादेश में योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सम्बन्धित जनपदों के दुग्धशाला विकास अधिकारी/उप दुग्धशाला विकास अधिकारी तथा आहरण वितरण अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण व व्यय भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा योजना हेतु निर्धारित के समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों तथा शासनादेश में निहित व्यवस्था के अनुसार किया जाये। योजना में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु ग्रामीण क्षेत्रो में लघु, सीमान्त कृषकों को लाभान्वित कराते हुए पशु प्रजनन कार्यक्रम, पशु स्वास्थय कार्यक्रम एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रम संचालित किये जायेगे।

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