हिमाचल के बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग पर दो महीने तक लगेगा प्रतिबंध

धर्मशाला। कोरोना काल में साहसिक खेल पैराग्लाइडिंग के शौकीन व इससे जुडे कारोबारियों के लिये बंदिशों के खुलने के बावजूद बुरी खबर आई है। चूंकि लंबे अरसे बाद यहां गतिविधयां शुरू ही हुर्द थीं कि अब यहां दो महीने के लिये सबकुछ रूक जायेगा। यही वजह है कि जिला कांगडा में इस पर प्रतिबंध न लगाने की मांग उठ रही है। देश दुनिया के साहसिक खेलों के प्रेमियों के लिये जिला कांगडा का बैजनाथ का बीड बिलिंग पसंदीदा गंतव्य रहा है हर साल यहा मार्च से जून तक हजारों पर्यटक पैराग्लाइडिंग और ट्रैकिंग का आनंद लेने के लिए आते हैं। इस बार कोरोना के कारण यहा पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को नुकसान झेलना पड़ा है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान पिछले 70 दिनों से यहां सबकुछ बंद था। अब यह खुला ही था कि 15 दिन बाद अब कोविड-19 के बाद मौसम की मार पड़ने वाली है। 
 

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यहां अब 15 जुलाई से पैरागलाईडिंग पर फिर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। बरसात के मौसम को देखते हुए 15 जुलाई से 15 सितंबर तक यहां पैरागलाईडिंग गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहती है। पर्यटन विभाग इन साहसिक गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है, मानसून को देखते हुए पर्यटकों और पायलटों की जान को जोखिम में न डाला जा सके, इसके चलते पर्यटन विभाग हर वर्ष 15 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक इन साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा देता है। इससे पहले इस साल कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों के कारण पैरागलाईडिंग पर रोक लगाई थी। वहीं अब प्रदेश में पर्यटकों के आने पर कोई भी पाबंधी नहीं है, लेकिन बरसात का मौसम शुरू होते ही पर्यटन विभाग पैराग्लाइडिंग पर रोक लगा देगा, जिसका असर पायलटों की रोजी रोटी पर पड़ेगा। 
 

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धर्मशाला एडवेंचर स्पोर्ट्स क्लब के प्रधान विजय इंद्रकरण ने कहा कि कोरोना काल में पहले ही पायलटों पर मार पड़ी है। वहीं अब पर्यटन गतिविधियां शुरू होने के बाद पैराग्लाइडिंग को भी कुछ पंख लगे हैं। इस बार 15 जुलाई से इन साहसिक खेल गतिविधियों पर रोक न लगे, इसके लिए प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा। प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी कि जब तक बरसात पूरी तरह से उतर नहीं आती है, तब तक पैराग्लाइडिंग पर रोक न लगाई जाए। जिला पर्यटन अधिकारी सुनयैना शर्मा ने कहा कि सरकार की गाइड लाइन के चलते हर वर्ष 15 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक साहसिक गतिविधियों को बंद रखा जाता है। इस वर्ष भी 15 जुलाई से प्रदेश भर में इन साहसिक गतिविधियों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। 

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