संकट टालने की कवायद या कानून की दुहाई, दलील जो हो लेकिन सच तो ये है- CM चाहे रमन हो या भूपेश जेल तो ‘बघेल’ को ही जाना पड़ता है

छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक चर्चा खूब चल रही है कि सीएम ने अपने पिता को जेल भेज दिया। इसके साथ ही ये संदेश दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। वहीं कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे टीएस सिंह देव संग अंदरूनी कलह के बीच कुर्सी बचाने की कवायद के रूप में बताया जा रहा है। वैसे तो पिता-पुत्र के बीच की अदावत की कई खबरें भी सामने आई हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास पर गौर करें तो चाहे वो बीजेपी शासित रमण सिंह की सरकार हो या कांग्रेस शाति भूपेश बघेल की। राज्य का मुख्यमंत्री कोई भी हो जेल तो बघेल को ही जाना पड़ता है। चाहे वो पिता यो या पुत्र। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि भूपेश बघेल के पिता के जेल जाने की खबरे इन दिनों खूब सुर्खियों में रही। लेकिन आपको आज हम इसके साथ ही भूपेश बघेल के जेल जाने की कहानी भी सुनाते हैं। जब एक सीडी कांड को लेकर उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी थी। 

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 अश्लील सीडी कांड में जाना पड़ा था जेल 

रमण सिंह की सरकार के दौरान 27 अक्टूबर 2017 को एक कथित सेक्स टेप वायरल हुआ था, जिसमें छत्तीसगढ़ के एक मंत्री का नाम सामने आया था। बाद में इस मामले में दिल्ली से पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी हुई थी। इस मामले में बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर कथित सेक्स सीडी बांटने का आरोप लगाया था। सीडी कांड में आरोपी विनोद वर्मा के साथ ही भूपेश बघेल के खिलाफ रायपुर में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड में तत्ताकीलन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने भूपेश बघेल को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत पर भेजा था।

अब पिता बघेल की तीन रातें जेल में गुजरे
बघेल के पिता नंद कुमार बघेल की जिस टिप्पणी को लेकर बवाल हुआ वो उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में की थी इसे लेकर ब्राहम्ण समाज में नाराजगी थी। नंद कुमार बघेल के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 और 153 ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई। उन पर समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा और वैमनस्य की भावना पैदा करने और समाज में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया गया। 4 सितंबर को शिकायत दर्ज की गई और 5 सितबंर को भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक पुत्र के रूप में मैं उनका सम्मान करता हूं। लेकिन एक सीएम के रूप में उनकी ऐसी किसी भी गलती को माफ नहीं किया जा सकता। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। फिर चाहे वो सीएम के 86 साल के पिता ही क्यों न हो। रायपुर पुलिस ने नंदकुमार बघेल को आगरा से गिरफ्तार किया। उसके बाद पुलिस उन्हें रायपुर लेकर आई। अदालत ने नंद कुमार बघेल को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। हालांकि बाद में उनके वकील ने जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन लगाया, जिस पर मंजूरी दे दी गई और नंद कुमार बघेल जेल से बाहर आ गए।

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सीएम बघेल का अपने पिता से क्यों है विवाद
भूपेश बघेल का अपने पिता के साथ विवाद और मतभेद कोई नया नहीं है। खुद बघेल द्वारा भी अपने पिता से मतभेद की बातों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी कर चुके हैं। नंद कुमार बघेल राज्य में मतदाता जागृति मंच नाम से संस्था चलाते हैं। राज्य में कांग्रेस पार्टी के नेताओं के ख़िलाफ़ अभियान चलाने और चुनाव में उनके ख़िलाफ़ प्रचार करने के लिए भी नंद कुमार बघेल की पहचान रही है। 2014 में जब अजीत जोगी महासमुंद से चुनाव लड़ रहे थे तो नंद कुमार बघेल ने उनके ख़िलाफ़ चुनाव प्रचार करने की घोषणा की। इसके अलावा नंद कुमार बघेल लगातार अपने विवादित टिप्पणियों के लिए भी जाने जाते हैं। कुछ महीने पहले एक आयोजन में उन्होंने कहा था, “ईश्वरवाद झूठ है. ईश्वर की आड़ में इस देश में एक पाखंड चलता रहा है, जिसमें ब्राह्मण अपना हित साधते रहते हैं।  

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