लव नारकोटिक जिहाद के बयान से केरल में सियासी बवाल, कांग्रेस ने की बिशप की आलोचना

तिरुवनंतपुरम। कैथोलिक बिशप जोसेफ कल्लारंगत द्वारा कथित ‘लव और नारकोटिक जिहाद’ पर दिए गए विवादास्पद बयान से केरल में शुक्रवार को राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया और विपक्षी दल कांग्रेस ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि बिशप ने अपनी टिप्पणी से ‘‘हदें पार कर दी हैं।’’ वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कल्लारंगत को पूरा समर्थन देते हुए समाज से उनके बयान पर चर्चा करने का आग्रह किया। सत्तारूढ़ दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से मामलों पर प्रायः त्वरित टिप्पणी की उम्मीद की जाती है लेकिन अभी तक उसकी ओर से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है। विधानसभा में नेता विपक्ष वी डी सतीशन ने फेसबुक पर लिखा कि समुदाय के लोगों और आध्यात्मिक नेताओं को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जिससे केरल में शांति के वातावरण या आमजन के बीच भरोसे की भावना को क्षति पहुंचे।

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उन्होंने कहा कि अपराध का जाति या लिंग से कोई संबंध नहीं होता। सतीशन ने कहा कि मानसिक बीमारी के लिए जाति और धर्म को देखना नस्ली भेदभाव है। उन्होंने कहा, ‘‘जाति और धर्म के आधार पर अपराधों को देखना तथा इसके लिए किसी समुदाय विशेष को दोषी ठहराना बड़ी भूल है। बिशप जोसेफ कल्लारंगत के बयान ने हदें पार कर दी हैं।’’
नेता विपक्ष ने यह भी कहा कि धर्मिक नेताओं को आत्म नियंत्रण और संयम का पालन करना चाहिए। हालांकि, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन ने साइरो-मालाबार चर्च से संबंधित बिशप का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने जो कुछ भी बोला है, वह ‘‘गंभीर मुद्दा’’ है जिसपर समाज को चर्चा और विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘बिशप ने जो कहा है, वह उनके अपने अनुभव पर आधारित है। यह गंभीर मुद्दा है जिस पर बिना किसी पूर्वाग्रह के चर्चा होनी चाहिए। कुछ लोग बहस से क्यों बचना चाहते हैं?’’ कल्लारंगत के दावों का समर्थन करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में ‘नाकोटिक जिहाद’ एक सच्चाई है और जिन लोगों को रेव पार्टियों के संबंध में गिरफ्तार किया जा रहा है, उनके आतंकवादी नेटवर्क से करीबी संपर्क हैं। उन्होंने कहा कि केरल या भारत में ही नहीं, विश्वभर में ड्रग माफिया का आतंकवादी संगठनों से गहरा नाता है। सुरेंद्रन ने कहा, ‘‘बिशप ने सच बोला और इसके लिए उनपर हर ओर से हमला नहीं किया जाना चाहिए।

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उन्होंने जो कहा, वह नई चीज नहीं है। उन्होंने किसी समुदाय विशेष पर आरोप नहीं लगाया, बल्कि केवल उन्हें दोष दिया जो समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।’’ इस बीच कोट्टायम स्थित मुस्लिम संगठन महल्लु मुस्लिम समन्वय समिति ने बिशप के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कल्लारंगत ने जानबूझकर समाज का सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण करने के लिए बयान दिया। जोसेफ कल्लारंगत ने बृहस्पतिवार को कहा था कि केरल में ईसाई लड़कियां ‘‘लव और नारकोटिक जिहाद’’ का शिकार बन रही हैं तथा जहां भी हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, वहां दूसरे धर्मों के युवाओं को बर्बाद करने के लिए चरमपंथी ऐसे तरीके अपना रहे हैं। जिले के एक चर्च में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बिशप ने कहा था कि ‘‘लव जिहाद’’ के तहत गैर मुस्लिम, विशेषकर ईसाई समुदाय की लड़कियों को बड़े स्तर पर प्रेमजाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और आतंकवाद जैसे कृत्यों के लिए उनका इस्तेमाल किया जा रहा है।

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