मेरठ:उत्तम क्षमा धर्म पर जिनालयो में हुई पूजा, दशलक्षण महापर्व शुरू

दिगम्बर जैन धर्मावलम्बियों का दशलक्षण पर्व शुरू हो गया है। शुक्रवार को धर्म का उत्तम क्षमा लक्षण मनाया गया है। शहर के सभी जिनालयो (जैन मंदिरों) में उत्तम क्षमा धर्म पर सुबह पूजा पाठ हुए। चार्तुमास के स्थानों पर मुनियों, आर्यिका माताजी के प्रवचन हुए। जिनालयो में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ पहले दिन उत्तम क्षमा का महत्व बताते हुए श्री जी को पांडुक शिला पर विराजमान कर शांतिधारा की। घरों में भी श्रद्धालुओं ने णमोकार मंत्र का जाप कर भगवान महावीर के अहिंसा संदेश के पालन का संकल्प लिया।
श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर थापरनगर में शुक्रवार को दशलक्षण महापर्व के पहले दिन उत्तम क्षमा की पूजा हुई। सबसे पहले भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। इसके बाद विधान का संगीतमय आयोजन हुआ। विधान ब्रह्मचारिणी स्वीटी दीदी ने कराया। लगभग 50 महिलाओं एवं पुरुषों ने विधान में सहभागिता की। संगीतकार विक्की एंड पार्टी ने मधुर संगीत से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। 
आनंदपुरी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में भगवान को पांडुकशिला पर विराजमान कर अभिषेक किया गया। भगवान पर शांतिधारा की गई। शांतिधारा का सौभाग्य सुनील जैन प्रवक्ता को प्राप्त हुआ। प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की पूजा की गई तथा पंचमेरू नंदीश्वर दीप की पूजा की गई। उसके बाद स्वयंभू स्तोत्र पढ़कर पूजा की समाप्ति हुई।
श्री 1008 शांतिनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर असौड़ा हाउस पर पर्वराज पर्यूषण पर्व प्रथम उत्तम क्षमा धर्म के दिन का शुभारंभ हर्षोंल्लास पूर्वक प्रारंभ हुआ। नित्य अभिषेक पश्चात प्रातः शांतिधारा हुई। इसके पश्चात णमोकार महाअर्चना विधान कराया गया, जिसमें सभी भक्तों ने पूजन विधान किया। आचार्य जिन सेन स्वामी ने भक्तों से भक्ति मांगी है जो परंपरा से मोक्ष का कारण है। उत्तम क्षमा पर मेघना ने बताया कि क्षमा ही तो वह शक्ति है जिसमें वैचारिक प्रदूषण से मुक्ति मिलती है। शाम को मंदिर जी में मंगलज्योति एवं आरती कराई गई। इसके पश्चात स्वाध्याय एवं प्रश्न मंच कराया गया। 

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