धर्म को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए : स्वामी प्रसाद मौर्य

बलिया (उप्र)। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि धर्म आस्था का विषय है और इसे राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। मौर्य ने बृहस्पतिवार शाम जिले के गुलाब नगरी के नाम से मशहूर सिकन्दरपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा को अब्बा जान , चाचा जान व भाई जान जैसी बातों से कोई मतलब नहीं है वह आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता के पास जन कल्याण के लिए किए गए कार्यों व विकास योजनाओं के आधार पर जा रही है।

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उन्होंने कहा,‘‘ किसी भी भगवान को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिये, भगवान आस्था का विषय हैं और हर व्यक्ति को उसकी आस्था के अनुसार उन्हें मानने की छूट है। आस्था के विषय को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिये।’’ मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर उनके ‘‘भगवान राम व श्री कृष्ण प्रेम’’ पर भी तंज किया।
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को चचा जान कहे जाने सम्बन्धी हालिया बयान पर उन्होंने कहा कि,‘‘ भाजपा जन कल्याणकारी कार्यों व विकास योजनाओं को लेकर जनता के पास जा रही है। जिनके पास कुछ नहीं है वे चचा जान व अब्बा जान का सहारा ले रहे हैं।

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भाजपा को अब्बा जान , चाचा जान व भाई जान जैसी बातों से कोई मतलब नहीं है।’’
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल उत्तर प्रदेश में नाकाम हो गया है और विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। देश व प्रदेश की जनता ने कांग्रेस,सपा व बसपा को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,उनके विकास व कल्याणकारी योजनाओं की ही चर्चा है।

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