दिव्यांगों के पास खुद चलकर, जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, समस्याओं का किया जाय त्वरित निदान

प्रदेश सरकार ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, चिलवनिया बस्ती के भवन निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विभाग अनुभाग  विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, चिलवनिया बस्ती के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनरशि 310 लाख रूपये (तीन करोड़ दस लाख रूपये) की स्वीकृति चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में शर्ताें के अधीन प्रदान की गयी है। शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, चिलवनिया बस्ती के भवन निर्माण हेतु 823.42 लाख रूपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है जिसके सापेक्ष में अब तक 513.42 लाख रूपये निर्गत किये जा चुके है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सिरसागंज, फिरोजाबाद के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनरशि 299.43 लाख रूपये स्वीकृत
प्रदेश सरकार ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सिरसागंज, फिरोजबाद के भवन निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विभाग अनुभाग  विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सिरसागंज, फिरोजाबाद के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनरशि 299.43 लाख रूपये (दो करोड़ निन्यानबे लाख तैंतालिस हजार रूपये) की स्वीकृति चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में शर्ताें के अधीन प्रदान की गयी है। शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सिरसागंज फिरोजाबाद के भवन निर्माण हेतु 686.78 लाख रूपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है जिसके सापेक्ष में अब तक 387.35 लाख रूपये निर्गत किये जा चुके है।
 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कोरावं, प्रयागराज के भवन निर्माण हेतु 03 करोड़ रूपये स्वीकृत
प्रदेश सरकार ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कोरावं, प्रयागराज के भवन निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विभाग अनुभाग  विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कोरावं, प्रयागराज के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनरशि 701.98 लाख रूपये में से 300 लाख रूपये (तीन करोड़ रूपये) की स्वीकृति चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में शर्ताें के अधीन प्रदान की गयी है। शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कोरावं, प्रयागराज के भवन निर्माण हेतु 951.98 लाख रूपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है जिसके सापेक्ष में अब तक 250 लाख रूपये निर्गत किये जा चुके है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शिवराजपुर (बिल्हौर), कानपुर नगर के भवन निर्माण हेतु 291.91 लाख रूपये स्वीकृत
प्रदेश सरकार ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शिवराजपुर (बिल्हौर), कानपुर नगर के भवन निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विभाग अनुभाग विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शिवराजपुर (बिल्हौर), कानपुर नगर के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनरशि 291.91 लाख रूपये (दो करोड़ इक्यानबे लाख रूपये) की स्वीकृति चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में शर्ताें के अधीन प्रदान की गयी है। शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शिवराजपुर (बिल्हौर), कानपुर नगर के भवन निर्माण हेतु 739.87 लाख रूपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है जिसके सापेक्ष में अब तक 447.96 लाख रूपये निर्गत किये जा चुके है।
05 जुलाई से 15 जुलाई के मध्य अन्त्योदय तथा पात्र गृहस्थी लाभार्थियों को आवंटित खाद्यान्न के निःशुल्क वितरण के सम्बन्ध में दिशा निर्देश जारी
उत्तर प्रदेश सरकार कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियोें के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहंुचाने के लिए सभी राशन कार्डधारकों को निःशुल्क राशन उपलब्ध करा रही है। इसी क्रम में माह जुलाई, 2021 में सम्पन्न होने वाले प्रथम चक्र में 05 जुलाई, 2021 से 15 जुलाई, 2021 तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अंतर्गत अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को आवंटित खाद्यान्न के निःशुल्क वितरण का निर्णय लिया गया है। प्रदेेश के खाद्य आयुक्त, श्री मनीष चैहान ने आवश्यक वस्तुओं का वितरण, सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन, आवश्यक वस्तुओं के वितरण का सत्यापन के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह जानकारी अपर खाद्य आयुक्त, श्री अनिल कुमार दुबे ने आज यहां देते हुए बताया कि अन्त्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किग्रा0 खाद्यान्न (20 किग्रा0 गेहूँ व 15 किग्रा0 चावल) तथा पात्र गृहस्थी कार्डधारकों से सम्बद्ध यूनिटों पर 05 किग्रा0 खाद्यान्न प्रति यूनिट (03 किग्रा0 गेहूँ व 02 किग्रा0 चावल) का मुफ्त वितरण किया जायेगा। राशन कार्डधारकों को पोर्टेबिलिटी के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा अनुमन्य रहेगी। दुबे ने बताया कि वितरण की अन्तिम तिथि 15 जुलाई, 2021 होगी, जिस दिन आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त न कर सकने वाले उपभोक्ताओं हेतु मोबाइल ओ.टी.पी. वेरीफिकेशन के माध्यम से वितरण सम्पन्न किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल ओ.टी.पी. वेरीफिकेशन के माध्यम से सम्पन्न होने वाले वितरण के समय कार्डधारक से आधार प्रमाणीकरण न होने का कारण तथा उसका/परिवार के किसी अन्य सदस्य का मोबाइल नम्बर संरक्षित किया जाएगा तथा पूर्ति निरीक्षक द्वारा उस मोबाइल नम्बर की पुष्टि सुनिश्चित करते हुए कार्डधारक के उस मोबाइल नम्बर को राशनकार्ड मैनेजमेंट सिस्टम में लाभार्थी के डाटाबेस में फीड कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। इस मोबाइल नम्बर का प्रयोग मोबाइल ओ.टी.पी. वेरीफिकेशन हेतु किया जाएगा तथा प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र लाभार्थी खाद्यान्न प्राप्ति से वंचित न रहें।
अपर आयुक्त ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक उचित दर दुकान पर आवश्यक वस्तुओं के वितरण का एक रोस्टर निर्धारित किया जायेगा, ताकि उचित दर दुकानों पर भारी भीड़ एकट्ठी न हो और उपभोक्ताओं को अनावश्यक देर तक प्रतीक्षा करने की असुविधा का सामना न करना पड़े। सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के लिए दो उपभोक्ताओं के मध्य कम से कम 02 गज की दूरी रखी जाएगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आंवटित खाद्यन्न का प्रथम चक्र 05 जुलाई से 15 जुलाई, 2021 तक सम्पन्न होने वाले निःशुल्क वितरण के सम्बन्ध में आयुक्त खाद्य एवं रसद उ0प्र0 की ओर से समस्त जिलाधिकारी, प्रबन्ध निदेशक, सम्भागीय खाद्य नियन्त्रक तथा सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश 02 जुलाई, 2021 को भेज दिये गये है। अपर खाद्य आयुक्त ने बताया कि जाँच में अनियमितता पाये जाने की स्थिति में सम्बन्धित दोषी विक्रेता के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जनपद न्यायाधीश गौतमबुद्ध नगर के लिए आवास के निर्माण हेतु अवशेष 100.58 लाख रूपये स्वीकृत
उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद गौतमबुद्ध नगर के जनपद न्यायाधीश श्रेणी 06 के 01 आवास के निर्माण हेतु 100.58 लाख रूपये (एक करोड़ अट्ठावन हजार) की अवशेष धनराशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस सम्बंध में न्याय विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश में यह निर्देश दिये गये हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग 31 मार्च, 2022 तक अवश्य कर लिया जाय। स्वीकृत धनराशि जिस कार्य में स्वीकृत की गयी है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य में किया जाय।

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कृषि विभाग द्वारा प्रदेश के कुल 194.06 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड का वितरण सुनिश्चित किया गया
किसानों की आय में वृद्धि किये जाने एवं उनके उत्थान के दृष्टिगत भारत सरकार द्वारा संचालित किसान क्रेडिट कार्ड योजना अत्यन्त महत्वपूर्ण योजना साबित हुई है। उत्तर प्रदेश में कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा प्रदेश के कुल 194.06 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड का वितरण कराया जा चुका है। कृषि विभाग से मिली विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021-22 में वर्ष में 34.79 लाख किसान क्रेडिट कार्ड वितरण लक्ष्य के सापेक्ष कोविड-2019 के संक्रमण काल में भी कृषि विभाग द्वारा बेहतर समन्वय स्थापित करते हुये माह मई, 2021 तक 1.92 लाख किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण सुनिश्चित किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2020-21 में 57.60 लाख किसान क्रेडिट कार्ड एवं वर्ष 2019-20 में 57.62 लाख किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण कराया जा चुका है। वर्ष 2018-19 में 36.70 लाख किसान क्रेडिट कार्ड और वर्ष 2017-18 में 40.22 लाख किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण कराया गया।
प्रदेश में विभिन्न फसलों के अन्तर्गत कृषि आच्छादन क्षेत्र में हुयी वृद्धि  
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, सूर्य प्रताप शाही के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा खरीफ 2021 में गत् माह तक 0.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया, जबकि रबी 2020-21 में विभिन्न फसलों के अंतर्गत प्रदेश में कुल 129.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया। कृषि विभाग से मिली विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार खरीफ-2019 में विभिन्न फसलों के अंतर्गत प्रदेश में कुल 96.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया। रबी 2019-20 में विभिन्न फसलों के अंतर्गत प्रदेश में कुल 130.02 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया और और खरीफ 2020 में विभिन्न फसलों के अंतर्गत प्रदेश में कुल 96.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया। इसी प्रकार खरीफ-2018 में विभिन्न फसलों के अंतर्गत प्रदेश में कुल 94.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया। रबी 2018-19 में विभिन्न फसलों के अंतर्गत प्रदेश में कुल 129.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया। खरीफ-2017 में विभिन्न फसलों के अंतर्गत प्रदेश में कुल 92.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया। रबी 2017-18 में विभिन्न फसलों के अंतर्गत प्रदेश में कुल 128.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया गया।
समस्त जिलाधिकारी जल जीवन मिशन कार्यक्रम को इम्पैनल वेन्डर्स के माध्यम से कार्य यथाशीघ्र शुरू करायें
प्रमुख सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुराग श्रीवास्तव ने समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन कार्यक्रम को इम्पैनल वेन्डर्स के माध्यम से कार्य यथाशीघ्र शुरू करायें। उन्होंने इस कार्यक्रम के सम्बन्ध में पूर्व में जारी शासनादेशों का हवाला भी दिया। विगत 03 जुलाई, 2021 को भेजे गये अपने परिपत्र में प्रमुख सचिव ने 05 फरवरी, 2021 के शासनादेश का उल्लेख करते हुए कहा है कि जिलेवार कार्यदायी संस्थाओं को गाॅव की संख्या आवंटित की गयी थी, उसके अनुक्रम में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा कुछ गाॅवों की सूची भी कार्यदायी संस्थाओं को उपलब्ध करायी गयी है। प्रमुख सचिव ने परिपत्र में अपेक्षा किया है कि राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति से डी0पी0आर0 स्वीकृत होने के उपरान्त तत्काल जिले में युद्धस्तर पर यह अनुबन्ध करा लिये जायें और उसके उपरान्त मौके पर तत्काल कार्य प्रारम्भ कर दिया जाए। इसके अलावा त्रिपक्षीय अनुबन्ध, चूंकि कई ग्राम पंचायतों के एक साथ होेने हैं, इसे जिला स्तर, ब्लाॅक स्तर अथवा किसी अन्य स्तर पर कैम्प लगाकर भी कराया जा सकता है। अनुबन्ध के कार्यक्रम स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराये जायें। उन्होंने यह भी अपेक्षा कि उक्त कार्यक्रम विकास खण्ड स्तर पर आयोजित कराये जाये, जिसमें क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करायी जाए ताकि योजनाओं का अधिकतम प्रचार-प्रसार हो सके। त्रिपक्षीय अनुबन्ध के उपरान्त सम्बन्धित इम्पलीमेन्टेशन सपोर्ट एजेन्सी (आई0एस0ए0) से अपने क्षेत्र के कार्यक्रम से सम्बन्धित ग्राम पंचायतों का ग्राम कार्ययोजना भी प्राप्त किया जाए। उन्होंने दिये गये निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये।
50 से कम बेड वाले निजी अस्पताल आॅक्सीजन कन्सन्ट्रेटर या आॅक्सीजन सिलेन्डर की पर्याप्त व्यवस्था रखें
प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने आज निजी अस्पतालों को न्यूनतम आॅक्सीजन बैकअप रखने का निर्देश दिया है। अपने आदेश में उन्होंने निर्दिष्ट किया है कि प्रत्येक चिकित्सालय जिनके पास 50 से अधिक बेड्स हैं वे समुचित क्षमता वाले आॅक्सीजन जनरेशन प्लान्ट की व्यवस्था अपने यहाँ सुनिश्चित कराएंगे। अपर मुख्य सचिव ने 50 से कम बेड्स वाले चिकित्सालयों को आॅक्सीजन बैकअप की अन्य व्यवस्थाएं जैसे आॅक्सीजन कन्सन्ट्रेटर या आॅक्सीजन सिलेन्डर की पर्याप्त व्यवस्था रखने का आदेश दिया है। उन्होंने आदेश दिया है कि निजी अस्पताल अपने यहाँ इन सुविधाओं का अनुरक्षण और चलाने के लिए प्रशिक्षण और रख-रखाव की व्यवस्था भी करेंगे। अमित मोहन प्रसाद ने निजी अस्पतालों को आॅक्सीजन हेतु उपलब्ध सभी व्यवस्थाएं सुचारू ढंग से क्रियाशील रखने का निर्देश दिया है। अपर मुख्य सचिव ने ये निर्देश कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर दिए हैं, ताकि भविष्य में रोगियों को जरूरत पड़ने पर आॅक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति प्राप्त हो सके।
हज हाउस गाजियाबाद एवं लखनऊ को पी.पी.पी मॉडल पर संचालित कराए जाने के सम्बंध में शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही कराई जाए 
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज व वक्फ, राजनैतिक पेंशन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी‘ ने आज विधानसभा के अपने कक्ष में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में मंत्री नंदी ने पी.एम.जे,वी.के. योजना के अंतर्गत परियोजनाओं के बारे में जानकारी ली और कहा कि प्रथम किश्त की धनराशि 79.61 करोड़ निर्गत करने की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित करें। इसी तरह द्वितीय किश्त की समर्पित धनराशि 33.61 करोड़ रूपये निर्गत करने की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित की जाय। नंदी नेे कहा कि एम.एस.डी.पी. पोर्टल को तत्काल राज्य सरकार तथा भारत सरकार के इंटीग्रेटेड पोर्टल सिस्टम के रूप में विकसित किया जाए। उच्च शिक्षा विभाग से सहमति प्राप्त कर वित्त विभाग से धनराशि तत्काल अवमुक्त कराना सुनिश्चित करें। पीएमजेवीके के वित्तीय कार्यों को ऑडिट कराया जाए, जिससे सरकार का नुकसान कम किया जा सके और सही मूल्यांकन कर पुनरीक्षित लागत के मामलों में सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी मदरसों को ऑनलाइन करने के साथ ही रजिस्ट्रार चिट्स एवं फंड उत्तर प्रदेश के आदेशों/निर्णयों का विशेष ध्यान देते हुए उनकी प्रगति का अपडेशन भी किया जाए। नंदी नेे कहा कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत आच्छादित शिक्षकों का भुगतान ऑनलाइन माड्यूल के माध्यम से मदरसा पोर्टल में निहित व्यवस्था के तहत किया जाए जैसे स्कॉलरशिप प्रोग्राम में किया जाता है डायरेक्ट पेमेंट ट्रांसफर। श्री नंदी ने कहा कि छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत आउटसोर्सिंग के माध्यम से जो लोग रखे गए हैं उनको समय से वेतन देना सुनिश्चित किया जाए और बिना अंक के प्रोन्नत छात्रों को वर्ष 2021-22 में छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति संबंधी प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए। नंदी नेे कहा कि एक लाख से अधिक आय वाली वक्फ संपत्तियों को ऑडिट कराया जाए, वक्फ बोर्ड के कार्यकलापों/योजनाओं के ऑडिट की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के डिजिटलाइजेशन का कार्य पूर्ण करने के लिए इसे और बेहतर करने का प्रयास करें।
मंत्री नंदी ने भारत सरकार द्वारा संचालित नई रोशनी उस्ताद तथा सीखो, कमाओ आदि योजनाओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों के स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के ऋण वितरण हेतु उपलब्ध धनराशि लगभग 20 करोड़ रू0 के वितरण की कार्य योजना के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लखनऊ में अल्पसंख्यक कल्याण भवन के निर्माण के लिए कई बार कहा जा चुका है। बिना विलंब किए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाए और जिलों में अल्पसंख्यकों के लिए चल रही योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के लिए कार्य योजना तैयार करें। विभाग की उपलब्धियों की होर्डिंग/बुकलेट बनाकर प्रचार प्रसार करें। उन्होंने ने कहा कि अल्पसंख्यक विभाग की खाली पड़ी संपत्तियों को विभिन्न एनजीओ को पार्टनर बनाते हुए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की विभिन्न स्कीमों जैसे सीखो और कमाओ, उस्ताद, नई रोशनी, नई उड़ान आदि के लाभार्थियों को खाली पड़ी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संपत्तियों में ट्रेनिंग देकर उनकी आय बढ़ाई जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण, रवीन्द्र नायक, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, सी0 इन्दुमती, विशेष सचिव, डी0एस0 उपाध्याय, शिवाकान्त द्विवेदी, जे0पी0 सिंह, संयुक्त निदेशक, एस0एन0 पाण्डेय, श्री राहुल गुप्ता, सचिव राज्य हज समिति एवं रजिस्ट्रार, आर0पी0 सिंह और उच्च अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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दिव्यांगों के पास खुद चलकर, जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, समस्याओं का किया जाय त्वरित निदान
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने-7 कालीदास मार्ग स्थित आवास (कैम्प कार्यालय) पर लगभग 3 दर्जन जनपदों से आये लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होने जनसुनवाई के दौरान एक-एक व्यक्ति की समस्या को पूरी गम्भीरता से सुना तथा समस्याओं के निराकरण हेतु विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधिकारी से बात की। जनता दर्शन में बुजुर्ग, महिलाएं, पुरूष एवं दिव्यांग सहित सैकड़ों लोगों ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्यायें बतायी। बतायी गयी समस्याओं में मुख्य रूप से राशन न मिलना, अवैध कब्जा, पेंशन, ऋणमाफी, नौकरी, मारपीट, राजस्व अधिक्रमण, प्रधानमंत्री आवास/मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास, सड़कों, शादी हेतु सहायता, जमीनी विवाद, चिकित्सा सहायता, बैट्री चालित रिक्शा दिलाने, आर्थिक सहायता दिलाने, मृतक आश्रित हेतु नौकरी, प्राकृतिक आपदा से हुये नुकसान के लिये मदद आदि थीं। जनता दर्शन में आए दिव्यांगों से उपमुख्यमंत्री ने स्वयं आगे बढ़कर उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनी तथा त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। आवास पर आये मरीजों के इलाज हेतु उपमुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता दिलाने का विश्वास दिलाया और प्रत्येक व्यक्ति की हर सम्भव मदद हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उपमुख्यमंत्री ने कमिश्नर प्रयागराज, जिलाधिकारी लखनऊ, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलन्दशहर सहित शासन के कई अधिकारियों से समस्याओं के निराकरण के बाबत दूरभाष पर वार्ता भी की। दिव्यांगों के पास स्वयं जाकर जमीन पर बैठकर उनकी समस्याओं को गम्भीरतापूर्वक सुना और उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी समस्या का हर हाल में समाधान कराया जायेगा।
सीतापुर के रामचन्द्र ने कोटेदार के सम्बन्ध में, फतेहपुर के दिव्यांग हरछठिया ने बैट्री चालित रिक्शा व हैण्डपम्प की मांग की, मथुरा के पार्षद चन्द्रभान ने सम्पर्क मार्ग, जौनपुर के श्रवण कुमार सिंह ने प्राकृतिक आपदा से हुये नुकसान पर आर्थिक सहायता दिलाने, कन्नौज के सुनील बाथम ने आवास दिलाने, प्रयागराज के श्यामलो दत्त शुक्ला ने जमीनी विवाद, गोण्डा के राम निहाल ने अवैध कब्जा हटवाने, मऊ के विनय राय ने सड़क बनवाने, हाथरस के दक्ष गौतम ने मेजर ध्यानचन्द्र विजय पथ बनवाने जैसी समस्याएं रखीं। जनता दर्शन के दौरान मा0 सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मन्त्री डाॅ0 रामशंकर कठेरिया जी ने शिष्टाचार भेंट की। वूमेन टीचर्स एसोसिएशन सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि मण्डलों ने भी मा0 उपमुख्यमंत्री जी से मिलकर अपनी समस्याएं बतायीं। उपमुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं के निराकरण हेतु जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक सहित सम्बन्धित अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया।
असंगठित क्षेत्र में 45 प्रकार के कार्य करने वाले कामगारों को मिलेगा लाभ
प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों व श्रमिकों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने तथा उनके जीवन को खुशहाल बनाने के लिए मुख्यमंत्री योग आदित्यनाथ जी द्वारा 09 जून, 2021 को उ0प्र0 राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के पोर्टल का शुभारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से असंगठित क्षेत्र के 45 प्रकार के कार्य करने वाले कामगार आॅनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना संचालित कर रही है, जिसका लाभ लेने के लिए असंगठित श्रमिक ऑनलाइन पंजीकरण बोर्ड के पोर्टल ूूूण्नचेेइण्पद पर करा सकते हैं। अभी तक इस पोर्टल पर 4658 श्रमिक अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रदेश सरकार असंगठित क्षेत्र के ऐसे श्रमिकों को लाभान्वित करने का बीड़ा उठाया है, जिन्हें अब तक किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए कामगारों को अपना आधार कार्ड, नामिनी का आधार कार्ड, राशनकार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं फोटो के साथ बोर्ड के पोर्टल पर सीधे आॅनलाइन पंजीकरण करायें अथवा श्रम कार्यालय के माध्यम से भी करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण शुल्क हेतु रु0 10 तथा अंशदान हेतु रु0 10 प्रतिवर्ष की दर से 05 वर्षों के लिए कुल रु0 60 जमा करना होगा।
श्रम मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में 02 लाख रुपये की आर्थिक सहायता आश्रित को मिलेगी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पंजीकृत कामगारों एवं उनके परिजनों को सरकारी एवं निजी अस्पतालों में 05 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की निःशुल्क सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र में 45 प्रकार के कार्य करने वाले विभिन्न श्रेणी के कामगारों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर, कोरी, जुलाहा, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, कूड़ा बीनने वाले, हाथ ठेला चलाने वाले, फुटकर सब्जी, फल-फूल विक्रेता, चाय-चाट का ठेला लगाने वाले, फुटपाथ व्यापारी, हमाल, कुली, जनरेटर लाइट उठाने वाले कैटरिंग में कार्य करने वाले, फेरी लगाने वाले, मोटरसाइकिल-साइकिल की मरम्मत करने वाले, गैरेज कर्मकार, परिवहन में लगे कर्मकार, ऑटो चालक शामिल हैं।

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उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत सफाई कामगार, ढोल-बाजा बजाने वाले, टेंट हाउस में काम करने वाले, मछुआरा, तांगा-बैलगाड़ी चलाने वाले, अगरबत्ती बनाने वाले, गाड़ीवान, घरेलू-कुटीर उद्योग में लगे मजदूर, भड़भूजे, पशुपालन-मत्स्य पालन-मुर्गी-बत्तख पालन में लगे कर्मकार, दुकानों में काम करने वाले मजदूर, खेतिहर कर्मकार, चरवाहा, दूध दुहने वाले, नाव चलाने वाला (नाविक), नट-नटनी, रसोईया, हड्डी बीनने वाले,  समाचार पत्र बांटने वाले, ठेका मजदूर, रंगाई-कताई-धुलाई का कार्य करने वाले, दरी, कंबल, जरी, जरदोजी, चिकन का कार्य करने वाले, मीटशाप व पोल्ट्री फार्म पर कार्य करने वाले, डेयरी पर कार्य करने वाले, कांच की चूड़ी एवं अन्य कांच उत्पादों में स्वरोजगार का कार्य करने वाले कर्मकार अपना पंजीकरण कराकर योजनओं का लाभ लें।
गोंवशीय पशुओं में सेक्स्ड सीमेन के उपयोग योजना के सुचारू संचालन के लिए 1641.954 लाख रूपये स्वीकृत
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पशुधन विभाग की गोंवशीय पशुओं में सेक्स्ड सीमेन (वर्गीकृत वीर्य)के उपयोग की योजना के सुचारू संचालन के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष प्रथम फेज में 1641.954 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रदेश के समस्त जनपदों में संचालित कृत्रिम गर्भाधान की राज्य योजना में सामान्यतः सेक्स्ड सीमेन का उपयोग मादा संततियों की प्राप्ति हेतु किया जाता है। सेक्स्ड सीमेन के उपयोग से अधिक मादा संतति की प्राप्ति, अनुपयोगी नरवत्सों की संख्या में कमी, त्वरित आनुवंशिक उन्नयन, तेजी से पशु समूहों में बढ़ोत्तरी, सरल तरीके से संतति का उत्पन्न होना, अधिक दूध उत्पादन एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि जैसे लाभ हो रहे है। कृत्रिम गर्भाधान कार्य निःशुल्क रूप से कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं के माध्यम से किया जाता है। पशुधन विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी करते हुए योजना के सुनियोजित क्रियान्वयन के आवश्यक दिशा-निर्देश पशुपालन विभाग के निदेशक, प्रशासन एवं विकास को दे दिए गए है। शासनादेश में कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण व व्यय योजना के समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों  तथा शासनादेश में निहित व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत छः करोड़ 40 लाख रूपये से अधिक की धनराशि अवमुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 640.68 लाख रूपये (रूपये छः करोड़ चालीस लाख अड़सठ हजार मात्र) की धनराशि अवमुक्त कर दी है। इस सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही के लिए आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग, उ0प्र0 को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं। जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि यह धनराशि मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत नान आई0ए0पी0 के 1594 एवं आई0ए0पी0 के 07, कुल 1601 पात्र लाभार्थियों हेतु प्रथम किश्त के रूप में स्वीकृत की गयी है। पात्र लाभार्थियों की संख्या, आंकड़ों की शुद्धता एवं धनराशि की अनुमन्यता की पुष्टि का दायित्व ग्राम्य विकास आयुक्त का होगा। इस धनराशि का कोषागार से आहरण एवं व्यय तभी किया जायेगा, जब आयुक्त, ग्राम्य विकास द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद योजना के कार्यक्रमों का क्रियान्वयन और संचालन किया जाना आवश्यक एवं अपरिहार्य है।
मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2021-22 के जून माह में कुल  11164.11 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज यहां अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए बताया कि मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2021-22 के जून माह में कुल 11164.11 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि वर्ष 2020-21 के जून माह में 9034.83 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस प्रकार माह जून, 2021 में गत् वर्ष के माह जून, 2020 की तुलना में 2129.28 करोड़ रू0 अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि जी0एस0टी0 के अन्तर्गत माह जून, 2021 में कुल  3481.73 करोड़ रू0 की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत् वर्ष जून,2020 के माह में प्राप्ति  2938.91 करोड़ रू0 थी। वैट के अन्तर्गत माह जून, 2021 में 2033.44 करोड़ रू0 की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत् वर्ष माह जून, 2020 में प्राप्ति 1522.20 करोड़ रू0 थी। वित्तमंत्री ने बताया कि आबकारी के मद में माह जून, 2021 में कुल  2988.96 करोड़ रू0 की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत् वर्ष माह जून, 2020 में प्राप्ति  2754.93 करोड़ रू0 थी। स्टाम्प तथा निबन्धन के अन्तर्गत माह जून, 2021 की राजस्व प्राप्ति 1825.40 करोड़ रू0 है जबकि गत् वर्ष माह जून, 2020 में प्राप्ति  1048.59 करोड़ रू0 थी। परिवहन के अन्तर्गत माह जून, 2021 की राजस्व प्राप्ति  591.10 करोड़ रू0 है जबकि गत् वर्ष माह जून, 2020 में प्राप्ति  433.13 करोड़ रू0 थी। करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भू-तत्व तथा खनिकर्म के अन्तर्गत माह जून, 2021 में प्राप्ति माह जून, 2021 में प्राप्ति 243.48 करोड़ रू0 है जबकि गत् वर्ष माह जून, 2020 में प्राप्ति  337.07 करोड़ रू0 थी। सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में जून 2021 तक मुख्य कर राजस्व के अन्तर्गत 44826.19 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 30156.58 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है, जो लक्ष्य का 67.3 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जून, 2021 तक करेत्तर राजस्व प्राप्ति के मदों में 6067.85 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 1953.43 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। कर राजस्व की मद जी0एस0टी0 एवं वैट में जून, 2021 तक 22813.19 करोड़ रूपये के लक्ष्य के सापेक्ष 16556.76 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। उन्होंने बताया कि वैट के मद में 6087.09 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 5146.60 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है जो 84.5 प्रतिशत है। वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रथम तिमाही में आबकारी मद में लक्ष्य 11953.00 करोड़ रूपये के सापेक्ष 8368.64 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। स्टाम्प तथा निबन्ध के मद में 6296 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 3669.64 करोड़ रूपये की प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि परिवहन के मद में वित्तीय वर्ष 2021-22 में जून तक 2361 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 1459.88 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है।
मुख्यमंत्री के मिशन रोजगार के अन्तर्गत विगत 04 वर्षो में 04 लाख से अधिक युवाओं को मिला रोजगार
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के मिशन रोजगार के अन्तर्गत प्रदेश की वर्तमान सरकार विगत 04 वर्षो में 04 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दे चुकी है। इसी क्रम में केवल बेसिक शिक्षा विभाग में ही 01 लाख 25 हजार से अधिक सहायक अध्यापकों की भर्ती की जा चुकी है। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्व0प्रा0) डा0 सतीश चन्द्र द्विवेदी आज बापू भवन स्थित द्वितीय तल सभागार मंे 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के सम्बन्ध में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि मण्डल से मुलाकात कर रहे थे। मुलाकात के दौरान पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों द्वारा सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के सम्बन्ध मंे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट की अनुपालन की मांग की गयी, जिस पर मा0 मंत्री डा0 द्विवेदी द्वारा आश्वासन दिया गया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के सम्बन्ध मेें जो भी जानकारी मांगी गयी है, उसे समय-समय पर विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया है और जिस रिपोर्ट का अभ्यार्थियों द्वारा हवाला दिया जा रहा है वह रिपोर्ट अधिकारिक रूप से प्राप्त कर आवश्यक सूचना एक सप्ताह के अन्दर आयोग को उपलब्ध करा दी जायेगी। उन्होने कहा कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की गयी है। इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों पूरा अनुपालन किया गया है। इस अवसर पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनन्द, निदेशक बेसिक शिक्षा डा0 सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह तथा सचिव, बेसिक यिाक्षा परिषद् प्रताप सिंह बघेल भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से स्ट्रीट वेण्डर हो रहे है आत्मनिर्भर
कोविड-19 के दौरान छोटे-बड़े शहरों में रेहड़ी वाले, पटरी व सड़क किनारे दुकान, कोई धन्धा, कारोबार करके रोज कमाने रोज खाने वाले काफी दुकानदार एवं वेण्डर्स अपनी रोजी-रोटी चलाते थे, वह लाॅकडाउन के दौरान बन्द हो गया था। ये शहरी पथ विक्रेता ऐसे होते है, जो प्रतिदिन वस्तुएं खरीदते है, उसे प्रतिदिन बेचते है और प्रतिदिन जो कमाते है उससे उनके परिवार का पालन होता है। ऐसे शहरी पथ विक्रेताओं की संख्या प्रदेश में लाखों की है। कोविड-19 वैश्विक महामारी का शिकार, गाॅव, शहर, कस्बे, महानगर में रहने वाले हर स्तर के लोगों को होना पड़ा। कारखानेे, मिल, व्यापार, उद्योग, आजीविका के संसाधन सभी बन्द होने से छोटे-बड़े व्यापारी कारोबारियों  पर विशेष प्रभाव पड़ा। कोरोना की दूसरी लहर में आंशिक कोरोना कफ्र्यू होने के कारण छोटे शहरी कारोबारियों के पथ विक्रेता भी प्रभावित हुए। जो लोग दैनिक आजीविका के कारोबार करते थे, धनाभाव के कारण बन्द हो गया। कारोबार बन्द होने से शहरी पथ विक्रेताओं के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया था।
शहरी पथ विक्रेताओं की इन्हीं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 01 जून, 2020 से प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर्स आत्मनिर्भर निधि योजना का शुभारम्भ किया है, जिसके अन्तर्गत शहरी पथ विक्रेताओं को पुनः अपना व्यवसाय कार्य प्रारम्भ करने के लिए 10 हजार रूपये का ऋण 12 मासिक किश्तों पर 07 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी की छूट पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। शहरी पथ विक्रेताओं को पुनः अपना कार्य शुरू कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज के रूप में आसान किश्तों पर ऋण की सुविधा देकर कार्यशील पूॅजी बनाने में उनकी सहायता की जा रही है। सरकार बेरोजगार हुए हर वर्ग के लोगों की सहायता कर रही है। खेतिहर मजदूर, किसान, कारीगर, कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिक, उद्योग-धंधों के लोगों, उद्यमी-व्यवसायी सबको सरकार आवश्यक सहायता कर रही है। प्रदेश में शहरी रेहड़ी पटरी वालों व छोटी-मोटी दुकान वालों को अपना कारोबार फिर से खड़ा करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित स्वनिधि योजना से प्रदेश सरकार पथ विक्रेताओं को लाभान्वित करा रही है। जो लोग पहले से वेंडिंग कर रहे है, वे वेंडर्स इस योजना से लाभ उठा सकते है। इस योजना के अन्तर्गत लाभ लेने के लिए सर्वेक्षण सूची में नाम भी होना चाहिए। नगर निकायों द्वारा पटरी दुकानदारों का सर्वेक्षण कराते हुए उनका पंजीयन किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के समस्त नगर निगमों, नगर निकायों से चिहिन्त पंजीकृत 9,82,000 शहरी पथ विक्रेताओं का डाटा विवरण योजना के पोर्टल पर उपलब्ध कराये गये है। इस योजना के अन्तर्गत 9.57 लाख आॅनलाइन आवेदन प्राप्त हुए जिनमं 6.37 लाख को ऋण स्वीकृत करते हुए वितरण किया गया है। प्राप्त आवेदनों में 1.28 लाख लाभार्थियों के आवेदन पत्रों में कुछ त्रुटियाॅ पाई गई जिसे सही कराते हुए उन्हें भी लाभान्वित किया जायेगा। प्रदेश सरकार आवेदन फार्म तथा संबंधित बैंक के बन्धक पत्र में भी आवश्यक सहयोग कर रही है, जिससे वेण्डर्स दैनिक कमाई करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकें। प्रदेश के शहरी पथ विक्रेता इस योजना का लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भर हो रहे हैं।

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