गुजरात में आज होगी भाजपा विधायक दल की बैठक, सीएम की रेस में इन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने आज अपना इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही खबर यह है कि आज रात गुजरात में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी। सभी विधायकों को अहमदाबाद पहुंचने को कहा गया है। इन सब के बीच ऐसे कई नाम है जो मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे हैं। माना जा रहा है कि भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद नए सीएम के नाम का ऐलान हो सकता है।
इन नामों की चर्चा 
इन सबके बीच आपको बता दें सीएम की रेस में 4 नाम सबसे आगे हैं। यह नाम है केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, गोवर्धन झड़फिया, गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटील और वर्तमान में उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल का।
 

इसे भी पढ़ें: रुपाणी के इस्तीफे की पटकथा अमित शाह ने 9 सितंबर को ही लिख दी थी? चुनाव से एक साल पहले आनंदीबेन पटेल की भी हुई थी विदाई

 
मनसुख मांडविया
मनसुख मांडविया वर्तमान में केंद्रीय कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी के साथ-साथ उर्वरक मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद करीबी नेताओं में से एक कहा जाता है। साथ ही साथ उन्हें लो प्रोफाइल नेता के तौर पर पेश किया जाता है जो लगातार लोगों के बीच में रहना पसंद करते हैं।
सीआर पाटील 
गुजरात भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत रघुनाथ पाटील वर्तमान में लोकसभा के सदस्य हैं। वह तीसरी बार नवसारी से जीतकर सांसद बने हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने में कामयाब हुए थे। वह खामोश रहकर काम करने में माहिर है। वह संगठन में लगातार काम करते रहे हैं। साथ ही साथ संघ और आलाकमान दोनों के बेहद करीबी हैं।
 

इसे भी पढ़ें: गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पद से दिया इस्तीफा, बोले- PM मोदी का आभारी हूं

नितिन पटेल 
गुजरात के वर्तमान में उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन पटेल भी मुख्यमंत्री की रेस में हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद वह मुख्यमंत्री बनते बनते रह गए थे। नितिन पटेल ने तो मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी जिम्मेदारियों का भी ऐलान कर दिया था और अपनी प्राथमिकता भी बता दी थी। लेकिन बाद में उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया गया। कई दिनों तक उनकी नाराजगी की भी खबर थी।
 
गोवर्धन झड़फिया
गोवर्धन झड़फिया भी मुख्यमंत्री की रेस में आगे हैं। गोवर्धन झड़फिया गुजरात में केशुभाई पटेल के कार्यकाल के दौरान भी मंत्री रहे हैं और 2002 में जब दंगे हुए थे उस समय वह नरेंद्र मोदी की सरकार में गृह मंत्री थे। हालांकि 2002 के बाद नरेंद्र मोदी से गोवर्धन झड़फिया के रिश्तो में दरार आने लगी। झड़फिया ने भाजपा से दूरी बना ली। हालांकि बाद में उन्हें भाजपा में शामिल किया गया और यूपी में भाजपा का सह-प्रभारी भी बनाया गया।
 
 

Source Link

Share:
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply