अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट की जांच हुई तेज, CBI ने 43 जगहों पर मारा छापा

27 मार्च 2017 की बात है सूबे की बागडोर संभालने के बाद दूसरे ही हफ्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट का दौरा करने पहुंचे थे। जैसी ही वो यहां रिवर फ्रंट पर आकर खड़े हुए वहां चल रहे फव्वारे का पानी आकर उनके मुंह पर गिरा। और फिर योगी बोल पड़े- “ये गोमती का नहीं ये तो नाले का पानी है”। रिवर फ्रंट का हाल देख योगी बेहद नाराज हुए थे और अफसरों से पूरे काम का लेखा-जोखा मांगा था। अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बने रिवर फ्रंट को समाजवादी पार्टी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया गया था। 

सीबीआई की ताबड़तोड़ छापेमारी 

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार में बने गोमती रिवर फ्रंट को लेकर सीबीआई की जांच जारी है और गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण से जुड़े इंजीनियर्स पर कई गंभीर आरोप हैं। चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को पहले ही जेल भेजा जा चुका है और उसके सहयोगी भी जेल की हवा खा रहे हैं। सीबीआई ने आज गोमती रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के सिलसिले में गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा समेत कई राज्यों में करीब 43 जगहों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिकी में करीब 180 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है जिनमें बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश सरकार के अभियंता तथा अन्य अधिकारी शामिल हैं। सीबीआई ने उक्त परियोजना के सिलसिले में यह दूसरी प्राथमिकी दर्ज की है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं जिनमें अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी और मायावती की अगुवाई में बहुजन समाज पार्टी के साथ ही कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को राज्य की सत्ता से हटाने की कोशिश करेंगे ।इस मामले में सीबीआई की यह दूसरी एफआईआर है इससे पहले 30 नवंबर 2017 को सीबीआई ने इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की थी।

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 गोमती रिवर फ्रंट की जांच रिपोर्ट

हाईकोर्ट के रिटायर जज आलोक सिंह की अगुवाई में तीन सदस्यों की कमेटी ने जांच की। 74 पन्नों की रिपोर्ट में कई खामियां उजागर हुईं और यहां तक कहा गया कि रिवर फ्रंट बनाने में दाल में नमक की तरह नहीं बल्कि नमक में दाल की तरह घोटाला हुआ है। इस जांच रिपोर्ट में करोड़ों के घोटाले की बात सामने आई। जिन कामों को पूरा बताया गया था वो अधूरे हैं। प्रारंभिक जांच के बाद केस सीबीआई को सौंप दिया गया था। अब सीबीआई इस घोटाले के बड़े जिम्मेदारों पर अपना शिकंजा कस रही है।

 लोगों का पैसा सपा सरकार ने लूटा: सिद्धार्थनाथ सिंह 

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि गोमती रिवरफ्रंट का घोटाला समाजवादी पार्टी का चाल, चरित्र और चेहरा है। समाजवादी पार्टी के शासनकाल में लोगों का पैसा इन्होंने लूटा है। सांप्रदायिकता और भ्रष्टाचार सपा का एजेंडा है। इतना बड़ा घोटाला हुआ है तो जिम्मेदारी तो तय होगी। ये सब सीबीआई को देखना है। सीबीआई एक स्वतंत्र ईकाई जो जांच कर रही है और इसमें जल्द खुलासा होगा।  

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