चीन की वजह से क्या भारत झेलेगा बिजली संकट? चीन लगातार कर रहा है हस्तक्षेप

नयी दिल्ली। जैसा कि जगज़ाहिर है, भारत के प्रति चीन लगातार आक्रमक तैवर दिखाता रहा है। भारत के प्रति तो उसका नज़रीया हमेशा से आक्रमक रहा है। बावजूद इसके ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नौंचे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। कहना गलत नहीं होगा कि भारत को लगातार नुकसान पहुंचाने के इरादे में अभी तक चीन सफल नहीं हो पाया है। लेकिन अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि भारत में कोयला संकट की वजह चीन बन सकता है।
 बिजली संकट की वजह बन सकता है चीन
मालूम हो कि चीन में पिछले दिनों बिजली के संकट की खबरें दुनिया भर में सुर्खियों में थीं। अब भारत में भी हालात ठीक वैसे ही बन रहे हैं। भारत में बिजली बनाने वाले थर्मल पावर प्लांट को कोयले की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से बहुत से पावर प्लांट में उत्पादन ठप हो चुका है, जबकि बहुत से पावर प्लांट में उत्पादन ठप हो सकता है। इस बीच खबरें ऐसी आई है कि भारत की इस बिजली संकट की वजह चीन बन सकता है।
चीनी में भारतीय कोयला महिनों से पड़ा है
भारत असल में ऑस्ट्रेलिया से कोयला आयात करता है और चीन के बंदरगाह पर भारत का 20 लाख टन से अधिक ऑस्ट्रेलियाई कोयला महीनों से पड़ा हुआ है। जिन लोगों ने ऑस्ट्रेलिया से यह कोयला खरीदा है, उन्होंने यह जानकारी दी है। इस बात से ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि कैसे राजनीतिक स्थितियों की वजह से देश आपस में एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने में पीछे नहीं रहते। चीन के इस कदम की वजह से भारत में बिजली सप्लाई का संकट खड़ा हो सकता है जिससे भारतीयों को काफी बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
भारत को कोयला डिस्काउंट पर मिला
भारत ऑस्ट्रेलिया से इस समय 12 से $15 प्रति टन की अकाउंट पर कोयला खरीद रहा है। यह वास्तव में दुनिया का सबसे सस्ता थर्मल कोल है जो बाजार में बेहतरीन क्वालिटी के कोयले के बराबर है। भारत में सीमेंट बनाने वाली और आयरन स्पोंज प्लांट घरेलू बाजार में कोयले की कमी से निपटने के लिए आस्ट्रेलियाई कोयला आयात करती हैं।
चीन ने बिगाड़े दोनों देशों से संबंध 
कुछ दिनों से चीन और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों में खटास देखने को मिल रही है। इसके साथ ही  पिछले दिनों से चीन से भारत के संबंध भी बहुत अच्छे नहीं चल रहे हैं। चीन में बिजली का जबरदस्त संकट है और आने वाली सर्दियों में यह संकट और बढ़ने की आशंका है। इसके बाद भी चीन ऑस्ट्रेलिया से कोयला आयात करने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। भारत की कंपनियों ने ऑस्ट्रेलिया से 20 लाख टन थर्मल कोल खरीदा है जो चीन के बंदरगाह पर पड़ा हुआ है।

Source Link

Leave a Reply