उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया

सियोल। उत्तर कोरिया ने सोमवार को कहा कि उसने लंबी दूरी की नई क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। बीते कई महीनों में उत्तर कोरियाई मिसाइल परीक्षण की यह पहली ज्ञात गतिविधि है जो रेखांकित करती है कि किस तरह अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में गतिरोध के बीच उत्तर कोरिया सैन्य क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने सोमवार को कहा कि क्रूज मिसाइल विकसित करने का काम बीते दो साल से चल रहा था और शनिवार तथा रविवार को परीक्षण के दौरान उसने 1,500 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य पर मार करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है। उत्तर कोरिया ने नई मिसाइलों को ‘‘बेहद महत्वपूर्ण सामरिक हथियार’’ बताया जो सेना को मजबूत करने के देश के नेता किम जोंग उन के आह्वान के अनुरूप है।

इसका मतलब यह है कि ऐसी मिसाइलें विकसित करने के पीछे उनका इरादा सेना को परमाणु हथियारों से लैस कराने का है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने मिसाइल परीक्षण की तस्वीरें जारी कीं। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि सेना अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया की खुफिया सेवा के जरिए उत्तर कोरिया के परीक्षणों का विश्लेषण कर रहा है। अमेरिकी हिंद प्रशांत कमान ने कहा कि वह सहयोगियों के साथ मिलकर हालात पर नजर रख रही है और उत्तर कोरिया की गतिविधियां बताती हैं कि उसका ध्यान निरंतर ‘सैन्य कार्यक्रम को विकसित करने और पड़ोसियों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरे उत्पन्न करने पर है।’’

जापान ने इसे ‘अत्यंत चिंताजनक बताया।’’
उत्तर कोरिया के मजबूत सहयोगी माने जाने वाले चीन ने इस संबंध में पूछे जाने परकोई टिप्पणी नहीं की। चीनी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता झाओ लिजियन ने केवल ‘‘सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने, एक ही दिशा में आगे बढ़ने, सक्रिय रूप से बातचीत और संपर्क में रहने’’ का आग्रह किया ताकि एक राजनीतिक समझौते पर पहुंचा जा सके। उत्तर कोरिया द्वारा परीक्षण गतिविधियां फिर शुरू करना बाइडन प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास माना जा सकता है। यह खबर ऐसे समय में आई जब कुछ घंटों बाद बाइडन के उत्तर कोरिया के लिए विशेष प्रतिनिधि संग किम को तोक्यों में उत्तर कोरिया के साथ परमाणु कूटनीति पर बने गतिरोध के बारे में अपने दक्षिण कोरियाई और जापानी समकक्षों के साथ बात करनी है।

इससे पहले, उत्तर कोरिया ने लगभग एक साल के अंतराल के बाद, इसी साल मार्च में कम दूरी की दो बैलिस्टिक मिसाइलों का सागर में परीक्षण किया था। केसीएनए ने कहा कि मिसाइलों ने अपने निशानों पर मार करने से पहले उत्तर कोरिया की भूमि और जल क्षेत्र के ऊपर 126 मिनट तक उड़ान भरी। इसमें बताया गया कि किम के शीर्ष सैन्य अधिकारी पाक जॉग चोन ने परीक्षण का अवलोकन किया और देश के रक्षा वैज्ञानिकों से कहा कि वे उत्तर कोरिया की क्षमताओं में वृद्धि के लिए सभी प्रयास करें। ऐसा लगता है कि किम मिसाइल परीक्षण देखने के लिए नहीं पहुंचे थे।

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच वार्ता में 2019 से गतिरोध बना हुआ है, जब अमेरिका ने पाबंदियों में बड़ी राहत देने का उत्तर कोरिया का अनुरोध ठुकरा दिया था। अब किम की सरकार बाइडन प्रशासन के वार्ता के अनुरोध को ठुकरा रही है, उसका कहना है कि पहले वाशिंगटन अपनी ‘शत्रुतापूर्ण’ नीतियों को छोड़े।

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