तालिबान के शासन से पाकिस्तान की आधी से अधिक आबादी खुश, 36 फीसदी महिलाओं का भी मिला साथ

इस्लामाबाद। अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार का गठन हो चुका है और इससे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान बहुत ज्यादा खुश है। हाल ही में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भविष्य को लेकर पड़ोसी मुल्कों के साथ वार्ता की थी। इस दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह अहमद कुरैशी ने अफगानिस्तान से आतंकवाद को समाप्त करने की बात कही थी। इसी बीच एक सर्वे सामना आया है, जिसके मुताबिक पाकिस्तान की आधी से ज्यादा आबादी अफगानिस्तान में तालिबान के पक्ष में है। 

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में 2400 से अधिक लोगों से तालिबान को लेकर सवाल पूछे गए। यह सर्वे 13 अगस्त से लेकर 5 सितंबर तक चला। जिसमें पूछा गया कि क्या अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के गठन से आप लोग खुश हैं। इसके जो नतीजे सामने आए वो चौंका देने वाले थे। 15 अगस्त को काबुल में तालिबान की एंट्री हुई थी और इसी के साथ राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ दिया। विगत समय में तालिबान के शासन से हर अफगानी वाकिफ था लेकिन इस बार तालिबान ने खुद को बदला हुआ बताया था लेकिन परिस्थितियां कुछ और ही हैं।

वहीं, तालिबान के शासन से पाकिस्तान के 55 फीसदी लोग खुश हैं। जबकि 25 फीसदी लोग नाखुश हैं और 20 फीसदी लोगों ने तो कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी। सर्वे में बताया गया कि तालिबान को पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा के लोगों का सबसे ज्यादा समर्थन प्राप्त हुआ है। यहां के 65 फीसदी लोग तालिबानियों के पक्ष में हैं। जबकि पंजाब और सिंध के 54 फीसदी और शहरी क्षेत्र के 59 फीसदी लोगों ने उनके समर्थन में अपनी राय दी। 

36 फीसदी महिलाएं भी खुश

महिलाओं के साथ अत्याचार करने वाले तालिबान के समर्थन में पाकिस्तान की महिलाएं भी हैं। 58 फीसदी पुरुषों ने तो 36 फीसदी महिलाओं ने उनका समर्थन किया है। 

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वहीं, पाकिस्तान ने उम्मीद जताई कि तालिबान सरकार युद्धग्रस्त देश में शांति, सुरक्षा और स्थिरता लाएगी और अफगान लोगों की मानवीय और विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है, जिसमें अफगानिस्तान की तात्कालिक जरूरतों और प्रशासनिक संरचना की आवश्यकता को पूरा करने के लिए नए राजनीतिक ढांचे का गठन भी शामिल है।

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