लीक हुई अमेरिकी जासूसों की खुफिया लिस्‍ट, चीन, ईरान और पाकिस्तान में जा रही CIA एजेंट्स की जान

जासूसी की दुनिया में बहुत कुछ होता है। आपका सच जमाने के सामने न आए नहीं तो आपकी जान को और आपके परिवार की जान को खतरा हो सकता है। हर एजेंसी के पास रिकॉर्ड होता है कि किस देश में कौन से जासूस हैं और क्या काम कर रहे हैं इसकी लिस्ट होती है। ये लिस्ट लीक हो जाए तो तमाम तरीके से उनकी जान को खतरा हो जाता है। बहुत सारी हॉलीवुड की फिल्में आई हैं जिसमें ये दिखाया गया है कि जासूसों कि गोपनीय लिस्ट लीक हो गया और वो एक-एक कर मारे जाते हैं। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सुपरपॉवर मुल्क कहे जाने वाला अमेरिका ऐसी ही समस्या से दो चार हो रहा है। दरअसल, किसी भी दुश्मन को मात देने के लिए उसकी ताकत और कमजोर की पूरी जानकारी का होना जरूरी है। किसी भी टारगेट को खत्म करने के लिए जरूरी है उसकी सटीक लोकेशन का पता करना। किसी भी देश के लिए ऐसी तमाम जानकारी उसकी खुफिया एजेंसी लाती है। अमेरिका ने अगर दुनिया में अपनी बादशाहत कायम रखी है तो उसकी एक वजह उसकी खुफिया एजेंसी सीआईए भी है। लेकिन अब सीआईए का मिशन और उसका नेटवर्क खतरे में है। अचानक सीआईए के एजेंट्स चुन-चुनकर खत्म किए जा रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सीआईए के हर एजेंट्स पर खतरा मंडराने लगा। 

कई जासूस खत्म किए जा चुके 

सीआईए यानी सेंट्रल इनवेंस्टिगेशन एजेंसी जिसे दुनिया की सबसे घातक खुफिया एजेंसी और अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। लेकिन दुनियाभर में कई सरकारों का तख्‍तापलट करने वाली अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए इन दिनों बड़े संकट का सामना कर रही है। कोई है जो एजेंट्स का पीछा करता है। उसे एजेंट्स के मूवमेंट की सटीक जानकारी होती है। वो घात लगाकर एजेंट्स का इंतजार करता है और फिर बड़ी खामोशी से उन्हें खत्म कर देता है। ऐसा एक बार नहीं कई बार हो चुका है और कई जासूस खत्म किए जा चुके हैं। 

चीन और ईरान बना रहा निशाना? 

सीआईए ने जब इसकी तहकीकात शुरू की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। अमेरिकी अखबार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन और ईरान जैसे देशों को सीआईए के एजेंट्स की जानकारी मिल चुकी है। अमेरिका के दुश्मन अब सीआईए एजेंट्स की हत्या कर रहे हैं। सीआईए एजेंट्स के नेटवर्क से जुड़े मुखबिरों को भी खत्म किया जा रहा है। सीआईए ने अपने सभी एजेंट्स को सीक्रेट तरीके से चेतावनी दी है।  उन्हें सावधान रहने और अपने सूत्रों से दूर रहने को कहा गया है। सीआईए का मानना है कि कुछ अमेरिकी लोगों ने ईरान और चीन को उसके एजेंटों के बारे में सूचना दी जिससे ये जासूस उनकी पकड़ में आ गए। यही नहीं प्रतिद्वंदी खुफिया एजेंसियां बायोमिट्रीक स्‍कैन, चेहरे को पहचानने वाली तकनीक, एआई और हैकिंग तकनीक का इस्‍तेमाल करके सीआईए अधिकारियों पर नजर रख रहे हैं ताकि उनके सूत्रों की जानकारी की जा सके।

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