अतरौली के केएमवी इंटर कॉलेज में हुआ कल्याण सिंह का त्रयोदशी संस्कार, देखें फोटो Aligarh News

राम मंदिर निर्माण के बाबूजी अग्रिम पंक्ति के योद्धा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Aligarh: अतरौली के केएमवी इंटर कॉलेज में स्वगीय पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल श्रद्धेय कल्याण सिंह के त्रयोदशी संस्कार में अपने श्रद्धासुमन अर्पित करने के उपरान्त राज्यपाल राजस्थान कलराज मिश्र ने कहा कि कल्याण सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कार्य करने का जो सुखद अनुभव उन्हें मिला है, वह जीवन पर्यन्त किसी न किसी मोड़ पर काम आता रहेगा। बाबूजी ने भी राजस्थान के राज्यपाल के पद को सुशोभित किया है इसीलिए उनके साथ एक ही श्रेणी में आना गौरवान्वित करने वाला अनुभव है। उन्होंने अपने जीवन मूल्यों एवं सिद्धान्तों से कभी समझौता नहीं किया चाहे वह किसी भी पद पर रहे हों।

राज्यपाल उत्तराखण्ड बेबीरानी मौर्य ने कॉलेज प्रांगण में बाबूजी के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व किसी एक राज्य या प्रदेश की सीमा से परे था। उन्होंने हिन्दू हृदय सम्राट के रूप में अपनी विश्व विख्यात ख्याति अर्जित की और राम मन्दिर निर्माण के अपने संकल्प को साकार होते हुए देखा। ऐसा व्यक्तित्व सदियों में आता है जो सबके हृदय पर अमिट छाप छोड़कर जाता है।

अतरौली में आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल कल्याण सिंह के त्रयोदशी संस्कार में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत कहा कि हजारों वर्ष के सपनों को पूरा करने के लिए स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह अपने दायित्वों का निर्वहन बखूबी करने के साथ त्याग में भी कभी पीछे नहीं रहे। उन्होंने राम जन्मभूमि निर्माण के लिए विवादित ढांचे के विध्वंस की नैतिक जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था। उनके त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि बाबूजी कल्याण सिंह ने अपने लिए नहीं देश एवं समाज के लिए समर्पित होकर जीवन जीने का संकल्प लिया था, जिसका उन्होंने जीवन पर्यंत निर्वहन किया। इसी कारण उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जन संघ, भारतीय जनता पार्टी, संगठन और सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी गयी। उन्होंने अपने दायित्वों का पूर्ण निर्भीकता, दृढ़निश्चिता, ईमानदारी के साथ पूर्ण समर्पित होकर निर्वहन किया। हजारों वर्षों के सपने को साकार करने के लिए किसी भी प्रकार की निष्ठा त्याग बलिदान की आवश्यकता पड़ी तो उन्होंने कभी पीठ नहीं दिखाई, बल्कि डटकर मुकाबला किया और त्याग भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 1992 में राम जन्मभूमि निर्माण के लिए विवादित ढांचे को ढहने के उपरांत बिना किसी हिचक के उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से त्यागपत्र देकर त्याग की भावना का परिचय दिया। विवादित ढांचे के ढहने के बाद उसकी नैतिक जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए किसी भी शासकीय कर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने दी। उत्तर प्रदेश के अंदर भयमुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था को स्थापित करने का कार्य किया। दलित, गरीब, पिछड़े, मजदूरों एवं समाज के हर तबके के हित के लिए कार्य किया। शासन की योजनाओं को लागू कर उन्होंने मूर्त रूप दिया। प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में व मुख्यमंत्री के रूप में और प्रदेश के बाहर राज्यपाल के रूप में उन्होंने अपना सुशासन चलाया। वह प्रदेश के मुख्यमंत्री के अलावा राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे। उन्होंने राज्यपाल रहते हुए भी अपने कार्य को कर्तव्यनिष्ठा से निभाया। बाबूजी राम मंदिर निर्माण के अगुआ हैं और यह कार्य उन्होंने अपने जीवित रहते हुए देखा है। जो संघर्ष राम जन्म भूमि के लिए हुआ था, वह उस संघर्ष के योद्धा थे। राम मंदिर निर्माण में बाबूजी अग्रिम पंक्ति के योद्धा थे। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए अपना पूर्ण समर्पण दिया। उनकी सादगी, उनके समर्पण, शासकीय रूप से दृढ़ता, दृढ़़ निश्चय ने समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति तक विकास कार्य को पहुंचाया।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा करते हुए कहा कि लखनऊ में राष्ट्रीय कैंसर मेडिकल कॉलेज का नाम स्वर्गीय कल्याण सिंह कैंसर मेडिकल कॉलेज और बुलंदशहर में स्थापित हो रहे मेडिकल कॉलेज का नाम कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज के नाम पर रखे जाने का प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है। उन्होंने अपने सम्बोधन के अन्त में अतरौली के जनमानस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबूजी के प्रति जनमानस के समर्पण एवं संवेदनाआंे को उन्होंने 23 जनवरी को हुए अन्त्येष्टी संस्कार एवं शोभायात्रा के दौरान महसूस किया जब कई-कई किलोमीटर लम्बी कतारें बाबूजी के अंतिम दर्शन के लिए लगी हुईं थीं।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं दिनेश चन्द्र शर्मा, केन्द्रीय राज्यमंत्री सहकारिता बीएल वर्मा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जनपद प्रभारी मंत्री एवं मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी मिलें उप्र शासन सुरेश राणा, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री ठा. रघुराज सिंह, सुनील भराला, राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी, एससी एसटी आयोग के सदस्य सुरेन्द नायक, सांसद सतीष गौतम, एमएलसी डा. मानवेन्द्र प्रताप सिंह, ठा. जयवीर सिंह, विधायक संजीव राजा, अनिल पाराषर, राजकुमार सहयोगी, अनूप प्रधान, ठा. रवेन्द्रपाल सिंह, ठा. दलवीर सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह, ठा. श्यौराज सिंह, ठा. गोपाल सिंह, सुश्री पूनम बजाज प्रदेष मंत्री बीजेपी, अनीता जैन बृज क्षेत्र प्रभारी, पूर्व राज्यसभा सांसद चौधरी बिजेन्द्र सिंह सहित अन्य प्रदेष के विभिन्न जनपदों से आए अन्य जनप्रतिनिधियांे ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये। कार्यक्रम में डीएम सेल्वा कुमारी जे. एसएसपी कलानिधि नैथानी, सीडीओ अंकित खण्डेलवाल सहित अन्य पुलिस-प्रषासनिक एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया गया।

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