प्रधानमंत्री ने राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का किया शिलान्यास Aligarh News

  • प्रधानमंत्री ने राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय तथा उप्र डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर अलीगढ़ नोड के प्रदर्शनी मॉडल्स का अवलोकन किया
  • विश्वविद्यालय की स्थापना से अलीगढ़ मण्डल के छात्र-छात्राओं को उच्चस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं प्राप्त होंगी
  • अलीगढ़ नोड के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया पूरी, 19 कम्पनियों को भूमि का आवंटन सुनिश्चित, यह कम्पनियां 1245 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी

अलीगढ़: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का बटन दबाकर शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा उप्र इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर (अलीगढ़ नोड) के प्रदर्शनी मॉडल्स का अवलोकन एवं भूमि आवंटन शुभारम्भ की प्रगति समीक्षा की गयी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को अंगवस्त्र एवं उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, गन्ना विकास एवं चीनी मिलें एवं जनपद प्रभारी मंत्री सुरेश राणा समेत अन्य गणमान्य अतिथि सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद एवं समाज सुधारक राजा महेन्द्र प्रताप सिंह की स्मृति और सम्मान में प्रदेश सरकार द्वारा अलीगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज अलीगढ ही क्या सम्पूर्ण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज राधा अष्टमी भी है। यह अवसर आज के दिन को और भी पुनीत बनाता है। बृजभूमि के कण-कण, रज-रज में राधा ही राधा है। आज मैं आप सभी को और पूरे देश को राधा अष्टमी की बधाई देता हू। आज हमारा सौभाग्य है कि विकास के इतने बड़े कार्यक्रम की शुरूआत राधा अष्टमी के दिन से हो रही है। हमारी संस्कृति रही है कि हर कार्यक्रम की शुरूआत पर बड़े अवश्य याद आते हैं। आज इस शुभ अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल कल्याण सिंह जो हमारे बड़े हैं, की अनुपस्थिति महसूस कर रहा हू। यदि वह होते तो अलीगढ़ की नई पहचान को देखकर खुश होते। आज उनकी आत्मा जहां भी होगी, खुश हो रही होगी। हमारा राष्ट्र प्यार और तप से भरा हुआ है। आजादी के आन्दोलन में अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले राष्ट्र नायक और नायिकाओं की तपस्या को आजादी के बाद देश की अगली पीढ़ी से परिचित नहीं कराया गया। आज हमारी सरकार उनकी गाथाओं से सभी को परिचित करा रही है। 20वीं सदी में की गयी गलतियों को 21वीं सदी में सुधारा जा रहा है। आज देश आजादी के 75वें वर्ष में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। देश पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों को नमन करने का पावन अवसर है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो कुछ करना चाहते हैं, उसे राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के बारे में अवश्य जानना-पढ़ना चाहिए। अपने सपनों को पूरा करने के लिए यदि कुछ मुश्किलें एवं समस्याएं सामने आतीं हैं तो राजा महेन्द्र प्रताप सिंह को याद कर लें। वह भारत की आजादी चाहते थे और जीवन का एक-एक पल इसी के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने भारत में रहकर ही नहीं बल्कि आजादी के लिए दुनियां के कोने-कोने में- अफगानिस्तान, पोलैण्ड, दक्षिण अफ्रीका, जापान तक गये। वह भारत माता को आजादी दिलाने एवं पराधीनता की बेड़ियों को काटने में जुटे रहे। उन्होंने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वह मेरी बात को गौर से सुनें यदि लक्ष्य कठिन लगे, मुश्किलें नजर आएं तो राजा महेन्द्र प्रताप सिंह को अवश्य याद कर लें आपका हौंसला बुलन्द हो जाएगा। राजा महेन्द्र प्रताप सिंह का लक्ष्य हम सभी को प्रेरणा देता है। राजा महेन्द्र प्रताप सिंह जी जिस तरह एक लक्ष्य, कर्तव्यनिष्ठ होकर भारत की आजादी के लिए जुटे रहे वह आज भी हम सभी को प्रेरणा देता है। मुझे देश के एक और महान स्वतंत्रता सेनानी गुजराती सपूत श्याम जी कृष्ण वर्मा का स्मरण हो रहा है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान राजा महेन्द्र प्रताप सिंह, श्याम जी कृष्ण वर्मा जी और लाला हरदयाल से मिलने के लिए यूरोप गये। उसी बैठक में जो दिशा तय हुई उसी का परिणाम हमें अफगानिस्तान में भारत की पहली निर्वासित सरकार के तौर पर देखने को मिला। इस सरकार का नेतृत्व राजा महेन्द्र प्रताप सिंह जी ने किया।

उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तो मुझे 73 साल बाद श्याम जी कृष्ण वर्मा जी की अस्थियों को भारत लाने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कच्छ जाने का अवसर मिले तो कच्छ के मांडवी में श्याम जी कृष्ण वर्मा जी का बहुत ही प्रेरक स्मारक है, जहां उनके अस्थि कलश रखे गये हैं जो हमें मॉ भारती के लिए जीने की प्रेरणा देते हैं। आज देश के प्रधानमंत्री के नाते मुझे फिर से एक बार यह सौभाग्य मिला है कि मैं राजा महेन्द्र प्रताप जैसे दूरदृष्टा एवं महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर बन रही यूनिवर्सिटी का शिलान्यास कर रहा हू। मेरे जीवन का यह बड़ा सौभाग्य है मैं ऐसे पवित्र अवसर पर इतनी बड़ी संख्या में आशीर्वाद देने आई जनता जनार्दन के दर्शन करना भी शक्तिदायक होता है। उन्होंने कहा कि राजा महेन्द्र प्रताप सिंह सिर्फ भारत की आजादी के लिए ही नहीं लड़े बल्कि उन्होंने भारत के भविष्य के निर्माण की नींव में भी सक्रिय योगदान किया। उन्होंने अपनी देश-विदेश की यात्राओं से मिले अनुभवों से भारत की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने का कार्य किया। उन्होंने वृन्दावन में आधुनिक पॉलीटेक्निक कॉलेज अपनी पैतृक सम्पत्ति को दान करके बनवाया। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवार्सिटी के लिए भी बड़ी जमीन राजा महेन्द्र प्रताप सिंह ने ही दी थी। आज आजादी के अमृतकाल में जब 21वीं सदी का भारत शिक्षा और कौशल के नये दौर की तरफ बढ़ चला है, तब मॉ भारती के ऐसे अमर सपूत के नाम पर विश्वविद्यालय का निर्माण उन्हें सच्ची कार्याजंलि है। इस विचार को साकार करने के लिए योगी जी और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हू। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा का बड़ा केंद्र तो बनेगा ही साथ ही देश में डिफेंस से जुड़ी पढ़ाई, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी टैक्नोलॉजी और मैनपावर बढ़ाने वाला सेन्टर भी बनेगा। नई भारतीय शिक्षा नीति में जिस तरह शिक्षा, कौशल एवं स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर बल दिया गया है उससे इस विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने के लिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे भारत के प्रयासों को इस विश्वविद्यालय में होने वाली पढ़ाई नई गति देगी।

उन्होंने कहा कि आज देश ही नहीं दुनियां भी देख रही है कि आधुनिक ग्रेनेड और राइफल से लेकर लड़ाकू विमान, युद्धपोत, आधुनिक ड्रोन ये सब भारत में ही निर्मित करने का अभियान चल रहा है। भारत दुनियां के एक बड़े डिफेंस इम्पावर की छवि से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि हम आजादी के 75 सालों के बाद भी डिफेंस संसाधन बाहर से मंगाते रहे हैं। भारत अब डिफेंस एक्सपोर्टर की छवि बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की इस बदलती पहचान का एक बहुत बड़ा केन्द्र हमारा उत्तर प्रदेश बनने वाला है। उत्तर प्रदेश के सांसद होने के नाते मुझे इस बात का विशेष गर्व है। उन्होंने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले मैंने अलीगढ़ नोड की प्रगति का अवलोकन किया। अलीगढ़ नोड में ही डिफेंस मेन्युफैक्चरिंग से जुड़ी डेढ़ दर्जन से अधिक कम्पनियां हजारों करोड़ रूपये का निवेश कर आयुध, ड्रोन, एयरोस्पेस, छोटे हथियार, एन्टी ड्रोन सिस्टम, मेटल कम्पोनेन्ट, डिफेंस पैकेजिंग के क्षेत्र में नये उद्योग लगाकर लाखों नये रोजगार देने वालीं हैं। यह बदलाव अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि अभी तक लोग अपने घर या अपनी दुकान की सुरक्षा के लिए अलीगढ़ के तालों के भरोसे रहते थे क्योंकि अलीगढ़ का ताला अगर लगा होता था तो लोग निश्चिंत हो जाते थे। जो अलीगढ़ कल तक घरों और दुकानों की सुरक्षा करता था अब 21वीं सदी में मेरा अलीगढ़ हिन्दुस्तान की सीमाओं की रक्षा करने का काम करेगा। यहां ऐसे आयुध बनेंगे जो देश की सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होंगे।

ओडीओपी के तहत प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ के तालों एवं हार्डवेयर को नई पहचान दिलाने का काम किया है। इससे युवाओं के लिए, एमएसएमई के लिए नये अवसर तैयार हो रहे हैं। अब डिफेंस इंडस्ट्रीज के जरिये भी यहां के उद्यमियों को, एमएसएमई के लिए विशेष लाभ होगा और नये एमएसएमई के लिए प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा। जो छोटे उद्यमी हैं उनके लिए भी डिफेंस कॉरिडोर अलीगढ़ नोड नये मौके बनाएगा। डिफेंस कॉरिडोर के लखनऊ नोड में दुनियां की सबसे बेहतरीन मिसाइल में से एक ब्रम्होस मिसाइल का भी निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए अगले कुछ सालों में 9000 करोड़ रूपये निवेश किये जा रहे हैं। झांसी नोड में एक और मिसाइल मेन्युफैक्चरिंग से जुड़ी बहुत बड़ी महत्वपूर्ण यूनिट लगने का प्रस्ताव है। यूपी डिफंस कॉरिडोर ऐसे ही बड़े निवेश और रोजगार के अवसरों को लेकर आ रहा है। आज उत्तर प्रदेश देश और दुनियां के हर छोटे-बड़े निवेशक के लिए बहुत आकर्षक स्थान बनता जा रहा है। यह तब होता है जब निवेश के लिए जरूरी माहौल बनता है, जरूरी सुविधाएं मिलतीं हैं। आज उत्तर प्रदेश डबल इंजन सरकार के डबल लाभ का बहुत बड़ा उदाहरण है। योगी जी और उनकी पूरी टीम ने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के साथ उत्तर प्रदेश को नई भूमिका के लिए तैयार किया है। हम सबके प्रयास से इसे और भी आगे बढ़ाना है। समाज में विकास के अवसरों से जिनको दूर रखा गया ऐसे हर समाज को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियां के अवसर दिये जा रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश की चर्चा बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और फैसलों के लिए होती है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तो इसका बहुत बड़ा लाभार्थी है। ग्रेटर नोएडा में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का निर्माण, मल्टी बार्डर लॉजिस्टक हब, जेवर में इंटरनेशल एयरपोर्ट, आधुनिक हाइवे, एक्सप्रेस वे, मेट्रो कनेक्टिविटी जैसे अनेकों कार्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं। यूपी में चल रहे हजारों प्रोजेक्ट भारत की प्रगति का बड़ा आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे देखकर खुशी हो रही है कि जिस यूपी को देश के विकास में रूकावट के तौर पर देखा जाता था वही यूपी, देश के बड़े अभियानों का नेतृत्व कर रहा है।

शौचालय बनाने का अभियान हो, गरीबों को पक्का घर देना हो, उज्ज्वला के तहत गैस कनेक्शन हो, विद्युत कनेक्शन हो, पीएम किसान सम्मान निधि हो, हर योजना हर मिशन में यूपी ने देश के लक्ष्यों को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। 2017 से पहले गरीबों की हर योजना में यहां रोड़े अटकाए जाते थे, एक-एक योजना को लागू करने के लिए केन्द्र की तरफ से दर्जनों बार चिट्ठी लिखी जाती थी, परन्तु यहां उस गति से कार्य नहीं होता था, जैसा होना चाहिए था, वैसा नहीं होता था। यूपी के लोग भूल नहीं सकते कि पहले यहां किस तरह के घोटाले होते थे, किस तरह राजकाज को भ्रष्टाचारियों के हवाले कर दिया गया था। आज योगी जी की सरकार पूरी ईमानदारी से यूपी के विकास में जुटी हुई है। एक दौर था जब यहां शासन-प्रशासन गुण्डों और माफियाओं की मनमानी से त्रस्त था, लेकिन अब वसूली करने वाले माफियाराज चलाने वाले सलाखों के पीछे हैं। पश्चिमी यूपी के लोगों को विशेष तौर पर याद दिलाना चाहता हू कि इसी क्षेत्र में परिवार अपने ही घरों में डरकर जीते थे, बहन-बेटियों को स्कूल-कॉलेज जाने में डर लगता था, जब तक बहन-बेटियां घर वापस न आ जाएं माता-पिता की सांसे अटकी रहतीं थीं। जो माहौल था उसमें कितने ही लोगों को अपना पुस्तैनी घर छोड़ना पड़ा, पलायन करना पड़ा। आज यूपी में कोई अपराधी ऐसा करने से पहले सौ बार सोचता है। योगी जी की सरकार में गरीब की सुनवाई भी है, गरीब का सम्मान भी है। योगी जी के नेतृत्व में यूपी की बदलती कार्यशैली का बहुत बड़ा प्रमाण है सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन अभियान। उत्तर प्रदेश अभी तक 8 करोड़ से अधिक टीके लगा चुका है। देश में एक दिन में सर्वाधिक टीके लगाने का रिकॉर्ड भी यूपी के नाम है। कोरोना के इस संकटकाल में गरीब की चिन्ता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई गरीब भूखा न रहे इसके लिए महीनों से मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। गरीबों को भुखमरी से बचाने के लिए जो कार्य दुनियां के बड़-बड़े देश नहीं कर पाए, वह आज भारत कर रहा है, हमारा उत्तर प्रदेश कर रहा है।

आजादी के इस अमृतकाल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी तेजी के साथ बदलाव हो रहे हैं। बदलाव के साथ कैसे तालमेल बैठाया जाता है इसका रास्ता चौधरी चरण सिंह ने दशकों पहले देश को दिखाया। जो रास्ता चौधरी साहब ने दिखाया देश के खेतिहर मजदूरों और छोटे किसानों को कितना लाभ हुआ यह हम सभी जानते हैं। आज की अनेक पीढ़ियां उन सुधारों के कारण एक गरिमा में जीवन जी पा रहीं हैं। देश के जिन छोटे किसानों की चिन्ता चौधरी साहब को थी, उनके साथ सरकार एक साथी की तरह खड़ी रहे, यह बहुत जरूरी है। छोटे किसानों के पास दो हैक्टेयर से कम जमीन है और हमारे देश में छोटे किसानों की संख्या 80 प्रतिशत से अधिक है। इन 10 किसानों में से 8 किसान ऐसे हैं, जिनके पास जमीन का छोटा टुकड़ा है। केन्द्र सरकार का निरन्तर प्रयास है कि छोटी जोत वालों को ताकत दी जाए, किसान क्रेडिट कार्ड का विस्तार हो, बीमा योजना में सुधार हो, तीन हजार रूपये पेंशन की व्यवस्था हो ऐसे अनेक फैसले छोटे-छोटे किसानों को मजबूत कर रहें हैं। कोरोना काल में देश भर के छोटे किसानों के खातों में 1 लाख करोड़ की धनराशि हस्तांतरित की गयी जिसमें से केवल उत्तर प्रदेश के किसानों को 25 हजार करोड़ रूपये दिये गये। यूपी में बीते चार सालों में नए रिकॉर्ड बने, गन्ने के भुगतान को लेकर जो परेशानियां थीं, उन्हें लगातार कम किया जा रहा है। बीते समय में यूपी के किसानों को 1 लाख 40 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। आने वाला नया साल गन्ना किसानों के लिए नये दरबाजे खोलने वाला है। गन्ने से एथनॉल बनता है, इसका उपयोग निरन्तर बढ़ाया जा रहा है, इसका बड़ा लाभ पश्चिमी यूपी के किसानों को होने वाला है। अलीगढ़ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश आगे बढ़े इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार केन्द्र के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर दिनरात मेहनत कर रही है। विकास विरोधी ताकतों से यूपी को बचाना है, राजा महेन्द्र प्रताप सिंह जैसे राष्ट्र नायकों की प्रेरणा से हम सभी अपने लक्ष्यों में सफल हों। उन्होंने अपेन अन्तिम उद्बोधन में जनता जनार्दन का दर्शन लाभ मिलने के लिए शुभकामनांए प्रदान कीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वृन्दावन बिहारी लाल की जय से अपने उद्बोधन की शुरूआत करते हुए कहा कि विश्व के लोकप्रिय नेता अलीगढ़ की पावन धरती पर अपना आशीर्वाद देने और बहुप्रतिक्षित मांगों को पूरा करने के लिए स्वयं उपस्थित हुए हैं। जब पूरी दुनियां कोरोना महामारी से त्रस्त एवं पस्त है तब जीवन एवं जीविका को बचाने के लिए आत्मनिर्भर भारत योजना एवं गरीब कल्याण पैकेज के माध्यम से हमारी सरकार लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हुई है। कोरोना महामारी से जनसामान्य को सुरक्षित रखने की बात आई तो देश को 2-2 स्वदेशी वैक्सीन देकर अब तक 75 करोड़ लोगां का टीकाकरण किया गया है। इसके लिए प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश की जनता अभिनन्दन करती है। सदी की इस सबसे बड़ी महामारी का बेहतर प्रबन्धन दुनियां के लिए सबसे बड़ी मिसाल बनी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपने नागरिकों के हितों के साथ ही जीवन और जीविका को बचाने में किये गये कार्यों के लिए प्रधानमंत्री का मैं स्वागत करता हू। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21 फरवरी, 2018 को लखनऊ में उप्र इन्वेस्टर्स समिट का शुभारम्भ करते हुए उत्तर प्रदेश में एक डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित किये जाने की घोषणा की थी। उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के सम्यक विकास के लिए कुल 6 नोड-अलीगढ़, आगरा, कानपुर, चित्रकूट, झांसी एवं लखनऊ बनाए गए हैं। डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन (प्रथम संशोधन) नीति-2019 लागू की है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ नोड के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, 19 कम्पनियों को भूमि का आवंटन सुनिश्चित किया जा चुका है। यह कम्पनियां 1245 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी।

प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ में तीव्र गति से अवस्थापना एवं विकास के कार्य किए हैं। अलीगढ़ नोड में छोटे हथियार, आयुध, ड्रोन, एयरोस्पेस मेटल कम्पोनेंट्स, एण्टी ड्रोन सिस्टम, डिफेंस पैकेजिंग एवं अन्य इण्डस्ट्रीज प्रस्तावित हैं। उत्तर प्रदेश के डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर से देश को रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और मेक इन इण्डिया को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। बुन्देलखण्ड के चित्रकूट में खाद्य प्रसंस्करण के साथ गोला बारूद एवं अंग रक्षा उपकरण निर्माण का आधार बनेगा। झांसी जोकि मोरंग एवं अन्य उद्योगों के लिए जाना जाता है अब रक्षा इकाईयों के लिए जाना जाएगा। आगरा और कानपुर जोकि चमड़ा उद्योग के लिए जाना जाता था अब बुलेटप्रूफ जैकेट, गोला-बारूद के साथ ही अन्य शस्त्र उपकरण के लिए जाना जाएगा। रक्षा क्षेत्र में उद्यमियों द्वारा करोड़ों रूपये के निवेश प्राप्त हुए हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश भारत में रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति के चलते उत्तर प्रदेश को 3 लाख करोड़ रूपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है इससे 1.61 करोड़ लोगों को उनके गॉव एवं घर में ही रोजगार प्राप्त हुआ है।

आजादी की लड़ाई में क्षेत्र को नेतृत्व एवं उस कालखण्ड में शिक्षा का अलख जगाने वाले राजा महेन्द्र प्रताप सिंह का कोई स्मरण नहीं करता है। आज हमारे प्रधानमंत्री राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय देने के लिए उपस्थित हुए हैं। राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय देना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा कई और विश्वविद्यालय प्रस्तावित हैं जिसमें सहारनपुर में मॉ शाकुम्भरी के नाम से, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी प्रस्तावित हैं। वहीं लखनऊ में अटल जी को समर्पित मेडिकल विश्वविद्यालय एवं प्रयागराज में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शुभारम्भ किया गया है। कोरोना काल में नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही निवेश की योजनाओं को आगे बढ़ाया है। 2017 के बाद 1.45 लाख करोड़ का गन्ना भुगतान किया गया है। 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं।

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में चहुमुखी प्रगति के सतत प्रयास किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मंशा में उद्देश्यों की पूर्ति हेतु बच्चों की पुस्तकीय शिक्षा के साथ ही उनकी शाारीरिक शिक्षा, कौशल विकास, शिक्षण पद्धति में नवीन तकनीकी का प्रयोग, नवाचार एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का समावेश किया गया है। उन्होंने कहा कि राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास प्रदेश में शिक्षा की उन्नति हेतु एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कृति-देश की प्रगति की परिकल्पना को हमारी सरकार द्वारा साकार किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने वाले उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज इतने बड़े जनसमूह की उपस्थिति में देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री, राष्ट्रपुरूष द्वारा अलीगढ़ की धरती पर आकर विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी जा रही है। हम सभी जानते हैं 2017 से पहले अलीगढ़ में नकल का बोलबाल था। यहां की जनता पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नकलविहीन शासन को याद करती थी, हमारी सरकार ने नवीन टैक्नोलाजी को एडॉप्ट करते हुए परीक्षाओं की पवित्रता और सुचिताओं को बनाए रखा। दो से ढ़ाई महीनों में होने वाली परीक्षाओं का समय कम करते हुए उन्हें 12-15 दिनों में कराते हुए रोजगार युक्त एवं एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया। हमारी सरकार द्वारा 12 नये विश्वविद्यालयों समेत 77 नये महाविद्यालय एवं 250 माध्यमिक विद्यालयों का निर्माण किया गया। जल्द ही हमारी सरकार संस्कृत निदेशालय बनाने जा रही है। 92 एकड़ भूमि में बनने वाला राज्य विश्वविद्यालय कौशल शिक्षा का आधार बनने के साथ ही डिजिटल टैक्नोलॉजी एवं देशी-विदेशी शिक्षाओं का आधार बनेगा।

प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिलें एवं जनपद प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए कृत संकल्पित है शिक्षा और रोजगार के नये अवसर युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल करने का कार्य करेंगे। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाआं को रोजगारपरक, गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की जएगी। शोध और अनुसंधान के कार्य पर विशेष ध्यान देकर आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराकर, सर्जीकल एवं एयर स्ट्राइक कर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र विरोधियों को सबक सिखाने का काम किया है। सांसद हाथरस राजवीर दिलेर ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश में हमारी सरकार सबको सुरक्षा मुहैया प्रदान करने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम को विधायक खैर अनूप प्रधान, विधायक छर्रा ठा. रवेन्द्रपाल सिंह, विधायक कोल अनिल पाराशर, विधायक शहर संजीव राजा, विधायक इगलास राजकुमार सहयोगी, स्नातक एमएलसी डा. मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने भी जनसभा को सम्बोधित किया।

इस अवसर पर प्रदेश के वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, सांसद एटा राजवीर सिंह, एमएलसी ठा. जयवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं मण्डलायुक्त गौरव दयाल, डीआईजी दीपक कुमार, डीएम सेल्वा कुमारी जे., एसएसपी कलानिधि नैथानी, सीडीओ अंकित खण्डेलवाल एवं अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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