जिला स्तर पर एंटीग्रेटेड एग्रीकल्चरल प्लान तैयार करते हुए उत्पादन को बाजार से जोड़ा जाए Aligarh News

  • कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न
  • पराली का लिंकेज के माध्यम से प्रबन्धन करने के साथ ही गौवंश संरक्षण केन्द्रों पर चारे की समस्या से निजात दिलाई जाए

अलीगढ़: कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा की अध्यक्षता में मण्डलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि किसानों की आय दोगुनी हो, अधिकारी इस दशा में सार्थक पहल करते हुए हर सम्भव प्रयास करें। उन्होंने जिला स्तर पर एंटीग्रेटेड एग्रीकल्चरल प्लान तैयार करते हुए उत्पादन को बाजार से जोड़ने के निर्देश दिये। एपीसी ने पराली का लिंकेज के माध्यम से प्रबन्धन करने के तौर-तरीकों पर विस्तार से जानकारी देते हुए गौवंश संरक्षण केन्द्रों पर चारे की समस्या से निजात दिलाए जाने पर भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि किसानों से आग्रह किया जाए कि वह तिलहनी फसलों की अधिक से अधिक बुवाई करें जिससे तेल के बढ़ रहे दामों पर प्रभावी रोक लगेगी. वहीं उनको उपज का अच्छा मूल्य भी प्राप्त होगा। उन्होंने मार्केटिंग एग्रीकल्चरल हब का कायाकल्प योजना से जीर्णोद्धार कराए जाने का भी सुझाव दिया।

कलैक्ट्रेट स्थित एनआईसी में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में मण्डलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि मण्डल में रबी की उत्पादकता में बढ़ोत्तरी करने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उर्वरक एवं बीज की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मण्डल में बीज, खाद एवं अन्य कृषि निवेशों की कोई कमी नहीं है। किसानों को उनके गन्ना मूल्य का 96 प्रतिशत से अधिक भुगतान किया जा चुका है, शेष का भुगतान प्रक्रिया में है। मण्डलायुक्त ने मण्डल में कृषि विभाग से जुड़े कुछ रिक्त पदों की ओर भी वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्राथमिकता से नवीन तैनाती किये जाने का आग्रह किया।

जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने गोष्ठी में प्रधानमंत्री सम्मान निधि में नये किसानों के पंजीकरण एवं विरासत प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में अवगत कराया। पराली प्रबन्धन के लिए किसानों को जागरूक करने के निरन्तर अभियान चलाकर उन्हें पर्यावरण प्रदूषण एवं दण्डात्मक कार्यवाही के सम्बन्ध में बताया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा पराली की जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठियां का आयोजन करने के साथ ही होर्डिंग्स एवं वॉल पेंन्टिग कराई जा रही है।

उप कृषि निदेशक यशराज सिंह ने बताया कि जनपद में रबी में 2.50 लाख हैक्टेयर में खाद्यान्नों एवं तिलहन की खेती की जाती है। रबी की मुख्य फसल गेंहू, सरसों एवं आलू है। जनपद में 224788 हेक्टेयर में गेंहू, 25540 हेक्टेयर में सरसों एवं 29728 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जौ की बुवाई की जानी है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष गेंहू 41.82 कुन्तल प्रति हेक्टेयर, सरसों 17.12 कुन्तल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन हुआ, जिसमें क्रमशः 1.60 प्रतिशत एवं 0.57 प्रतिशत की वृद्धि कर 43.42 कुन्तल प्रति हेक्टेयर एवं 17.69 कुन्तल प्रति हेक्टेयर किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि किसानों को समय से कृषि निवेश उपलब्ध कराकर प्रशिक्षण के माध्यम से तकनीकी जानकारी देते हुए लक्ष्यों की पूर्ति की जा रही है। रबी में 104557 कुन्तल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 94494 कुन्तल बीज, बिक्री केन्द्रों पर उपलब्ध करा दिया गया है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य विकास अधिकारी अंकित खण्डेलवाल, जिला कृषि अधिकारी राम प्रवेश, एसई सिंचाई सहित कृषि विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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